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सोनीपत : किसानों की दुर्दशा से आहत होने की बात लिखकर किसान ने निगला जहर, खुद ही मंच पर पहुंचा
Mon, 21 Dec 2020 02:12 PM IST
निवेदिता वर्मा
अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 21 Dec 2020 02:12 PM IST
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जहर खाने वाले किसान को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
- फोटो : अमर उजाला
कुंडली बॉर्डर पर चल रहे धरनास्थल पर एक बुजुर्ग किसान ने सल्फास खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। किसान धरना दे रहे किसानों की दुर्दशा से आहत है। उन्होंने खुद ही मंच पर पहुंचकर जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी दी। जिस पर तुरंत उन्हें सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। सूचना के बाद कुंडली थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि किसान के बयान दर्ज किए गए हैं।
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पंजाब के जिला तरनतारन के गांव पटलपाई से सोमवार तड़के ही आए किसान निरंजन (65) ने दोपहर को धरनास्थल पर सल्फास खा लिया। वह धरनास्थल से कुछ दूर निहंगों के पास बैठे थे। जहर खाने के बारे में उनके साथ बैठे साथी किसानों को भी पता नहीं लगा। इसके बाद वह स्वयं ही मंच पर पहुंचे और खुद के सल्फास खा लेने की जानकारी साथी किसानों को दी।
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इस पर उनके गांव के बलबीर, मुख्त्यार सिंह व अन्य किसानों ने उन्हें तुरंत वाहन में सामान्य अस्पताल सोनीपत में पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इस दौरान निरंजन सिंह ने कहा कि उन्होंने किसानों की दुर्दशा देखकर कुर्बानी देने के लिए जहर खाया है। वह केंद्र सरकार के कृषि कानूनों से निराश है।
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नोट में किसान ने पंजाबी में लिखा है...
'शर्म आती है इस वतन को वतन कहते हुए, घर बैठे टीवी पर जब पिछले तीन चार माह से देख रहे थे अपने बहन, भाई, बूढ़े और बच्चों को ठंड में एवं गाड़ियों की पटरी और सड़कों पर बिना छत अंधेरी धुंध रात को बैठे देखते हैं तो दिल में एक सवाल उठता है कि हम भी इस देश के वासी है जिनसे गुलाम से भी ज्यादा बुरा व्यवहार कर रही है सरकार। आज जब आकर आंखों से देखा तो बर्दाश्त नहीं हुआ। हमारे नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी ने भी जुल्म के विरोध में आवाज उठाई थी, और अपनी कुर्बानी दे दी थी। मैं भी यह दुख ना देखते हुए अपने प्राणों की कुर्बानी दे रहा हूं, जिससे गूंगी बोली सरकार के कानों तक आवाज़ पहुंच सके।
गुरुघर एवं संगतों का दास
जत्थेदार निरंजन सिंह'
20 दिन रहकर गए थे वापस, अब वापस आकर उठाया कदम
सामान्य अस्पताल में पहुंचे निरंजन सिंह के साथी बलबीर सिंह ने बताया कि वह किसान संघर्ष समिति के सदस्य है। निरंजन सिंह उनके साथ ही आए हैं। वह लगातार 20 दिन तक आंदोलन स्थल पर रहने के बाद चार दिन पहले वापस गए थे। रात को फिर से दो गाड़ियों के साथ पंजाब से वापस आए। वह तड़के ही पहुंचे थे और दोपहर को उन्होंने यह कदम उठा लिया। वह सल्फास की गोली खाकर स्टेज पर गए और इसकी जानकारी दी थी।
पहले बाबा राम सिंह ने दी जान, अब निरंजन सिंह ने निगला जहर
निरंजन सिंह के जहर खाकर जान देने का प्रयास करने से पहले ही बाबा राम सिंह धरनास्थल पर अनुयायी की पिस्तौल से खुद को गोली मारकर जान दे चुके हैं। सिंघड़ा के नानकसर गुरुद्वारा के बाबा राम सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं कि निरंजन सिंह ने भी जान देने का प्रयास किया है।
किसान के जहर खाने की जानकारी मिली थी। जिस पर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। उन्होंने किसानों की दुर्दशा से आहत होकर जहर खाने की बात कही हैं। पुलिस जांच कर रही है। - जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत।