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Chandigarh News: पहले ही भाषण में सांसद का नाम लेना भूले कुलदीप, किरण खेर बोलीं- प्रोटोकॉल को न करें नजरअंदाज
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चंडीगढ़। शहर के नवनिर्वाचित मेयर कुलदीप कुमार बतौर मेयर शुक्रवार को पहली बार किसी सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे। पहले ही कार्यक्रम में वह अपने संबोधन में सांसद किरण खेर का नाम लेना भूल गए। इससे सांसद खफा हो गईं और मंच से ही कह दिया कि नए मेयर को प्रोटोकॉल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान भाजपा, आप और कांग्रेस के अधिकतर पार्षद उपस्थित रहे तो प्रशासक ने भी उन्हें कटुता मिटाकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।रोज फेस्टिवल में कुलदीप ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय इस फेस्टिवल में स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के लिए स्टॉल लगाए गए हैं। जहां लोगों को प्लास्टिक इस्तेमाल न करने, सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने समेत अन्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। कहा कि फेस्टिवल में सभी के लिए कुछ न कुछ है। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने सभी का नाम लिया लेकिन सांसद किरण खेर का नाम लेना भूल गए, जिसकी वजह से खेर खफा नजर आईं। खेर ने मंच से कहा कि शहर के नवनिर्वाचित मेयर उनका नाम लेना भूल गए। पता नहीं शायद जानबूझकर भूले हों, लेकिन जब पद पर होते हैं तो प्रोटोकॉल को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद सांसद खेर ने अपनी बात शुरू की। कहा कि शहर में इतना टैलेंट है, उसको बढ़ावा देना बहुत जरूरी है। खेर ने कहा कि वह बतौर सांसद पिछले 10 साल से फेस्टिवल में शामिल हो रही हैं। वह इस रोज फेस्टिवल को छोड़ना नहीं चाहती थीं। खेर ने कहा कि, इसके बाद कभी आऊंगी दोस्त की तरह शायद। खेर के इन शब्दों में मायूसी नजर आई। इसके कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। कार्यक्रम के बाद कुछ लोगों ने कहा कि यह कहकर सांसद ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अगली बार खुद को सांसद के रूप में नहीं देख रही हैं। इसलिए उन्होंने ऐसा कहा।
बहुत राजनीति हो गई, अब कटुता मिटा दीजिएः प्रशासक
प्रशासक ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही कहा कि 20 साल पहले चंडीगढ़ बेहद खूबसूरत था। पिछले कुछ साल में थोड़ा बिगाड़ दिया है, लेकिन अब इसे रोकना होगा। सभी को मिलकर चंडीगढ़ को एक बार फिर नंबर वन बनाना होगा। प्रशासक ने नए मेयर का स्वागत किया। उन्होंने सभी पार्षदों को संदेश देते हुए कहा कि बहुत राजनीति हो गई। अब सभी को कटुता मिटा देना चाहिए। सब कुछ भूल कर चंडीगढ़ के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए। कहा कि पार्षदों को दिल बड़ा रखना चाहिए। साल में एक बार राजनीति ठीक है। उन्होंने सभी को विनम्रता का संदेश दिया। कहा कि उनके 60 साल का अनुभव है कि सभी को शांत रहना चाहिए। कोई अगर गाली भी दे जाए तो उस पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। प्रशासन ने यह भी कहा कि उनके मन में कभी किसी पार्टी का विचार नहीं आता। सभी उनके लिए बराबर है।
नदियों का नहीं होना चाहिए दिमाग खराबः जोशी
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय पार्षद सौरभ जोशी ने सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने प्रशासक के सामने नगर निगम की उपलब्धियां गिनाईं। कहा कि 2021 में पार्षद जब आए थे तो चंडीगढ़ सफाई में 66वें नंबर पर था लेकिन प्रशासक के मार्गदर्शन में सभी ने बहुत मेहनत की और अब चंडीगढ़ 11वें नंबर पर है। चंडीगढ़ ने राष्ट्रपति से चार राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं। ये सभी के लिए गर्व की बात है। जोशी ने कहा कि प्रशासक ने डंपिंग ग्राउंड को हटाने का प्रण लिया था। अब जल्द ही कचरे का पहाड़ खत्म होने वाला है। उन्होंने विनम्रता पर एक नदी और समुद्र की कहानी सुनाई और उसके माध्यम से बताया कि सभी लोगों को विनम्र होना चाहिए। कहा कि समुद्र हमेशा शांत होता है और नदियों में आवेग आता है। उन्होंने प्रशासक को समुद्र की भांति बताया और खुद को नदी कहा। कहा कि नदियों का दिमाग खराब नहीं होना चाहिए।
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सांसद किरण खेर ने किया इशारा, अब नहीं लड़ेंगी चुनाव
पिछले 10 साल से शहर की सांसद किरण खेर आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। शुक्रवार को रोज फेस्टिवल के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने अपने भाषण में इस तरफ इशारा किया। खेर ने कहा कि वह बतौर सांसद पिछले 10 साल से फेस्टिवल में शामिल हो रही हैं। वह इस रोज फेस्टिवल को छोड़ना नहीं चाहती थीं। खेर ने कहा कि, इसके बाद कभी आऊंगी दोस्त की तरह शायद। खेर के इन शब्दों में मायूसी नजर आई। इसके कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। कार्यक्रम के बाद कुछ लोगों ने कहा कि यह कहकर सांसद ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अगली बार खुद को सांसद के रूप में नहीं देख रही हैं इसलिए उन्होंने ऐसा कहा। उधर, किरण खेर के करीबियों का भी यही कहना है कि अब वह चुनाव नहीं लड़ना चाहती इसलिए ही चुनाव के इतना करीब होने के बाद खेर चुनावी मोड में नजर नहीं आ रही हैं।
-- - वर्जन -- -
मैंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया है। मुझे पहली बार इतने बड़े मंच से बोलने का मौका मिला। मुझे जो स्पीच मिली थी, उसमें सांसद का नाम नहीं लिखा था। मेरे लिए भी ये पहली बार था। हालांकि, मुझे लगता है कि सांसद को इतना खफा नहीं होना चाहिए था, क्योंकि प्रशासक ने भी माना कि ये गलती से हुआ।
- कुलदीप कुमार, मेयर
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बहुत राजनीति हो गई, अब कटुता मिटा दीजिएः प्रशासक
प्रशासक ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही कहा कि 20 साल पहले चंडीगढ़ बेहद खूबसूरत था। पिछले कुछ साल में थोड़ा बिगाड़ दिया है, लेकिन अब इसे रोकना होगा। सभी को मिलकर चंडीगढ़ को एक बार फिर नंबर वन बनाना होगा। प्रशासक ने नए मेयर का स्वागत किया। उन्होंने सभी पार्षदों को संदेश देते हुए कहा कि बहुत राजनीति हो गई। अब सभी को कटुता मिटा देना चाहिए। सब कुछ भूल कर चंडीगढ़ के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए। कहा कि पार्षदों को दिल बड़ा रखना चाहिए। साल में एक बार राजनीति ठीक है। उन्होंने सभी को विनम्रता का संदेश दिया। कहा कि उनके 60 साल का अनुभव है कि सभी को शांत रहना चाहिए। कोई अगर गाली भी दे जाए तो उस पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। प्रशासन ने यह भी कहा कि उनके मन में कभी किसी पार्टी का विचार नहीं आता। सभी उनके लिए बराबर है।
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नदियों का नहीं होना चाहिए दिमाग खराबः जोशी
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय पार्षद सौरभ जोशी ने सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने प्रशासक के सामने नगर निगम की उपलब्धियां गिनाईं। कहा कि 2021 में पार्षद जब आए थे तो चंडीगढ़ सफाई में 66वें नंबर पर था लेकिन प्रशासक के मार्गदर्शन में सभी ने बहुत मेहनत की और अब चंडीगढ़ 11वें नंबर पर है। चंडीगढ़ ने राष्ट्रपति से चार राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं। ये सभी के लिए गर्व की बात है। जोशी ने कहा कि प्रशासक ने डंपिंग ग्राउंड को हटाने का प्रण लिया था। अब जल्द ही कचरे का पहाड़ खत्म होने वाला है। उन्होंने विनम्रता पर एक नदी और समुद्र की कहानी सुनाई और उसके माध्यम से बताया कि सभी लोगों को विनम्र होना चाहिए। कहा कि समुद्र हमेशा शांत होता है और नदियों में आवेग आता है। उन्होंने प्रशासक को समुद्र की भांति बताया और खुद को नदी कहा। कहा कि नदियों का दिमाग खराब नहीं होना चाहिए।
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सांसद किरण खेर ने किया इशारा, अब नहीं लड़ेंगी चुनाव
पिछले 10 साल से शहर की सांसद किरण खेर आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। शुक्रवार को रोज फेस्टिवल के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने अपने भाषण में इस तरफ इशारा किया। खेर ने कहा कि वह बतौर सांसद पिछले 10 साल से फेस्टिवल में शामिल हो रही हैं। वह इस रोज फेस्टिवल को छोड़ना नहीं चाहती थीं। खेर ने कहा कि, इसके बाद कभी आऊंगी दोस्त की तरह शायद। खेर के इन शब्दों में मायूसी नजर आई। इसके कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। कार्यक्रम के बाद कुछ लोगों ने कहा कि यह कहकर सांसद ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अगली बार खुद को सांसद के रूप में नहीं देख रही हैं इसलिए उन्होंने ऐसा कहा। उधर, किरण खेर के करीबियों का भी यही कहना है कि अब वह चुनाव नहीं लड़ना चाहती इसलिए ही चुनाव के इतना करीब होने के बाद खेर चुनावी मोड में नजर नहीं आ रही हैं।
मैंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया है। मुझे पहली बार इतने बड़े मंच से बोलने का मौका मिला। मुझे जो स्पीच मिली थी, उसमें सांसद का नाम नहीं लिखा था। मेरे लिए भी ये पहली बार था। हालांकि, मुझे लगता है कि सांसद को इतना खफा नहीं होना चाहिए था, क्योंकि प्रशासक ने भी माना कि ये गलती से हुआ।
- कुलदीप कुमार, मेयर