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कृष्णा मार्केट के 3 बूथ सील, भड़के दुकानदार
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 09 May 2014 06:51 PM IST
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सेक्टर-41 स्थित कृष्णा मार्केट के तीन बूथ आज सुबह-सुबह सील कर दिए गए। यूटी प्रशासन के संपदा विभाग ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई से भड़के दुकानदारों ने सेक्टर 41-42 चौक पर जाम लगा दिया है। गौर हो कि बीते दिन भी मार्केट के दो बूथ सील किए गए गए थे।
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दुकानदारों का कहना है कि पिछले चार दिन से यूटी प्रशासन के अधिकारी किसी भी समय वहां आ धमकते हैं और दुकानदारों को परेशान करते हैं। आज सुबह 7 बजे बूथ नंबर 80, 123 और 138 को सील कर दिया गया। उसके बाद सेल्स टैक्स की टीम आ गई और बिना वजह दुकानदारों को परेशान करने लगी।
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दुकानदार कहते हैं कि जब यहां का सर्वे हो चुका है तो दुकानदारों को परेशान क्यों किया जा रहा है। सर्वे की जांच में जिस बूथ में गड़बड़ी मिलेगी, उस पर कार्रवाई करने के लिए प्रशासन स्वतंत्र है, लेकिन बाकी दुकानदारों का क्या गुनाह है? वे पिछले 4 दिन से सही से ग्राहक अटैंड नहीं कर पा रहे हैं।
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ध्यान रहे यूटी के उपायुक्त मोहम्मद शाइन के निर्देश पर मंगलवार को संपदा विभाग की चार अलग-अलग टीमों ने सेक्टर-41 स्थित कृष्णा मार्केट के सर्वे किया था। सर्वे के दौरान जहां मार्केट में 289 में से 19 बूथों पर ताला मिला, वहीं 59 बूथ अधिकारियों के शक के दायरे में आ गए।
इन बूथों के अलॉटी ऑनरशिप को साबित नहीं कर पाए थे। ऐसे में सर्वे करने के बाद चारों टीमों ने उपायुक्त को सौंपी अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इन बूथों के मालिकों ने या तो इसे बेच दिया है या इसे किराए पर दे दिया है। नियमों के हिसाब से अलॉटी न तो इसे बेच सकते थे और न ही इसे आगे किसी को किराए पर दे सकते थे।
बूथों का सर्वे करने गई टीमों ने सबसे पहले बूथ में मौजूद दुकानदारों से अलॉटमेंट के कागज, पहचान पत्र मांगे थे। इसके बाद दुकानदारों से पूछा गया कि वह अपनी दुकान के लिए माल कहां से लाते हैं। इसका बिल भी उनसे मांगा गया। जो दुकानदार इन सवालों का जवाब न दे पाए वह शक के दायरे में आ गए थे।