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Amritsar: कृषि मंत्री बोले- बादल सरकार के समय में रानियां में महंगी दर पर जमीन खरीद की होगी जांच
Sun, 27 Nov 2022 11:59 PM IST
ajay kumar
अमर उजाला/संवाद, चंडीगढ़/अमृतसर
अमर उजाला/संवाद, चंडीगढ़/अमृतसर
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 27 Nov 2022 11:59 PM IST
सार
मंत्री ने कहा कि सरकार को रजिस्ट्री करवाने वाले किसान और उससे पहले के मालिक परिवारों को ढूंढा जाएगा, ताकि सारी सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने बताया कि जमीन को केवल तीन-चार सीजन ही जोता जा सका है, इसमें घास-फूस को देखकर समझ में नहीं आता कि सौदा करने वाले किसान परिवार से हों और ऐसी जमीन इतने महंगे दाम पर खरीद लें।
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अमृतसर पहुंचे कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पंजाब के कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को अमृतसर में सरहद पर स्थित गांव रानियां में कृषि विभाग द्वारा खरीदी गई 700 एकड़ जमीन का निरीक्षण करने के बाद कहा कि किस ‘स्कीम’ के तहत यह जमीन खरीदी गई, इसकी जांच करवाई जाएगी।
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धालीवाल ने बताया कि 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सरकार में सुच्चा सिंह लंगाह कृषि मंत्री थे और काहन सिंह पन्नू अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर (डीसी)। रावी नदी और सरहद पर लगी कंटीली तार के पार स्थित इस जमीन को बीज फार्म के नाम पर बहुत महंगी दर साढ़े चार लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 32 करोड़ में खरीदा गया। जबकि बीएसएफ की अनुमति के बिना इस जमीन में दाखिल तक नहीं हुआ जा सकता।
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मंत्री ने कहा कि सरकार को रजिस्ट्री करवाने वाले किसान और उससे पहले के मालिक परिवारों को ढूंढा जाएगा, ताकि सारी सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने बताया कि जमीन को केवल तीन-चार सीजन ही जोता जा सका है, इसमें घास-फूस को देखकर समझ में नहीं आता कि सौदा करने वाले किसान परिवार से हों और ऐसी जमीन इतने महंगे दाम पर खरीद लें।
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आठ करोड़ की कृषि मशीनरी हो रही बर्बाद
उन्होंने कहा कि इस जमीन में पानी के लिए 30 सबमर्सिबल ट्यूबवेल, बिजली और ट्रैक्टर, जनरेटर और अन्य कृषि मशीनरी की खरीद पर भी 8 करोड़ रुपये के करीब खर्च हुआ। धालीवाल ने कहा कि मैंने इस फार्म को रविवार को देखा और मन दुखी हुआ है कि किस तरह सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया है। मशीनरी भी खराब हो रही है । मंत्री ने कहा कि मामले को मुख्यमंत्री भगवंत मान के संज्ञान में लाकर केंद्र सरकार से तालमेल किया जाएगा, क्योंकि इसका रास्ता बीएसएफ के अधीन है। इस जमीन का उचित प्रयोग किया जाएगा।