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कोठी प्रकरण : चावला बोला- मैंने तो भरोसे में हस्ताक्षर कर दिए थे
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चंडीगढ़। सेक्टर-37 स्थित करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में जिला अदालत में बुधवार को गवाह व्यास चावला का क्रॉस एग्जामिनेशन हुआ। पिछली सुनवाई पर अदालत में चावला ने बताया था कि वह मामले में आरोपी मनीष गुप्ता का पड़ोसी है और उसके साथ घर जैसे संबंध थे।
एक दिन मनीष गुप्ता ने उसे अपने घर बुलाया। वहां कुछ दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर करवाए। यह उस कोठी के दस्तावेज थे जो मनीष गुप्ता ने अरविंद सिंगला से खरीदी थी। चावला ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने भरोसे में हस्ताक्षर कर दिए थे, उसे बाद में पता चला कि उस कोठी को लेकर विवाद हो गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 9 मई को होगी।
यह है मामला-
मामले के आरोपियों ने साल 2019 में सेक्टर-37 स्थित विवादित कोठी को हथियाने की साजिश रची थी। मामले में लिप्त आरोपियों ने अलग-अलग भूमिका निभा कर कोठी हथियाने का काम किया। कोठी के मालिक को पहले प्रताड़ित किया गया। यह भी आरोप है कि कोठी के मालिक राहुल मेहता को आरोपी नशा देते थे। इसके बाद कोठी के झूठे दस्तावेज तैयार करवाए गए। कोठी ट्रांसफर करवाने के लिए राहुल मेहता का हमशक्ल तैयार करवा कर कई दस्तावेजों पर जाली हस्ताक्षर करवाए गए। आरोपियों ने कोठी मालिक को गुजरात के एक आश्रम में छोड़ दिया। इस दौरान आरोपियों ने कोठी अपने नाम कर किसी और को बेच दी। कई दिनों तक राहुल नहीं मिला तो राहुल के पड़ोसी ने पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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मई 2021 से अब तक 59 सुनवाई
विवादित कोठी को हड़पने के मामले में मई 2021 से अब तक 59 सुनवाई पूरी हो चुकी हैं। इन सुनवाइयों के दौरान एक भी बार कोठी के मालिक राहुल मेहता की गवाही नहीं हुई। गौरतलब है कि इस पूरे मामले में कोठी मालिक राहुल मेहता की गवाही बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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एक दिन मनीष गुप्ता ने उसे अपने घर बुलाया। वहां कुछ दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर करवाए। यह उस कोठी के दस्तावेज थे जो मनीष गुप्ता ने अरविंद सिंगला से खरीदी थी। चावला ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने भरोसे में हस्ताक्षर कर दिए थे, उसे बाद में पता चला कि उस कोठी को लेकर विवाद हो गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 9 मई को होगी।
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यह है मामला-
मामले के आरोपियों ने साल 2019 में सेक्टर-37 स्थित विवादित कोठी को हथियाने की साजिश रची थी। मामले में लिप्त आरोपियों ने अलग-अलग भूमिका निभा कर कोठी हथियाने का काम किया। कोठी के मालिक को पहले प्रताड़ित किया गया। यह भी आरोप है कि कोठी के मालिक राहुल मेहता को आरोपी नशा देते थे। इसके बाद कोठी के झूठे दस्तावेज तैयार करवाए गए। कोठी ट्रांसफर करवाने के लिए राहुल मेहता का हमशक्ल तैयार करवा कर कई दस्तावेजों पर जाली हस्ताक्षर करवाए गए। आरोपियों ने कोठी मालिक को गुजरात के एक आश्रम में छोड़ दिया। इस दौरान आरोपियों ने कोठी अपने नाम कर किसी और को बेच दी। कई दिनों तक राहुल नहीं मिला तो राहुल के पड़ोसी ने पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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मई 2021 से अब तक 59 सुनवाई
विवादित कोठी को हड़पने के मामले में मई 2021 से अब तक 59 सुनवाई पूरी हो चुकी हैं। इन सुनवाइयों के दौरान एक भी बार कोठी के मालिक राहुल मेहता की गवाही नहीं हुई। गौरतलब है कि इस पूरे मामले में कोठी मालिक राहुल मेहता की गवाही बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।