{"_id":"5e28af9e8ebc3e4b650a922a","slug":"know-the-theme-of-punjab-s-tableau-in-this-republic-day-parade","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजपथ में सुनाई देगा श्री गुरु नानक देव जी का संदेश, 550 वें प्रकाश पर्व को समर्पित पंजाब की झांकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजपथ में सुनाई देगा श्री गुरु नानक देव जी का संदेश, 550 वें प्रकाश पर्व को समर्पित पंजाब की झांकी
Thu, 23 Jan 2020 01:58 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 23 Jan 2020 01:58 AM IST
विज्ञापन
पंजाब की झांकी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहले पातशाह श्री गुरु नानक देव जी द्वारा दिए शाश्वत संदेश ‘किरत करो, नाम जपो, वंड छको’ को 26 जनवरी को नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के लिए पंजाब सरकार की झांकी के विषय के तौर पर दर्शाया जाएगा। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि गणतंत्र दिवस-2020 के अवसर पर पंजाब राज्य की झांकी को सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी की विचारधारा के साथ-साथ उनके 550वें प्रकाश पर्व संबंधी साल भर चले समागमों को समर्पित किया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गुरु साहिब के मानवीय सिद्धांतों पर आधारित फलसफे ‘किरत करो’, ‘नाम जपो’, ‘वंड छको’ को दिखाने की विनम्र कोशिश की है, जिसकी आज के समय में भी अहमियत है। उन्होंने कहा कि ‘किरत करो’ का सिद्धांत ईमानदार साधनों द्वारा आजीविका कमाने का संदेश देता है जबकि ‘नाम जपो’ के सिद्धांत द्वारा परमात्मा के नाम का निरंतर जाप करने के लिए प्रेरित किया गया है।
विज्ञापन
इसी तरह गुरु साहिब ने अपने तीसरे सिद्धांत ‘वंड छको’ द्वारा लोगों को समानता वाले समाज की सृजना के लिए अपनी मेहनत के फल को बांटकर ग्रहण करने का उपदेश दिया है।
विज्ञापन
ट्रेलर के अंत में प्रार्थना स्थल के रूप में गुरुद्वारा साहिब को दिखाया गया है, जिससे गुरुजी के ईश्वरीय संदेश की अहमियत और आंतरिक मूल्यों का ज्ञान प्राप्त होता है। इस झांकी द्वारा राजपथ पर केवल 60 सेकेंड में सभी दर्शकों द्वारा आत्मिक आनंद की दुनिया में लीन होते हुए श्री गुरु नानक देव जी के सत्कार में हाथ जोड़कर शीश झुकाया जाएगा।