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Chandigarh News: पांच दशक से लटका भूमि विवाद का आखिरकार हुआ निपटारा

Sat, 23 Nov 2024 01:47 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2024 01:47 AM IST
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Land dispute pending for five decades finally settled, Court News, Haryana News
-अंबाला की 259 कनाल और 17 मरला कृषि भूमि से जुड़ा हुआ था पूरा विवाद
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-हाईकोर्ट में लंबित सबसे पुराने मामलों में से था एक, अभी कुल 4,33,239 मामले विचाराधीन

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अंबाला की अदालत के 1978 में सुनाए फैसले से उपजा पांच दशक से भी पुराना कानूनी विवाद आखिरकार पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुलझा दिया है। हाईकोर्ट के जस्टिस विकास बहल ने चार महीने तक चली मैराथन सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है। यह मामला अंबाला तहसील के आनंदपुर जलबेरा गांव में 259 कनाल और 17 मरला कृषि भूमि, 7 कनाल और 10 मरला के दूसरे हिस्से और एक बाड़ा और घर के कब्जे से जुड़ा है। किशन सिंह ने 1963-64 की जमाबंदी के अनुसार खुद को मालिक घोषित करने के लिए मुकदमा दायर किया था। शिकायत में कहा गया कि विवादित संपत्ति के आखिरी मालिक नाथू राम की अगस्त 1964 में मौत हो गई थी। वह निःसंतान थे और किशन सिंह के अतिरिक्त कोई रिश्तेदार नहीं था, जो उनके पिता की बहन का बेटा था। न्यायमूर्ति बहल की पीठ को बताया गया कि किशन सिंह द्वारा दायर घोषणा के मुकदमे को अंबाला के वरिष्ठ उप-न्यायाधीश ने 30 सितंबर, 1978 के फैसले से उसके नाम किया था। आदेश के खिलाफ दायर पहली अपील को 30 जनवरी, 1985 में अंबाला के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने खारिज कर दिया था। परिणामस्वरूप हाईकोर्ट के समक्ष अपील दायर की गई। अपने 76-पृष्ठ के फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, यह अदालत मानती है कि निचली अदालत और पहली अपीलेट अथॉरिटी का निर्णय कानून के अनुरूप है। ऐसे में हाईकोर्ट ने इसके खिलाफ अपील को खारिज कर दिया। राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड के अनुसार हाईकोर्ट में 4,33,239 मामले लंबित हैं, इनमें जीवन और स्वतंत्रता से जुड़े 1,63,235 आपराधिक मामले शामिल हैं। 1,10,463 मामले जो कुल लंबित मामलों का 25 प्रतिशत वह 10 वर्ष से अधिक पुराने हैं।
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