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Haryana: मंत्रियों, डिप्टी स्पीकर समेत कई विधायकों के लिए बजी खतरे की घंटी, लोकसभा चुनाव में नहीं दिला पाए जीत
Thu, 06 Jun 2024 01:46 PM IST
निवेदिता वर्मा
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 06 Jun 2024 01:46 PM IST
सार
कांग्रेस के 12 विधायकों के हलकों में भाजपा ने बढ़त बनाई है। इनमें कालका से विधायक प्रदीप चौधरी के हलके से भाजपा को 10845, बिशनलाल सैनी के रादौर में 7198, मेवा सिंह के लाडवा से 8750, किरण चौधरी के तोशाम में भाजपा प्रत्याशी को 8063 मतों से जीत मिली है।
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सियासी समीकरण
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
हरियाणा में लोकसभा चुनावों के परिणामों ने भाजपा के 4 मंत्रियों, डिप्टी स्पीकर समेत 6 विधायकों और कांग्रेस के 12 विधायकों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। ये नेता अपने विधानसभा हलकों में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशियों को जीत नहीं दिला पाए। हालांकि, इसके पीछे कारण अलग-अलग रहे हैं, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में भितरघात के आरोप लगे हैं।
इनके अलावा, कहीं पर भाजपा को एंटी इंकम्बेंसी का सामना करना पड़ा है तो कई कांग्रेस विधायक इस एंटी इंकम्बेंसी को भी भुनाने में नाकाम रहे हैं। लोकसभा चुनावों में विधानसभा हलकों में कमजोर और लचर प्रदर्शन करने वाले विधायक अब दोनों पार्टियों के रडार पर आ गए हैं। दोनों ही दल विधायकों और दिग्गज नेताओं का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने में जुट गए हैं। इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर विधानसभा चुनावों में टिकट मिलने तय हैं। दोनों ही दल लोकसभा चुनावों से पहले इसको लेकर ताकीद कर चुके हैं।
सबसे पहले सरकार के मंत्रियों के हलकों की बात करते हैं। इनमें सबसे पहला नंबर कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर का आता है। उनके जगाधरी हलके से कांग्रेस को 15446 मतों की लीड मिली है। परिवहन मंत्री असीम गोयल के अंबाला सिटी से 5699, वित्त मंत्री जेपी दलाल के हलके लौहारू से 8319 और सामाजिक आधिकारिता मंत्री बिशंबर वाल्मीकि के ववानीखेड़ा से कांग्रेस 282 मतों से आगे रही है। इसी प्रकार, विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा के हलके से भाजपा जीत नहीं पाई और यहां से कांग्रेस प्रत्याशी को 2439 की बढ़त मिली। इनके बाद विधायकों की बात करें तो भव्य बिश्नोई के आदमपुर हलके से कांग्रेस को 6384, दुड़ाराम के फतेहाबाद से 22641, प्रवीन डागर के हलके हथीन से 51724, जगदीश नायर के होडल से 566 मतों से कांग्रेस जीती है। इसी प्रकार पूर्व मंत्री संदीप सिंह के पिहोवा हलके से आप पार्टी को 879 और पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा के हलके कलायत से आप को 13372 मतों पर बढ़त मिली है। जबकि लोकसभा चुनावों के समय भाजपा के 40 और कांग्रेस 30 विधायकों पर प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी थी।
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पांच मंत्रियों का प्रदर्शन बेहतर
पांच मंत्रियों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। इनमें उद्योग मंत्री मूलचंद शर्मा ने बल्लभगढ़ हलके से भाजपा प्रत्याशी को 45775 की लीड दिलाई। इसी प्रकार शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने बड़खल से 31579, निकाय मंत्री सुभाष सुधा ने थानेसर से 18533, सहकारिता मंत्री महिपाल ढांडा ने पानीपत ग्रामीण से 47690 और डॉ. बनवारी लाल ने बावल से 22249 मतों की अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाई।
विज और अभय यादव के हलके में कम मिली बढ़त
पूर्व गृह मंत्री अनिल विज के हलके अंबाला कैंट में भाजपा प्रत्याशी को 4723 और सिंचाई मंत्री अभय यादव अपने नांगल चौधरी हलके से भाजपा प्रत्याशी को 2592 मतों की मामूली लीड ही दिला पाए। पूर्व मंत्री ओपी यादव का प्रदर्शन बेहतर रहा और नारनौल से भाजपा को 17662 को बढ़त मिली है। वहीं, जींद से भाजपा विधायक कृष्ण मिड्डा भी अपने हलके में भाजपा को मात्र 3161 मतों से ही दिला पाए। वहीं, गन्नौर से भाजपा के विधायक निर्मल चौधरी पर भितरघात के आरोप लगे थे, लेकिन यहां पर भाजपा जीती है, हालांकि यहां से भाजपा प्रत्याशी को मात्र 1708 मतों की बढ़त ही मिली है।
अपने ही हलके में नहीं जीत पाए राव दान सिंह
कांग्रेस के 12 विधायकों के हलकों में भाजपा ने बढ़त बनाई है। इनमें कालका से विधायक प्रदीप चौधरी के हलके से भाजपा को 10845, बिशनलाल सैनी के रादौर में 7198, मेवा सिंह के लाडवा से 8750, किरण चौधरी के तोशाम में भाजपा प्रत्याशी को 8063 मतों से जीत मिली है। खास बात ये है लोकसभा प्रत्याशी राव दान सिंह अपने ही विधानसभा हलके महेंद्रगढ़ में हार गए और यहां भाजपा को 4840 अधिक मत मिले। बता दें कि किरण चौधरी अपनी बेटी श्रुति चौधरी के लिए टिकट मांग रही थीं, लेकिन टिकट कट गया था।
नीरज शर्मा और चिरंजीव राव के हलकों में भाजपा की बड़ी जीत
सबसे ज्यादा खराब स्थिति तो विधायक नीरज शर्मा के हलके फरीदाबाद एनआईटी में भाजपा को रिकॉर्ड 41690 मतों की बढ़त मिली है। कुछ इसी प्रकार के हालात सोनीपत से सुरेंद्र पंवार के हलके में 35846, रेवाड़ी में चिरंजीवी राव के हलके में 36529, धर्म सिंह छौक्कर के समालखा में 18337, सुभाष देशवाल के सफीदों में भाजपा 5331 मतों से आगे रही। बलबीर वाल्मीकि के हलके इसराना में 6770 और शमशेर गोगी के हलके असंंध में भाजपा को मामूली 1654 मतों से बढ़त मिली।
बता दें कि चिरंजीव राव के पिता कैप्टन अजय यादव गुरुग्राम से टिकट के दावेदार थे, लेकिन हुड्डा खेमे ने राज बब्बर को टिकट दिला दिया था। वहीं, कांग्रेस के बड़े नेता और फरीदाबाद से टिकट के दावेदार कर्ण सिंह दलाल के हलके पलवल में भाजपा को 24944 मतों की बढ़त मिली है। यहां से भाजपा के दीपक मंगला मौजूदा विधायक हैं।
मेवात से कांग्रेस को मिले रिकॉर्ड मत
मुस्लिम बहुल इलाके मेवात जिले ने कांग्रेस को खूब मत दिए। यहां के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशी को एकतरफा जनाधार मिला है। कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के हलके नूंह से 67502, मामन खान के फिरोजपुर झिरका से 98558 और मोहम्मद इलियास के पुन्हाना से कांग्रेस को रिकॉर्ड 92464 वोट मिले।
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इनके अलावा, कहीं पर भाजपा को एंटी इंकम्बेंसी का सामना करना पड़ा है तो कई कांग्रेस विधायक इस एंटी इंकम्बेंसी को भी भुनाने में नाकाम रहे हैं। लोकसभा चुनावों में विधानसभा हलकों में कमजोर और लचर प्रदर्शन करने वाले विधायक अब दोनों पार्टियों के रडार पर आ गए हैं। दोनों ही दल विधायकों और दिग्गज नेताओं का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने में जुट गए हैं। इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर विधानसभा चुनावों में टिकट मिलने तय हैं। दोनों ही दल लोकसभा चुनावों से पहले इसको लेकर ताकीद कर चुके हैं।
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सबसे पहले सरकार के मंत्रियों के हलकों की बात करते हैं। इनमें सबसे पहला नंबर कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर का आता है। उनके जगाधरी हलके से कांग्रेस को 15446 मतों की लीड मिली है। परिवहन मंत्री असीम गोयल के अंबाला सिटी से 5699, वित्त मंत्री जेपी दलाल के हलके लौहारू से 8319 और सामाजिक आधिकारिता मंत्री बिशंबर वाल्मीकि के ववानीखेड़ा से कांग्रेस 282 मतों से आगे रही है। इसी प्रकार, विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा के हलके से भाजपा जीत नहीं पाई और यहां से कांग्रेस प्रत्याशी को 2439 की बढ़त मिली। इनके बाद विधायकों की बात करें तो भव्य बिश्नोई के आदमपुर हलके से कांग्रेस को 6384, दुड़ाराम के फतेहाबाद से 22641, प्रवीन डागर के हलके हथीन से 51724, जगदीश नायर के होडल से 566 मतों से कांग्रेस जीती है। इसी प्रकार पूर्व मंत्री संदीप सिंह के पिहोवा हलके से आप पार्टी को 879 और पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा के हलके कलायत से आप को 13372 मतों पर बढ़त मिली है। जबकि लोकसभा चुनावों के समय भाजपा के 40 और कांग्रेस 30 विधायकों पर प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी थी।
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पांच मंत्रियों का प्रदर्शन बेहतर
पांच मंत्रियों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। इनमें उद्योग मंत्री मूलचंद शर्मा ने बल्लभगढ़ हलके से भाजपा प्रत्याशी को 45775 की लीड दिलाई। इसी प्रकार शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने बड़खल से 31579, निकाय मंत्री सुभाष सुधा ने थानेसर से 18533, सहकारिता मंत्री महिपाल ढांडा ने पानीपत ग्रामीण से 47690 और डॉ. बनवारी लाल ने बावल से 22249 मतों की अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाई।
विज और अभय यादव के हलके में कम मिली बढ़त
पूर्व गृह मंत्री अनिल विज के हलके अंबाला कैंट में भाजपा प्रत्याशी को 4723 और सिंचाई मंत्री अभय यादव अपने नांगल चौधरी हलके से भाजपा प्रत्याशी को 2592 मतों की मामूली लीड ही दिला पाए। पूर्व मंत्री ओपी यादव का प्रदर्शन बेहतर रहा और नारनौल से भाजपा को 17662 को बढ़त मिली है। वहीं, जींद से भाजपा विधायक कृष्ण मिड्डा भी अपने हलके में भाजपा को मात्र 3161 मतों से ही दिला पाए। वहीं, गन्नौर से भाजपा के विधायक निर्मल चौधरी पर भितरघात के आरोप लगे थे, लेकिन यहां पर भाजपा जीती है, हालांकि यहां से भाजपा प्रत्याशी को मात्र 1708 मतों की बढ़त ही मिली है।
अपने ही हलके में नहीं जीत पाए राव दान सिंह
कांग्रेस के 12 विधायकों के हलकों में भाजपा ने बढ़त बनाई है। इनमें कालका से विधायक प्रदीप चौधरी के हलके से भाजपा को 10845, बिशनलाल सैनी के रादौर में 7198, मेवा सिंह के लाडवा से 8750, किरण चौधरी के तोशाम में भाजपा प्रत्याशी को 8063 मतों से जीत मिली है। खास बात ये है लोकसभा प्रत्याशी राव दान सिंह अपने ही विधानसभा हलके महेंद्रगढ़ में हार गए और यहां भाजपा को 4840 अधिक मत मिले। बता दें कि किरण चौधरी अपनी बेटी श्रुति चौधरी के लिए टिकट मांग रही थीं, लेकिन टिकट कट गया था।
नीरज शर्मा और चिरंजीव राव के हलकों में भाजपा की बड़ी जीत
सबसे ज्यादा खराब स्थिति तो विधायक नीरज शर्मा के हलके फरीदाबाद एनआईटी में भाजपा को रिकॉर्ड 41690 मतों की बढ़त मिली है। कुछ इसी प्रकार के हालात सोनीपत से सुरेंद्र पंवार के हलके में 35846, रेवाड़ी में चिरंजीवी राव के हलके में 36529, धर्म सिंह छौक्कर के समालखा में 18337, सुभाष देशवाल के सफीदों में भाजपा 5331 मतों से आगे रही। बलबीर वाल्मीकि के हलके इसराना में 6770 और शमशेर गोगी के हलके असंंध में भाजपा को मामूली 1654 मतों से बढ़त मिली।
बता दें कि चिरंजीव राव के पिता कैप्टन अजय यादव गुरुग्राम से टिकट के दावेदार थे, लेकिन हुड्डा खेमे ने राज बब्बर को टिकट दिला दिया था। वहीं, कांग्रेस के बड़े नेता और फरीदाबाद से टिकट के दावेदार कर्ण सिंह दलाल के हलके पलवल में भाजपा को 24944 मतों की बढ़त मिली है। यहां से भाजपा के दीपक मंगला मौजूदा विधायक हैं।
मेवात से कांग्रेस को मिले रिकॉर्ड मत
मुस्लिम बहुल इलाके मेवात जिले ने कांग्रेस को खूब मत दिए। यहां के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशी को एकतरफा जनाधार मिला है। कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के हलके नूंह से 67502, मामन खान के फिरोजपुर झिरका से 98558 और मोहम्मद इलियास के पुन्हाना से कांग्रेस को रिकॉर्ड 92464 वोट मिले।