पंजाब : सुल्तानपुर लोधी में सुखबीर बादल का विरोध, किसानों ने काफिले को दिखाए काले झंडे
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कृषि कानूनों के विरोध में शुक्रवार को सुल्तानपुर लोधी में किसानों ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के काफिले को काले झंडे दिखाए। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला उप प्रधान सुखप्रीत सिंह, तरसेम सिंह साबी गिद्दड़पिंडी, हरनेक सिंह खिंडा, जसपाल सिंह खिंडा, नरेंद्र सिंह, सुखदेव सिंह गिद्दड़पिंडी ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर शिरोमणि अकाली दल लोगों को गुमराह कर रह है।
यह कानून जब बनाए जा रहे थे तब वह इनसे सहमत थे। उनकी लड़ाई कारपोरेट घरानों के खिलाफ है और बादल परिवार खुद एक कारपोरेट घराना है। जब कृषि कानूनों को अमली रूप दिया जा रहा था तब सुखबीर बादल और उनकी पत्नी पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भारतीय जनता पार्टी की बोली बोलते हुए इन कानूनों को किसानों के लिए लाभदायक बता रहे थे। जब पूरे पंजाब में किसानों ने इन कानूनों का विरोध किया तो उन्होंने यू-टर्न ले लिया है।
किसान विरोधी हैं कैप्टन अमरिंदर सिंह : सुखबीर
उधर, जालंधर में सुखबीर बादल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि कैप्टन केंद्र के हाथों में खेल रहे हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार के कृषि कानून को पास किया था और अब तक इन्हें रद्द नहीं किया। केंद्र सरकार कृषि सुधार कानून वापस ले भी ले तो भी यह पंजाब में लागू रहेंगे।
उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने कृषि सुधार कानून पर भाजपा को पहले ही चेतावनी दे दी थी और जब भाजपा सरकार ने कृषि सुधार कानून लागू करने का फैसला किया तो अकाली दल ने तुरंत गठबंधन तोड़ दिया। अकाली दल किसानों का पूरा हितैषी है जबकि कैप्टन किसान विरोधी हैं। गोबर फेंकने के मामले में हत्या के प्रयास की धारा लगाई जा रही है जिससे साफ हो जाता है कि कैप्टन किसानों के पक्षधर नहीं हैं।
‘कैप्टन सरकार फेल करना चाहती है किसान आंदोलन’
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन को कैप्टन सरकार केंद्र के दबाव में फेल करना चाहती है। बठिंडा में शुक्रवार सुबह शिरोमणि अकाली दल के युवा नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाणा शिअद के पूर्व विधायक सरूप चंद सिंगला के आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
रोमाणा ने आरोप लगाया कि पंजाब के स्कूल खोलने का निर्णय कैप्टन सरकार ने किसानों को दिल्ली से वापस बुलाने के लिए किया है। कांग्रेस अब अपनी राजनीतिक साख बचाने के लिए किसानों के साथ खडे़ होने का ड्रामा कर रही है। पूर्व विधायक सरूप चंद सिंगला ने कहा कि कांग्रेस का किसान विरोधी चेहरा जल्द ही लोगों के सामने आ जाएगा।