धनतेरस आज, खरीदारी को सिर्फ 2 घंटे, जानें मुहूर्त
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धनतेरस मंगलवार को है। इस दिन सनातन धर्म के अनुसार नए बर्तन खरीद कर रखने की परंपरा है। यह कहना है सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का।
उन्होंने कहा कि वामन पुराण के अनुसार यदि धनतेरस के दिन बर्तन खरीदकर अपने घर में रखा जाए तो उसके घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।
यदि इस दिन सोने व चांदी के बर्तन खरीदते हैं तो भगवान विष्णु और लक्ष्मी का वास होता है। कार्तिक का महीना भगवान विष्णु की उपासना के लिए शुभ दायक होता है।
बर्तन खरीदने का शुभ मुहूर्त
बीरेंद्र नारायण मिश्र का कहना है कि धनतेरस को बर्तन खरीदने का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजे से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक है। यह समय लाभ एवं अमृत का चौघड़िया का मुहूर्त के अलावा अभिजीत मुहूर्त और बृहस्पति की होरा है। बृहस्पति सोने का कारक है। इसलिए इसमें सोना किसी भी रूप में खरीदना अति लाभदायक होगा।
वहीं, सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री के अनुसार, दोपहर के बाद शाम सात बजकर 15 मिनट से रात आठ बजकर 52 मिनट तक लाभ की चौघड़िया है। बृहस्पति की होरा भी है।
राहुकाल में न करें खरीदारी
सेक्टर-18 के श्रीराधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे के अनुसार, धनतेरस को दोपहर बाद तीन बजे से शाम साढ़े चार बजे तक राहुकाल है। इस समय में सोने-चांदी का बर्तन खरीदना शुभ नहीं माना गया है।
दीपावली पूजन का शुभ मुहूर्त
बीरेंद्र नारायण मिश्र के अनुसार, दीपावली 23 अक्तूबर को है। शाम पांच बजकर 39 मिनट से रात 08 बजकर 06 मिनट तक प्रदोष काल है। शाम 06 बजकर 53 मिनट से रात 8 बजकर 47 मिनट तक स्थिर लग्न (वृष लग्न) है। अमृत की चौघड़िया 07 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। इसके बाद 08 बजकर 53 मिनट तक चर की चौघड़िया रहेगी।
पूजन के लिए उत्तम मुहूर्त शाम 06 बजकर 53 मिनट से 07 बजकर 16 मिनट तक है। इस समय में गणेश-लक्ष्मी पूजन, पंचदेव पूजन, कुबेर पूजन, नवीन बही खातों का आरंभ, मंत्र जाप और शुभ काम करना चाहिए। महानिशा काल रात 10 बजकर 44 मिनट से रात एक बजकर 32 मिनट तक है।