{"_id":"629102048a508048bf3abe79","slug":"kuldeep-bishnoi-wishes-nitin-gadkari-on-his-birthday","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा की सियासत: नितिन गडकरी के जन्मदिन के बहाने कुलदीप बिश्नोई ने फिर ताजा की भाजपा से अपनी नजदीकियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा की सियासत: नितिन गडकरी के जन्मदिन के बहाने कुलदीप बिश्नोई ने फिर ताजा की भाजपा से अपनी नजदीकियां
Fri, 27 May 2022 10:25 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 27 May 2022 10:25 PM IST
सार
अब कुलदीप बिश्नोई को कांग्रेस हाईकमान की ओर से न तो प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया और न ही उनको पार्टी में कोई अन्य अहम पद दिया गया। इससे वह नाराज चल रहे हैं और राहुल गांधी से मुलाकात की कोशिश कर रहे हैं लेकिन अभी तक उनकी मुलाकात नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
कुलदीप बिश्नोई
- फोटो : सोशल मीडिया (फाइल फोटो)
विस्तार
हरियाणा में कांग्रेस हाईकमान से नाराज चल रहे कुलदीप बिश्नोई ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के जन्मदिन की बधाई देने के बहाने भाजपा से अपनी पुरानी नजदीकियों को ताजा कर राजनीतिक चर्चाओं को और गर्म कर दिया। बिश्नोई ने नितिन गडकरी को एक अच्छा इंसान, अच्छा वक्ता, बेहतर नेता और अमेजिंग इंसान बताते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की है। इसके साथ ही कुलदीप ने भाजपा नेताओं के साथ हजकां-भाजपा गठबंधन की ट्विटर पर फोटो भी शेयर की है। इस फोटो में सुषमा स्वराज कुलदीप को केक खिला रहीं हैं, जबकि नितिन गडकरी मंच साझा कर रहे हैं।
विज्ञापन
याद हो कि वर्ष 2004 में चौधरी भजन लाल को सीएम न बनाने पर कुलदीप बिश्नोई ने पार्टी में बगावत कर दी थी। वर्ष 2009 में कुलदीप बिश्नोई ने हजकां का गठन किया। चुनाव में कुलदीप ने 6 सीटें जीतीं। कांग्रेस के 40 एमएलए थे। हजकां के 5 विधायक पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। बाद में हाईकोर्ट ने सभी 5 विधायकों को अयोग्य करार दिया।
विज्ञापन
2014 के लोकसभा चुनाव से पहले हजकां और भाजपा में गठबंधन हुआ। लोकसभा चुनाव में हजकां को 2 और भाजपा को 8 सीटों पर, विधानसभा में 45-45 सीटों पर चुनाव लड़ने समझौता हुआ। लोकसभा में हजकां अपनी दोनों सीटें हार गई। इसके बाद विधानसभा से पहले गठबंधन टूट गया। हजकां को 2 सीटें ही मिलीं। दोनों पति-पत्नी ही जीते। इसके बाद 2016 में कुलदीप ने कांग्रेस में हजकां का विलय कर दिया।
विज्ञापन
अब कुलदीप बिश्नोई को कांग्रेस हाईकमान की ओर से न तो प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया और न ही उनको पार्टी में कोई अन्य अहम पद दिया गया। इससे वह नाराज चल रहे हैं और राहुल गांधी से मुलाकात की कोशिश कर रहे हैं लेकिन अभी तक उनकी मुलाकात नहीं हो पाई है। इससे पहले कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष न बनाए जाने के बाद कुलदीप बिश्नोई मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मिल चुके हैं।