{"_id":"5b14cc8d4f1c1ba66e8b6140","slug":"khasi-punjabi-clash-in-shillong-of-meghalaya-punjab-cm-sending-team-to-investigate","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिखों से मारपीटः मंत्री सुखजिंदर रंधावा के नेतृत्व में शिलांग जाएगी पंजाब की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिखों से मारपीटः मंत्री सुखजिंदर रंधावा के नेतृत्व में शिलांग जाएगी पंजाब की टीम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 04 Jun 2018 10:52 AM IST
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेघालय की राजनधानी शिलांग में दलित सिखों से मारपीट की रिपोर्टों को पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर रंधावा की अगुवाई में चार मेंबरी टीम मेघालय की राजधानी भेजने का फैसला किया है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह टीम अशांत इलाकों का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लेगी, सिख समुदाय की हरसंभव मदद करेगी। टीम में सांसद गुरजीत औजला, रवनीत बिट्टू और विधायक कुलदीप सिंह वैद्य शामिल हैं। यह टीम सोमवार को शिलांग रवाना होगी। सीएम ने टीम को दौरे के लिए सुविधा मुहैया करवाने को मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा से सहयोग की मांग की, ताकि टीम अशांत क्षेत्रों का दौरा कर सके। सीएम ने राज्य में सिख समुदाय और सिख संस्थाओं की सुरक्षा यकीनी बनाने को भी संगमा से अपील की।
प्रवक्ता ने कहा कि मेघालय के सीएम ने मुख्यमंत्री को सिखों की सुरक्षा को लेकर निजी भरोसा दिलाया था। लेकिन फिर भी उन्होंने टीम भेजने का फैसला किया है। क्योंकि स्थिति अभी काबू में नहीं है, इसके और भी तनावपूर्ण होने की संभावना है। कैप्टन ने दलित सिखों की सुरक्षा यकीनी बनाने को मेघालय सरकार को हरसंभव सहायता की पेशकश की। जिनके पूर्व ब्रिटिश राज के दौरान मेघालय जाकर बस गए थे।
विज्ञापन
शिलांग में कर्फ्यू में ढील, हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की राजधानी शिलांग में वीरवार को पंजाबी युवती के साथ कथित छेड़छाड़ के बाद एक बस खलासी के साथ मारपीट की घटना के बाद तीन दिनों से भड़की हिंसा एवं तनाव के बाद रविवार को हालात धीरे धीरे सामान्य होते हुए दिखाई दिए। बताया जाता है कि बस खलासी की मौत की अफवाह ने हिंसा की आग में घी डालने का काम किया और यह विवाद पंजाबी बनाम स्थानीय खासी समुदाय की नाक की लड़ाई बन गया।
राजधानी के ज्यादातर इलाकों में रविवार को कर्फ्यू में सात घंटे की ढील दी गई। हालांकि इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद हैं। ईस्ट खासी हिल्स जिले के उपायुक्त पी. ए. खार ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की गश्त जारी है। हालात तनावपूर्ण लेकिन काबू में हैं।
खासी छात्र संघ ने पंजाबियों की बस्ती को हटाने की मांग की
खासी छात्र संघ समेत विभिन्न संगठनों ने थेम मोटर इलाके में पंजाबियों की बस्ती को अवैध करार देते हुए उन्हें राज्य से निकालने की मांग उठाई। वहीं, पंजाबी समुदाय का दावा है कि उनके पूर्वज सौ साल से अधिक समय से इलाके में रह रहे हैं। फिर वे बाहरी कैसे हो गए?
विज्ञापन
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह टीम अशांत इलाकों का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लेगी, सिख समुदाय की हरसंभव मदद करेगी। टीम में सांसद गुरजीत औजला, रवनीत बिट्टू और विधायक कुलदीप सिंह वैद्य शामिल हैं। यह टीम सोमवार को शिलांग रवाना होगी। सीएम ने टीम को दौरे के लिए सुविधा मुहैया करवाने को मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा से सहयोग की मांग की, ताकि टीम अशांत क्षेत्रों का दौरा कर सके। सीएम ने राज्य में सिख समुदाय और सिख संस्थाओं की सुरक्षा यकीनी बनाने को भी संगमा से अपील की।
विज्ञापन
प्रवक्ता ने कहा कि मेघालय के सीएम ने मुख्यमंत्री को सिखों की सुरक्षा को लेकर निजी भरोसा दिलाया था। लेकिन फिर भी उन्होंने टीम भेजने का फैसला किया है। क्योंकि स्थिति अभी काबू में नहीं है, इसके और भी तनावपूर्ण होने की संभावना है। कैप्टन ने दलित सिखों की सुरक्षा यकीनी बनाने को मेघालय सरकार को हरसंभव सहायता की पेशकश की। जिनके पूर्व ब्रिटिश राज के दौरान मेघालय जाकर बस गए थे।
विज्ञापन
शिलांग में कर्फ्यू में ढील, हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की राजधानी शिलांग में वीरवार को पंजाबी युवती के साथ कथित छेड़छाड़ के बाद एक बस खलासी के साथ मारपीट की घटना के बाद तीन दिनों से भड़की हिंसा एवं तनाव के बाद रविवार को हालात धीरे धीरे सामान्य होते हुए दिखाई दिए। बताया जाता है कि बस खलासी की मौत की अफवाह ने हिंसा की आग में घी डालने का काम किया और यह विवाद पंजाबी बनाम स्थानीय खासी समुदाय की नाक की लड़ाई बन गया।
राजधानी के ज्यादातर इलाकों में रविवार को कर्फ्यू में सात घंटे की ढील दी गई। हालांकि इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद हैं। ईस्ट खासी हिल्स जिले के उपायुक्त पी. ए. खार ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की गश्त जारी है। हालात तनावपूर्ण लेकिन काबू में हैं।
खासी छात्र संघ ने पंजाबियों की बस्ती को हटाने की मांग की
खासी छात्र संघ समेत विभिन्न संगठनों ने थेम मोटर इलाके में पंजाबियों की बस्ती को अवैध करार देते हुए उन्हें राज्य से निकालने की मांग उठाई। वहीं, पंजाबी समुदाय का दावा है कि उनके पूर्वज सौ साल से अधिक समय से इलाके में रह रहे हैं। फिर वे बाहरी कैसे हो गए?