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बेमिसालः 6 महीने की बेटी को लेकर ड्यूटी देने आई कोच, गजब का जज्बा देखकर भावुक हो गए खिलाड़ी
जीतेंद्र जीत, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Wed, 14 Nov 2018 03:47 PM IST
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बच्चे के साथ कोच सुनील
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खेल महाकुंभ में मां की जिम्मेदारी और कोच होने का फर्ज निभाने वाली महिला सुनील की चारों ओर चर्चा हो रही हैं। उनका जज्बा देखकर सभी खिलाड़ी भावुक हो गए। महिलाएं किसी भी काम में पीछे नहीं हैं। उन्हें दोहरी जिम्मेदारी भी निभानी पड़े तो वे हमेशा तैयार रहती हैं। ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला मंगलवार को महाबीर स्टेडियम में शुरू हुए राज्यस्तरीय खेल महाकुंभ में।
गुरुग्राम से आईं महिला बास्केटबाल टीम के साथ जो कोच आई हैं, वह दोहरी जिम्मेदारी के साथ आई हैं। एक तो वे टीम की कोच हैं और दूसरा वे मां की भूमिका भी निभा रही हैं। उनका दावा है कि वे अपनी टीम को चैंपियन बनाकर ले जाएंगी। गुरुग्राम बास्केटबाल टीम की कोच सुनील निगानिया टीम के खिलाड़ियों को तो जीत का मंत्र दे ही रही हैं, साथ ही वे अपनी छह माह की बेटी को भी मां का प्यार देकर दे रही हैं।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि वे छह माह की मैटरनिटी लीव पर थीं। 15 दिन पहले ही उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन की। इस दौरान ये गेम्स आ गए। टीम की खिलाड़ियों का हौसला किसी तरह भी टूटने न पाए, इसलिए उनके साथ आने का फैसला किया। छह माह की बेटी शनाया को नहीं छोड़ सकती थी, इसलिए उसे भी साथ लाई।
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गुरुग्राम से आईं महिला बास्केटबाल टीम के साथ जो कोच आई हैं, वह दोहरी जिम्मेदारी के साथ आई हैं। एक तो वे टीम की कोच हैं और दूसरा वे मां की भूमिका भी निभा रही हैं। उनका दावा है कि वे अपनी टीम को चैंपियन बनाकर ले जाएंगी। गुरुग्राम बास्केटबाल टीम की कोच सुनील निगानिया टीम के खिलाड़ियों को तो जीत का मंत्र दे ही रही हैं, साथ ही वे अपनी छह माह की बेटी को भी मां का प्यार देकर दे रही हैं।
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अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि वे छह माह की मैटरनिटी लीव पर थीं। 15 दिन पहले ही उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन की। इस दौरान ये गेम्स आ गए। टीम की खिलाड़ियों का हौसला किसी तरह भी टूटने न पाए, इसलिए उनके साथ आने का फैसला किया। छह माह की बेटी शनाया को नहीं छोड़ सकती थी, इसलिए उसे भी साथ लाई।
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मूल रूप से राजस्थान से हैं सुनील, रेवाड़ी में शादी हुई
कोच सुनील निगानिया मूल रूप से राजस्थान के अलवर शहर से हैं। उनकी शादी रेवाड़ी में हुई। उनके पति बावल (रेवाड़ी) में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। फिलहाल उनकी पोस्टिंग गुरुग्राम में है और वे गुरुग्राम की महिला बास्केटबॉल टीम को कोचिंग देती हैं।
जीत चुकीं नेशनल अवॉर्ड
सुनील निगानिया राजस्थान की टीम की ओर से बास्केटबाल खेलती थीं। वह राजस्थान टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं और अनेक नेशनल टूर्नामेंट खेल चुकी हैं। उन्होंने स्कूली नेशनल के अंडर-14, अंडर-17 व अंडर-19 के मुकाबले खेले हैं और कई अवॉर्ड जीते हैं। इसके अलावा वे नेशनल गेम्स में भी कई अवॉर्ड जीत चुकी हैं।
वे ऑल इंडिया फेडरेशन कप में भी राजस्थान की टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि स्कूली स्तर पर बास्केटबॉल में सभी अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 मुकाबले खेलने वाली वे अलवर से अकेली महिला खिलाड़ी रही हैं।
जीत चुकीं नेशनल अवॉर्ड
सुनील निगानिया राजस्थान की टीम की ओर से बास्केटबाल खेलती थीं। वह राजस्थान टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं और अनेक नेशनल टूर्नामेंट खेल चुकी हैं। उन्होंने स्कूली नेशनल के अंडर-14, अंडर-17 व अंडर-19 के मुकाबले खेले हैं और कई अवॉर्ड जीते हैं। इसके अलावा वे नेशनल गेम्स में भी कई अवॉर्ड जीत चुकी हैं।
वे ऑल इंडिया फेडरेशन कप में भी राजस्थान की टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि स्कूली स्तर पर बास्केटबॉल में सभी अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 मुकाबले खेलने वाली वे अलवर से अकेली महिला खिलाड़ी रही हैं।