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Chandigarh News: किसान मजदूर मोर्चा बिजली निजीकरण के खिलाफ खोलेगा मोर्चा
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-15 से 17 नवंबर तक पंजाब व केंद्र सरकार के पुतले जलाने का एलान
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) की सोमवार को चंडीगढ़ में एक बैठक हुई। बैठक में बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला लिया गया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि 10 दिसंबर को पंजाब भर में जबरदस्ती लगाए गए प्रीपेड स्मार्ट चिप मीटर उपभोक्ताओं की सहमति से उखाड़कर विभाग को वापस सौंपे जाएंगे। साथ ही बिजली संशोधन बिल के विरोध में 15 से 17 नवंबर को पूरे पंजाब के हर गांव और शहर में पंजाब और केंद्र सरकार के पुतले जलाए जाएंगे। साथ ही मोर्चे ने बिजली कर्मचारी यूनियनों द्वारा 2 नवंबर को बिजली मंत्री के घर के बाहर दिए गए धरने के आह्वान का पूर्ण समर्थन दिया है। पंधेर सोमवार को किसान भवन में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बिजली संशोधन बिल 2025 के मसौदे के खिलाफ बैठक में सभी जत्थेबंदियों को बुलाया गया था लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि एसकेएम से जुड़े संगठनों ने शायद बिजली संशोधन बिल पर चर्चा के लिए दिए गए निमंत्रण के तरीके को गलत समझ लिया है लेकिन केएमएम के एकता के सभी दरवाजे खुले हैं और इसके लिए दोबारा प्रयाास करेंगे। बैठक में कर्मचारी और छात्र संगठनों ने भाग लिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) की सोमवार को चंडीगढ़ में एक बैठक हुई। बैठक में बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला लिया गया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि 10 दिसंबर को पंजाब भर में जबरदस्ती लगाए गए प्रीपेड स्मार्ट चिप मीटर उपभोक्ताओं की सहमति से उखाड़कर विभाग को वापस सौंपे जाएंगे। साथ ही बिजली संशोधन बिल के विरोध में 15 से 17 नवंबर को पूरे पंजाब के हर गांव और शहर में पंजाब और केंद्र सरकार के पुतले जलाए जाएंगे। साथ ही मोर्चे ने बिजली कर्मचारी यूनियनों द्वारा 2 नवंबर को बिजली मंत्री के घर के बाहर दिए गए धरने के आह्वान का पूर्ण समर्थन दिया है। पंधेर सोमवार को किसान भवन में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बिजली संशोधन बिल 2025 के मसौदे के खिलाफ बैठक में सभी जत्थेबंदियों को बुलाया गया था लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि एसकेएम से जुड़े संगठनों ने शायद बिजली संशोधन बिल पर चर्चा के लिए दिए गए निमंत्रण के तरीके को गलत समझ लिया है लेकिन केएमएम के एकता के सभी दरवाजे खुले हैं और इसके लिए दोबारा प्रयाास करेंगे। बैठक में कर्मचारी और छात्र संगठनों ने भाग लिया।
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