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ऐसा करेंगे तो सर्दियों में आपके बच्चों से दूर रहेगी बीमारी

Thu, 02 Jan 2014 10:10 PM IST
आशीष वर्मा/ अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/ अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 02 Jan 2014 10:10 PM IST
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kids will away from illness in winter season

इस वक्त सर्दी अपने पूरे शबाब पर है। यदि थोड़ी सी भी लापरवाही बरती गई तो यह सीजन भारी पड़ सकता है। सर्दी में छोटे बच्चों को काफी दिक्कत आती हैं।

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विशेषज्ञों के मुताबिक यदि बच्चों के हाथ और पैर बचाकर रखे जाए तो उन्हें सर्दी से बचाया जा सकता है। कई लोगों में भ्रम की स्थिति होती है कि बच्चों को रोज न नहलाया जाए, लेकिन इससे उनमें बीमार होने को खतरा रहता है।
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रोजाना नहलाने से वे बैक्टीरिया से दूर रहेंगे। साथ ही बच्चों को पानी भी खूब पिलाना चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक इतना पानी पिलाएं ताकि वे कम से कम छह से सात बार बाथरूम जरूर जाए।
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पानी नहीं पिलाने से उनमें डिहाइड्रेशन की दिक्कत हो जाती है। चंडीगढ़ के बाल विशेषज्ञों ने इस बारे में कुछ एडवाइजरी जारी की, जो पेरेंट्स के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होंगी।

छोटे बच्चों को कमरे में नहलाएं
1.दो महीने से बड़े बच्चों को रोज नहलाएं। इससे वे बैक्टीरिया से दूर रहेंगे और सर्दी व जुकाम से बचे रहेंगे।

2.यदि बच्चा बीमार है तो एक दिन छोड़कर नहलाएं। जिस दिन नहीं नहला रहे हैं, उस दिन गरम पानी के तौलिए से उसका बदन जरूर पोंछे।

3.डेढ़ साल से छोटे बच्चों को बाथरूम की बजाय कमरे में नहलाएं। बाथरूम का तापमान थोड़ा कम रहता है।

4.नहाने से पहले बच्चों के शरीर में नारियल के तेल से मालिश करनी चाहिए। मालिश के 20 मिनट बाद बच्चों को नहलाएं। मालिश के लिए बादाम, जैतून और अन्य तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।


5. खाना खाने के तुरंत बाद मत मालिश करें। उसके बाद कपड़ा पहना दें। फिर नहलाएं। नहाने के लिए गुनगुना पानी होना चाहिए।

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सोते वक्त ज्यादा कपड़े न पहनाएं
1.बच्चों को कपड़े लेयर में पहनाएं। सिर में टोपी जरूर हों। पैर में ऊनी मोजे और हाथ में दस्ताने।

2. गरम कमरे से सीधे बच्चों को बाहर न ले जाएं। अगर हीटर और ब्लोअर चलाए हैं तो बाहर जाने से 10 मिनट पहले बंद कर दें।

3. बच्चों का बिस्तर गरम होना चाहिए। पतली रजाई या पतला कंबल बिछा सकते हैं।

4. सोते वक्त बच्चे को ज्यादा कपड़े न पहनाएं। इससे रात के वक्त बच्चा बैचेन हो सकता है।

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गरम तरल पदार्थ पिलाते रहे
1. सर्दियों में छोटे बच्चों में सबसे बड़ी दिक्कत डिहाइड्रेशन की होती है। इसलिए डेढ़ साल से ऊपर के बच्चों को लगातार गुनगुना पानी, गरम दूध, चाय और सूप भी पिलाते रहें।

2.इससे कम उम्र के बच्चों को पानी, मां का दूध पिलाएं और काजू-बादाम पीसकर दें।

3. एक साल से छोटे बच्चों को शहद की बूंदे भी चटा सकते हैं।

4. बच्चों को तला भोजन बिलकुल न दें।

सर्दी-जुकाम होने पर क्या करें?
1. जुकाम होने पर बच्चों को भाप दे। कम से कम तीन बार।
2. तरल पदार्थ उसे जरूर देते रहें। पानी भी गुनगुना देते रहे।
3. बच्चे को जल्द से जल्द बाल विशेषज्ञ को दिखाएं।

सेक्टर 16 पीड्रियाटिक विभाग के एचओडी डॉ. अशोक सैनी ने बताया कि बच्चों को पानी लगातार पिलाते रहे। पानी हल्का गुनगुना होना चाहिए। निमोनिया के केस इस सीजन में आ रहे हैं।

बेदी हास्पिटल चंडीगढ़ के डायरेक्टर डॉ. आरएस बेदी ने बताया कि बच्चों को जरूर नहलाएं। इससे वे कीटाणु से दूर रहेंगे और सर्दी जुकाम से बचे रहेंगे। सिर, हाथ और पैर ढंक कर रखे।

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