{"_id":"572c97264f1c1b61145ce778","slug":"lady-on-protest-pragnent-lady-on-protest-ludhiana-pragnent-lady-on-protest-ludhiana-punjab","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"विवाहिता प्रेगनेंट हुई तो सास ने घर से निकाला, धरने पर बैठी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवाहिता प्रेगनेंट हुई तो सास ने घर से निकाला, धरने पर बैठी
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Sat, 07 May 2016 04:56 PM IST
विज्ञापन
लुधियाना में सास के खिलाफ धरने पर बैठी गर्भवती महिला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लुधियाना में हक की मांग को लेकर एक विवाहिता अपने पति के साथ ससुराल वालों के खिलाफ घर के बाहर धरने पर बैठी है। धरने को आज 7 दिन हो गए हैं। दंपति ने अपने परिजनों के खिलाफ काफी गंभीर आरोप लगाए। पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन अदालत का मामला होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं कर सकी और बैरंग लौट गई। शुक्रवार को भी सभी लोग शांत मई तरीके से धरने पर बैठे रहे।
घर के अंदर से भी कोई जवाब नहीं आया। सब लोग अदालत की अगली सुनवाई का इंतजार कर रहे है। ससुराल वालों के खिलाफ धरने पर बैठी विवाहिता अरविंदर कौर के भाई रोहित ने कहा कि उसकी शादी करीब सवा साल पहले हुई थी। शादी के कुछ समय बाद उसके ससुर ने खाली कागजात पर दस्तखत करवा लिए। उसके बाद वह उसे तंग परेशान करने लगे।
जब अरविंदर गर्भवति हुई तो उसके ससुराल वालों ने उस पर दबाव डालना शुरु कर दिया कि वह अपना गर्भपात करा ले। मगर अरविंदर नहीं मानी। उस समय जब अरविंदर ने पुलिस को शिकायत दी तो उसके पति परमजीत ने भी उसी का साथ दिया और ब्यान दिए कि उसके परिजनों ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की है। जिसके बाद परमजीत के परिजनों ने उसे अपनी जायदाद से बेदखल कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
घर के अंदर से भी कोई जवाब नहीं आया। सब लोग अदालत की अगली सुनवाई का इंतजार कर रहे है। ससुराल वालों के खिलाफ धरने पर बैठी विवाहिता अरविंदर कौर के भाई रोहित ने कहा कि उसकी शादी करीब सवा साल पहले हुई थी। शादी के कुछ समय बाद उसके ससुर ने खाली कागजात पर दस्तखत करवा लिए। उसके बाद वह उसे तंग परेशान करने लगे।
विज्ञापन
जब अरविंदर गर्भवति हुई तो उसके ससुराल वालों ने उस पर दबाव डालना शुरु कर दिया कि वह अपना गर्भपात करा ले। मगर अरविंदर नहीं मानी। उस समय जब अरविंदर ने पुलिस को शिकायत दी तो उसके पति परमजीत ने भी उसी का साथ दिया और ब्यान दिए कि उसके परिजनों ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की है। जिसके बाद परमजीत के परिजनों ने उसे अपनी जायदाद से बेदखल कर दिया।
विज्ञापन
परिजनों ने पति को बना रखा था बंधक
लुधियाना में सास के खिलाफ धरने पर बैठी गर्भवती महिला
- फोटो : अमर उजाला
रोहित ने कहा कि कुछ समय पहले समझौता हुआ था कि वह अरविंदर को बसाएंगे और जो उन्होंने खाली कागजात पर दस्तखत करवाए है और परमजीत सिंह को बेदखल किया है वह सब नहीं माने जाएंगे। उस समय तो परमजीत के परिजन मान गए। मगर समय बीतने के बाद फिर से उसके साथ मारपीट करनी शुरु कर दी। कुछ दिन पहले परमजीत अपने ससुराल से निकल कर परिजनों के पास पहुंचा और उसने अपनी पत्नी अरविंदर कौर को फोन कहा कि परिजनों के साथ उसका समझौता हो गया है वह उसके पास रहने के लिए आ जाए।
रोहित ने कहा कि एक सप्ताह पहले जब अरविंदर आई तो ससुराल वालों ने दरवाजा नहीं खोला। वह अपने ससुराल घर के बाहर ही अपने हक की मांग को लेकर धरने पर बैठ गई। रोहित ने कहा कि वीरवार को अचानक से घर से आवाजे आने लगी तो पता चला कि परमजीत घर की दूसरी मंजिल पर है। वह जोर जोर से चिल्लाया कि उसके परिजनों ने उसे बंधक बनाया हुआ है। लोगों की आवाज सुन कर वह हिम्मत जुटा पाया है। जिसके बाद वह लटक कर पहली मंजिल और फिर नीचे पहुंच कर पत्नी के साथ धरने पर बैठ गया।
इसी दौरान थाना डिविजन सात के एसएचओ हरपाल सिंह गरेवाल वहां पहुंचे तो उन्होंने इसे अदालत का मामला बताया। जिसके बाद उन्होंने रिपोर्ट तैयार की और अधिकारियों को सारी जानकारी दी। थाना डिविजन सात के एसएचओ हरपाल सिंह गरेवाल ने कहा कि मामला अदालत में चल रहा है। 14 मई को इसकी आगे की सुनवाई है। उसके बाद ही कुछ हो सकता है।
रोहित ने कहा कि एक सप्ताह पहले जब अरविंदर आई तो ससुराल वालों ने दरवाजा नहीं खोला। वह अपने ससुराल घर के बाहर ही अपने हक की मांग को लेकर धरने पर बैठ गई। रोहित ने कहा कि वीरवार को अचानक से घर से आवाजे आने लगी तो पता चला कि परमजीत घर की दूसरी मंजिल पर है। वह जोर जोर से चिल्लाया कि उसके परिजनों ने उसे बंधक बनाया हुआ है। लोगों की आवाज सुन कर वह हिम्मत जुटा पाया है। जिसके बाद वह लटक कर पहली मंजिल और फिर नीचे पहुंच कर पत्नी के साथ धरने पर बैठ गया।
इसी दौरान थाना डिविजन सात के एसएचओ हरपाल सिंह गरेवाल वहां पहुंचे तो उन्होंने इसे अदालत का मामला बताया। जिसके बाद उन्होंने रिपोर्ट तैयार की और अधिकारियों को सारी जानकारी दी। थाना डिविजन सात के एसएचओ हरपाल सिंह गरेवाल ने कहा कि मामला अदालत में चल रहा है। 14 मई को इसकी आगे की सुनवाई है। उसके बाद ही कुछ हो सकता है।