हरियाणाः नौकरी जाने से आहत लेडी गेस्ट टीचर की मौत
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हरियाणा के बहादुरगढ़ में नौकरी से हटाए जाने का आदेश सुनकर लेडी गेस्ट टीचर इतनी आहत हो गई कि उसकी मौत हो गई।
मृतका झज्जर के पास कुंजैया गांव के राजकीय मिडिल स्कूल में अतिथि अध्यापक के तौर पर कार्यरत थी और बीस मई से उपचाराधीन थी। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है।
अतिथि अध्यापक संघ से जुड़े इंद्रजीत बहराणा ने बताया कि विजय नगर निवासी सुनीता की 20 मई को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से हालत बिगड़ गई थी। उसे पीजीआई रोहतक ले जाया गया। वहां से परिजन दिल्ली ले गए। रविवार को सुनीता की मौत हो गई।
धर्म परिवर्तन के लिए मस्जिद पहुंचे गेस्ट टीचर
जिले के गेस्ट टीचर रविवार काफी संख्या में इकट्ठा होकर हांसी ब्रांच नहर के पास स्थित ईदगाह मस्जिद पहुंचे। जहां पर सरकार द्वारा नौकरियों से हटाने के विरोध के चलते मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए इमाम से बातचीत की। इस दौरान गेस्ट टीचरों ने कहा कि सभी गेस्ट टीचर एक साथ हिंदू धर्म को छोड़कर धर्म परिवर्तन करेंगे।
इस पर इमाम ने गेस्ट टीचरों को उनके धर्म परिवर्तन कराने से मना कर दिया। इसके बाद गेस्ट टीचरों ने बैठक की और निर्णय लिया कि सभी गेस्ट टीचर पांच जून को दिल्ली में जंतर मंतर पर पहुंचेंगे और वहीं पर सरकार के फैसले के विरोध में धर्म परिवर्तन करेंगे।
गेस्ट टीचरों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को मजिस्द में पहुंचे। जहां पर इमाम से धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल की, लेकिन इस दौरान वहां मौजूद इमाम ने गेस्ट टीचरों के धर्म परिवर्तन कराने से मना कर दिया।
गेस्ट टीचरों ने कहा कि सरकार के इस विरोध में पांच मई को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदेशभर के गेस्ट टीचर पहुंचेगे और वहां पर एक साथ धर्म परिवर्तन करेंगे।
गेस्ट टीचरों और सरकार के बीच बढ़ सकती है तल्खी
गेस्ट टीचरों और सरकार के बीच तल्खियां अभी बढ़ सकती हैं। हाईकोर्ट और सरकार के बीच उलझ चुके मसले में फिलहाल राहत की उम्मीद न के बराबर है। पिछले दिनों मंत्री समूह की बैठक में यह फैसला हो चुका है। वह बात अलग है कि बाहर नेतागण कुछ और बयान दे रहे हैं।
सरकार को गेस्ट टीचरों के आंदोलन का तरीका रास नहीं आ रहा है। गेस्ट टीचर प्रकरण में मंत्री समूह की मीटिंग के दौरान एक मंत्री तो मीटिंग में भी भड़क गए थे। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि यदि उनके विभाग से संबंधित कोई मामला किसी मंत्री के पास आता है तो वे यह मामला उनके पास भेजें।
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री मामले में पैरवी कर रहे हैं, जो अन्य मंत्रियों को रास नहीं आ रहा है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के पत्र के बाद गत दिनों मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंत्री समूह की मीटिंग बुलाई थी।
इसमें गेस्ट टीचर, कंप्यूटर टीचर और लैब सहायकों के मामले पर खुलकर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक मंत्री समूह की बैठक का पहला ऐजेंडा गेस्ट अध्यापक थे। स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री से इस बावत कोई रास्ता निकालने की मांग उठाई थी।
उधर, हाईकोर्ट के आदेशों पर सरप्लस गेस्ट टीचरों की बर्खास्तगी का नोटिस देने के बाद उपजी टकराव की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने अंदरूनी तैयारी पूरी कर ली है। गेस्ट टीचरों के आंदोलन और स्कूलों में ताला लगाने के मामले पर पुलिस-प्रशासन गंभीर है। डीजीपी की तरफ से भी सभी जिलों की पुलिस को स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट किया गया है।