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एक क्लिक पर मिलेगी जानकारी.. चंडीगढ़ के 23 गांवों की जमीन का ब्यौरा हुआ ऑनलाइन
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चंडीगढ़। 23 गांवों की जमीन के ब्योरे को यूटी प्रशासन के राजस्व विभाग ने ऑनलाइन कर दिया है। दो गांवों की जमीन के ब्योरे को ऑनलाइन करने पर काम चल रहा है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद अब एक क्लिक पर 23 गांवों में रहने वाले लोग, अपनी जमीन की जानकारी हासिल कर सकेंगे। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शुक्रवार को इस सेवा का उद्घाटन किया।
शहर के डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि प्रशासन ने कुल 25 गांवों में से 23 की जमाबंदियां कर दी हैं। दो पर फिलहाल काम जारी है। इसमें बुड़ैल और मनीमाजरा की जमीन शामिल है। इसे भी मई तक पूरा कर लिया जाएगा। बाकी 23 गांवों की सारी जमीन का रिकार्ड अब ऑनलाइन हो गया है। इस रिकार्ड को कोई भी चंडीगढ़ प्रशासन की वेबसाइट http://chandigarh.gov.in/ या https://chandigarhdistrict.nic.in/ पर जाकर मालिक का नाम या खेवट या खसरा नंबर डाल कर हासिल कर सकता है। रिकार्ड को देखने के बाद डाउनलोड भी कर सकते हैं। हालांकि, अगर डाउनलोड किए कागजातों को कहीं इस्तेमाल करना है तो इसे पहले संबंधित अधिकारियों से तसदीक कराना होगा। नियमों के तहत हर पांच साल बाद भूमि रिकॉर्ड को अपडेट करना होता है, लेकिन चंडीगढ़ में कुछ ऐसे गांव भी थे, जिनका रिकॉर्ड 46 साल पहले अपडेट हुआ था। इसमें अटावा गांव शामिल है। इसके अलावा वर्ष 1994 के बाद किसी भी गांव का भूमि रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया गया था। डीसी बराड़ का कहना है कि अब भूमि रिकॉर्ड के अपडेट व ऑनलाइन होने के बाद जमीन के सौदे आसान होंगे। अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। खरीद व बिक्री के बाद ऑनलाइन भी रियल टाइम अपडेट हो जाएगा।
2019 से चल रहा था काम, कुरुक्षेत्र की टीम ने की है मदद
डीसी बराड़ ने कुरुक्षेत्र का हवाला देते हुए बताया कि उन्हें हरियाणा के इस जिले में जमाबंदी व भूमि रिकार्ड को ऑनलाइन करने का अनुभव था, जो यहां काम आया। वर्ष 2019 से ये प्रक्रिया शुरू हुई थी। डीसी ने चंडीगढ़ के अधिकारियों को कुरुक्षेत्र भेजा था। वहां की टीम ने भी चंडीगढ़ में भूमि रिकार्ड को ऑनलाइन करने में मदद की है। डीसी ऑफिस के पास एक स्टोर रूम में सब रजिस्ट्रार का आफिस होगा, जहां मॉडर्न रिकार्ड रूम होगा। यहां तहसीलदार से लेकर पटवारी बैठेंगे और जमीन से संबंधित नकल उपलब्ध कराएंगे। इस ऑफिस में एक टच स्क्रीन कियोस्क भी लगाया जाएगा, जिस पर अपनी जमीन से संबंधित एंट्री डालकर ब्योरा निकाला जा सकेगा। डीसी ने बताया कि जमीन से संबंधित कैडेस्ट्रल मैप तैयार किए जा रहे हैं। इसकी जियो टैगिंग कर दी जाएगी, ताकि लोग मैप पर अपनी जमीन को देख सकेंगे। केंद्र के सेंट्रलाइज्ड स्मार्ट गवर्नेंस के तहत यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही आने वाले समय में सब रजिस्ट्रार ऑफिस के इस तमाम रिकार्ड को एस्टेट आफिस और सीएचबी के साथ भी जोड़ दिया जाएगा। डीसी ने बताया कि उन्होंने उच्चाधिकारियों से चंडीगढ़ में भी दूसरे राज्यों की तर्ज पर एक डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू अफसर नियुक्त करने को कहा है, ताकि वह पूरी प्रक्रिया पर आगे भी नजर रख सके।
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शहर के डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि प्रशासन ने कुल 25 गांवों में से 23 की जमाबंदियां कर दी हैं। दो पर फिलहाल काम जारी है। इसमें बुड़ैल और मनीमाजरा की जमीन शामिल है। इसे भी मई तक पूरा कर लिया जाएगा। बाकी 23 गांवों की सारी जमीन का रिकार्ड अब ऑनलाइन हो गया है। इस रिकार्ड को कोई भी चंडीगढ़ प्रशासन की वेबसाइट http://chandigarh.gov.in/ या https://chandigarhdistrict.nic.in/ पर जाकर मालिक का नाम या खेवट या खसरा नंबर डाल कर हासिल कर सकता है। रिकार्ड को देखने के बाद डाउनलोड भी कर सकते हैं। हालांकि, अगर डाउनलोड किए कागजातों को कहीं इस्तेमाल करना है तो इसे पहले संबंधित अधिकारियों से तसदीक कराना होगा। नियमों के तहत हर पांच साल बाद भूमि रिकॉर्ड को अपडेट करना होता है, लेकिन चंडीगढ़ में कुछ ऐसे गांव भी थे, जिनका रिकॉर्ड 46 साल पहले अपडेट हुआ था। इसमें अटावा गांव शामिल है। इसके अलावा वर्ष 1994 के बाद किसी भी गांव का भूमि रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया गया था। डीसी बराड़ का कहना है कि अब भूमि रिकॉर्ड के अपडेट व ऑनलाइन होने के बाद जमीन के सौदे आसान होंगे। अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। खरीद व बिक्री के बाद ऑनलाइन भी रियल टाइम अपडेट हो जाएगा।
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2019 से चल रहा था काम, कुरुक्षेत्र की टीम ने की है मदद
डीसी बराड़ ने कुरुक्षेत्र का हवाला देते हुए बताया कि उन्हें हरियाणा के इस जिले में जमाबंदी व भूमि रिकार्ड को ऑनलाइन करने का अनुभव था, जो यहां काम आया। वर्ष 2019 से ये प्रक्रिया शुरू हुई थी। डीसी ने चंडीगढ़ के अधिकारियों को कुरुक्षेत्र भेजा था। वहां की टीम ने भी चंडीगढ़ में भूमि रिकार्ड को ऑनलाइन करने में मदद की है। डीसी ऑफिस के पास एक स्टोर रूम में सब रजिस्ट्रार का आफिस होगा, जहां मॉडर्न रिकार्ड रूम होगा। यहां तहसीलदार से लेकर पटवारी बैठेंगे और जमीन से संबंधित नकल उपलब्ध कराएंगे। इस ऑफिस में एक टच स्क्रीन कियोस्क भी लगाया जाएगा, जिस पर अपनी जमीन से संबंधित एंट्री डालकर ब्योरा निकाला जा सकेगा। डीसी ने बताया कि जमीन से संबंधित कैडेस्ट्रल मैप तैयार किए जा रहे हैं। इसकी जियो टैगिंग कर दी जाएगी, ताकि लोग मैप पर अपनी जमीन को देख सकेंगे। केंद्र के सेंट्रलाइज्ड स्मार्ट गवर्नेंस के तहत यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही आने वाले समय में सब रजिस्ट्रार ऑफिस के इस तमाम रिकार्ड को एस्टेट आफिस और सीएचबी के साथ भी जोड़ दिया जाएगा। डीसी ने बताया कि उन्होंने उच्चाधिकारियों से चंडीगढ़ में भी दूसरे राज्यों की तर्ज पर एक डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू अफसर नियुक्त करने को कहा है, ताकि वह पूरी प्रक्रिया पर आगे भी नजर रख सके।
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