हाइवे से पहाड़ तक, दौड़ाइए फोर्ड ईकोस्पोर्ट
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चार मीटर से थोड़ी सी छोटी ईकोस्पोर्ट को छोटी कार होने का पूरा फायदा मिला है। इसके तहत कंपनी ने टैक्स में रियायत पाई है। लेकिन इसके बावजूद यह एसयूवी की क्वालिटी से लैस है। अपने ग्रिल और स्लिम हेडलैंप की वजह से यह गाड़ी बहुत आकर्षक लगती है। इसमें स्पोर्टी कार का अंदाज दिखता है।
ईकोस्पोर्ट की हाइट और पीछे लगी स्टेपनी इसको ज्यादा अग्रेसिव लुक देती है। इसके इंटीरियर में ब्लैक और ग्लॉस एलुमिनियम का इस्तेमाल हुआ है इसलिए इंटीरियर दो रंग में हैं।
सामने से देखने पर यह एक छोटी कार होने का भले ही अहसास कराती हो लेकिन जब आप इसे बगल से देखेंगे तो लगेगा जैसे कोई बड़ी एसयूवी खड़ी है। इसके टॉप मॉडल में लगे 16 इंच के व्हील इसकी लुक को बेहतर बनाते हैं। यह फोर्ड के बी2ई फिएस्टा प्लेटफार्म पर बनी है।
दूर की यात्रा में आरामदायक
फोर्ड की इस कार की सीधी टक्कर रेनो डस्टर से है। स्पेस के मामले में दोनों गाड़ियों में आगे के पैसेंजर के लिए पूरा स्पेस है। पैरों और सिर दोनों के लिए पूरी गुंजाइश है। लेकिन इको स्पोर्ट में आर्म रेस्ट एक एडिशनल फीचर है। इको स्पोर्ट और डस्टर दोनों में ड्राइवर सीट पर हाइट और स्टेयरिंग एडजस्टमेंट फीचर है जो लंबी ड्राइव में आरामदायक है।
मैंने दिल्ली से शिमला की यात्रा चार लोगों के साथ की और मेरी 400 किलोमीटर की ईकोस्पोर्ट ड्राइव में आगे और पीछे के यात्री आराम से बैठे थे। इसमें कप होल्डर के साथ आर्म रेस्ट फीचर है। यह आपको क्लाइमेट कंट्रोल और सिंक्रोनाइजेशन का फीचर देती है जो वॉयस एक्टिवेटिड हैं। ये दोनों फीचर डस्टर में नहीं हैं। इसमें छह एयर बैग हैं जो इसकी प्रतिस्पर्धी गाड़ियों की तुलना में अधिक है।
कैसी है चलाने में
गाजियाबाद से जीरकपुर तक के लगभग 260 किलोमीटर के सफर को ईकोस्पोर्ट ने महज तीन घंटे में पूरा कर लिया। जीरकपुर से शिमला की 110 किलोमीटर की पहाड़ी यात्रा पर इसने सड़क की अपनी लाइन को पकड़कर चलते हुए हर मोड़ को बिना किसी दिक्कत के पार किया।
इसकी हैंडलिंग इतनी स्मूथ है कि ड्राइवर को अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती। इसका 1.5 लीटर का डीजल इंजन 90 पीएस की शक्ति 3900 आरपीएम पर देती है। वहीं 204 एनएम का टॉर्क 2000-2750 आरपीएम के बीच में प्रदान करती है।
इतनी है फोर्ड ईकोस्पोर्ट की माइलेज
इसके पेट्रोल मॉडल में वही इंजन लगा है जो के-10 में है लेकिन होंडा सिटी से यह अधिक शक्ति देता है। इसके ईकोबूस्ट इंजन का माइलेज बहुत प्रभावशाली है। यह हाईवे पर 17 किमीप्रली का माइलेज और शहर में लगभग 12 किमीप्रली का माइलेज देती है। यह आंकड़ा मेरी टेस्टिंग में मिली गाड़ी का है। इसकी लगभग 1000 किलोमीटर की ड्राइव में मुझे 13 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज मिला।
निगेटिव
- शिमला में मैंने ईकोस्पोर्ट को एक सीधी चढ़ाई पर चढ़ाने की कोशिश की और इसके टायर ग्रिप बनाने की बजाय पूरी तरह से स्लिप करने लगे। ऐसा लग रहा था जैसे इंजन को पूरा पिकअप नहीं मिल रहा है। पूरी मेहनत के बाद जब गाड़ी ऊपर नहीं चढ़ी तो मैंने सबको उतारा दिया। इसके बाद गाड़ी ऊपर चढ़ी।
- भले ही कंपनी ईकोस्पोर्ट को ऑफरोड के लिए योग्य मानती है लेकिन मुझे इस बात पर संशय है क्योंकि मैंने जितनी बार इसे बिना टार्मेक वाले सड़क पर ड्राइव किया, यह चीखने लगी।
- बूट स्पेस के मामले में यह तंग है।
इनसे है फोर्ड ईकोस्पोर्ट का मुकाबला
रेनो डस्टर
निसान टेरैनो
महिंद्रा एक्सयूवी
सिमुलेटर से सीखें सेफ ड्राइविंग
सिमुलेटर वीडियो गेम की तरह होता है जिसमें एक केबिन में स्टीयरिंग, गियर, क्लच, ब्रेक और थ्रीडी स्क्रीन पर दिखने वाली सड़कें होती हैं। पूरी दुनिया में ट्रेनिंग के लिए एडवांस सिमुलेटर का इस्तेमाल किया जाता है।
भारत में यह तकनीकलगभग नई है। इसके जरिए एक सुरक्षित कैबिन में बैठकर ट्रेनी ड्राइविंग की कठिन परिस्थितियों को समझता और सीखता है। इसमें शहरी सड़क, पहाड़ी सड़क या हाईवे आदि चुनने का विकल्प होता है।
निष्कर्ष
10 मॉडलों में उपलब्ध ईकोस्पोर्ट की कीमत 6 लाख 32 हजार से लेकर 9 लाख 71 हजार रुपये तक है। अगर आप ऐसी गाड़ी खरीदना चाहते हैं जो अपनी कीमत से अधिक महंगी दिखे तो यह निराश नहीं करेगी।