पुलिस ने ईटीटी शिक्षकों पर जमकर लाठियां भांजी
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अमृतसर में मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे ईटीटी शिक्षकों को एडीसी ने गालियां देकर उकसाया। यह आरोप प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने लगाया है। ये ईटीटी शिक्षक जिला परिषद व पंचायतों के अधीन चल रहे स्कूलों को दोबारा शिक्षा विभाग में विलय करने की मांग कर रहे थे।
अध्यापक सुबह से ही कंपनी बाग में एकत्रित होने शुरू हो गए। इसके बाद पुलिस ने कैबिनेट मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया का घेराव करने जा रहे ईटीटी अध्यापकों को अमृतसर के डीसी रवि भगत की कोठी के बाहर ही रोक लिया। इस पर अध्यापकों ने सड़क पर ही बैठकर धरना देने शुरू कर दिया।
इस दौरान पुलिस अभियान का नेतृत्व एडीसीपी परमपाल सिंह ने ईटीटी अध्यापकों को अपशब्द कहने शुरू कर दिए। इसके बाद जब अध्यापक नेता रंजीत सिंह बाठ और अन्य अध्यापक बैरीकेड के ऊपर से निकल कर आगे बढ़ने लगे तो परमपाल सिंह ने पुलिस को लाठीचार्ज के आदेश दे दिए।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने एडीसीपी परमपाल सिंह पर गालियां देने का आरोप भी लगाया। पुलिस अधिकारी दिलबाग सिंह सोहल ने कहा कि अध्यापकों के हमले में उनका एक जवान घायल हुआ है।
आरोपी अधिकारी को निलंबित करने की मांग
अध्यापकों पर हुए लाठीचार्ज की विभिन्न संगठनों ने निंदा की है। इसमें एनएसएफ के राज्य सचिव राजबीर सिंह, भाकपा नेता बलविंदर सिंह दुधाला, माकपा नेता रत्न सिंह रंधावा, सीपीएम के सुच्चा सिंह अजनाला, किसान संघर्ष कमेटी के सतनाम सिंह पन्नू, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनदीप सिंह मन्ना शामिल हैं।
इन संगठनों ने मांग की है कि पुलिस अधिकारी परमपाल सिंह ने बिना किसी ज्यूडीशियल अधिकारी की मंजूरी व मौजूदगी के लाठीचार्ज करने के आदेश दिए हैं। इसलिए उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए।
शिक्षकों के खिलाफ बल प्रयोग निंदनीय : कैप्टन
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शांत ईटीटी टीचरों के खिलाफ पुलिस की ओर से बेरहमी से किए गए लाठीचार्ज की निंदा की है।
उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार पुलिस अफसर को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सत्ता में आने के बाद इस मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे। अमरिंदर सिंह ने कहा कि ईटीटी शिक्षक शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने शांत टीचरों पर ताकत का अनुचित प्रयोग किया।
उन्होंने कहा, कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना सबका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अकाली न सिर्फ लोगों के इस अधिकार को छीन रहे हैं, बल्कि उनकी आवाज भी दबा रहे हैं।