चंडीगढ़-पंजाब में भूमि विवाद: चार इलाकों की करोड़ों की जमीन को मोहाली बता रहा अपना, स्पष्ट मार्किंग है कारण
मोहाली की तरफ से उन जमीनों पर भी अपना हक जताया जा रहा है जो मास्टर प्लान-2031 में चंडीगढ़ के अंदर हैं। चंडीगढ़ और मोहाली की ज्वाइंट डिमार्केशन करने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में चंडीगढ़ डीसी ऑफिस की तरफ से पत्राचार भी किया गया है।
विस्तार
चंडीगढ़ और पंजाब की सीमा पर स्पष्ट मार्किंग न होने से भूमि विवाद गहरा गया है। सेक्टर-56 से लेकर 63 तक के चार इलाकों में चंडीगढ़ की करोड़ों की जमीन को मोहाली अपना बता रहा है।
मोहाली की तरफ से उन जमीनों पर भी अपना हक जताया जा रहा है जो मास्टर प्लान-2031 में चंडीगढ़ के अंदर हैं। चंडीगढ़ और मोहाली की ज्वाइंट डिमार्केशन करने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में चंडीगढ़ डीसी ऑफिस की तरफ से पत्राचार भी किया गया है।
गमाडा की तरफ से एक प्लाॅट बेचने के बाद बढ़ा विवाद
सेक्टर-63 में गमाडा की तरफ से चंडीगढ़ का एक प्लॉट बेच देने के मामले के बाद इंजीनियरिंग विभाग ने सेक्टर-56 से सेक्टर-63 तक का सर्वे किया है। सर्वे में उन जगहों की पहचान की है जो मास्टर प्लान में चंडीगढ़ में हैं, लेकिन मोहाली की तरफ से हक जताया जा रहा है। विभाग ने पाया है कि ज्यादा समस्या उन जगहों पर हैं, जहां स्पष्ट बाउंड्री नहीं है। मोहाली और चंडीगढ़ की सीमा को सड़क विभाजित करती है, वहां विवाद नहीं है। एक अधिकारी ने बताया कि कजहेड़ी में चो के दूसरी तरफ की जमीन को भी मोहाली अपना बता रहा है। बुड़ैल जेल के पीछे वैली गार्डन का कुछ हिस्सा भी चंडीगढ़ में आता है, इस पर भी विवाद है।
इंजीनियरिंग विभाग ने जल्द डिमार्केशन के लिए लिखा
यूटी इंजीनियरिंग विभाग ने डीसी-कम-एस्टेट ऑफिसर को लिखा है कि जल्द डिमार्केशन कर सीमा पर खंभे या साइन बोर्ड लगा दिए जाएं ताकि भविष्य में चंडीगढ़ और मोहाली में प्रशासनिक टकराव न हो। प्रशासन रेलवे की तरह अपनी जमीनों पर लैंडमार्क या अन्य उपायों पर विचार कर रहा है।धनास में कंफ्यूजन ऐसा कि कार्रवाई करने से पहले पुलिस भी सोचती है
धनास स्मॉल फ्लैट्स में जहां 2019 में पहले 221 फीट का रावण जला था, उस खुले ग्राउंड का कुछ हिस्सा चंडीगढ़ में तो बाकी पंजाब में पड़ता है। कुछ वर्ष पहले प्रशासन ने स्मॉल फ्लैट्स की सड़क के साथ कंटीली तारें लगा दीं लेकिन तारों के दूसरी तरफ चंडीगढ़ की जमीन भी है। स्पष्ट बाउंड्री न होने से पुलिस को भी कार्रवाई करने में समस्या आती है। धनास के खुले ग्राउंड में काफी लोग शराब भी पीतेहैं, क्योंकि पास में मीट और सामान्य मार्केट हैं। इसके अलावा, प्रशासन ने हाल ही में सारंगपुर में कुछ विवादित जमीन की फेंसिंग कराई है।
जमीन कब्जाने के लिए मोहाली ने बना दी थी दीवार, शिकायत के बाद सुलझा था मामला
फरवरी 2020 में सेक्टर-63 में ग्रीन बेल्ट की खाली पड़ी जगह को मोहाली ने अपना बताकर पक्की पार्किंग बनाने के लिए निर्माण भी शुरू करा दिया था। मोहाली नगर निगम ने यहां दीवार खड़ी कर उस जमीन को चंडीगढ़ से अलग करने की कोशिश की और फिर सीमेंट, ईंट और बजरी गिराकर पक्की पार्किंग बनाने का काम शुरू कर दिया गया था। सेक्टर-63 के फ्लैट्स में रहने वाले लोगों की शिकायत पर डीसी ऑफिस की टीम पहुंची और काम को रुकवाया। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई, जिसके बाद मामला सुलझा।सिर्फ एक नहीं, चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर के साथ लगते कई सेक्टरों के एरिया पर विवाद है, जिसे मोहाली व संबंधित अथॉरिटी की तरफ से अपना बताया जा रहा है जबकि मास्टर प्लान में वह जमीन चंडीगढ़ में नजर आ रही है। यह स्पष्ट करना जरूरी हो गया है कि जमीन असल में किसकी है। इसके लिए चंडीगढ़ और मोहाली की ज्वाइंट डिमार्केशन करने का फैसला लिया गया है। डीसी ऑफिस की तरफ से पत्राचार किया गया है। जल्द ही मोहाली के अधिकारियों को साथ लेकर इन सभी एरिया का डिमार्केशन कराया जाएगा। - ईशा कंबोज, एसडीएम साउथ