{"_id":"eb636dc1bc6d79b407d2dff0707f35f9","slug":"law-common-enternce-test-highcourt-law-common-admission-test-chandigarh-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉ कॉमन एंट्रेंस टेस्ट मामले में हाईकोर्ट से नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉ कॉमन एंट्रेंस टेस्ट मामले में हाईकोर्ट से नोटिस जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 02 Mar 2016 09:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि देश भर में आठ मई को होने वाले कामन लॉ एडमिशन टेस्ट (एंट्रेंस टेस्ट) पर आखिर क्यों न रोक लगा दी जाए। हाईकोर्ट ने यह नोटिस एक छात्र की ओर से परीक्षा के लिए केवल ऑनलाइन विकल्प रखने को गलत ठहराते हुए दायर याचिका पर जारी किया है।
विज्ञापन
चंडीगढ़ के हमेन अग्रवाल ने एडवोकेट डॉ. अनमोल रत्न सिंह सिद्धू के माध्यम से दायर जनहित याचिका में कहा है कि 2006 से शुरू हुई यह परीक्षा ऑफलाइन ही होती आई है। इसी माध्यम से देश के 17 लॉ कालेजों में दाखिले के लिए एंट्रेंस टेस्ट होता रहा है। पिछले साल से ऑनलाइन माध्यम अपनाना शुरू कर दिया गया।
विज्ञापन
इस कारण ऐसे कई छात्र परीक्षा में नहीं बैठ सके, जिनके पास इंटरनेट नहीं है या वह ऐसे देहाती इलाकों में रहते हैं, जहां इंटरनेट सुविधा नहीं पहुंची, या फिर उनके पास कंप्यूटर नहीं था।
विज्ञापन
दूसरी दलील दी है कि ऑनलाइन परीक्षा में वैकल्पिक उत्तर नहीं बदला जा सकता, लिहाजा मांग की गई कि ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन प्रणाली जारी रखी जाए, ताकि सभी इच्छुक छात्र परीक्षा में भाग ले सकें। याचिका में बताया कि इस साल यह परीक्षा राजीव गांधी नेशनल वॉ यूनिवर्सिटी पटियाला में आयोजित होने जा रही है।
याचिका में मांग की गई है कि ऑफलाइन प्रणाली भी जारी रखी जाए और याचिका की सुनवाई तक परीक्षा पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय, बार काउंसिल ऑफ इंडिया और राजीव गांधी यूनिवर्सिटी पटियाला को नोटिस जारी कर दो मार्च तक जवाब देने को कहा था, लेकिन जवाब नहीं आया और दोबारा नोटिस जारी कर पूछा है कि आखिर परीक्षा पर रोक क्यों न लगा दी जाए।