चालबाजी से बाज नहीं आ रहा पाक, खालिस्तान समर्थक अमीर सिंह को बनाया पीएसजीपीसी महासचिव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा है। पाक सरकार ने पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) के महासचिव पद से खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला को हटाने के बाद अमीर सिंह को नियुक्त किया है। लेकिन अमीर सिंह भी खालिस्तान समर्थक ही है।
14 जुलाई को भारत-पाकिस्तान के बीच वाघा बॉर्डर पर आयोजित दूसरे दौर की बैठक से पहले पाकिस्तान सरकार ने पीएसजीपीसी की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया था।
पाकिस्तान सरकार ने पीएसजीपीसी के प्रधान भाई तारा सिंह की भी छुट्टी कर दी है। नव गठित पीएसजीपीसी की पहली बैठक में सर्वसम्मति से उनके स्थान पर नए सदस्य भाई सतवंत सिंह को प्रधान नियुक्त किया गया।
प्रकाश पर्व के कार्यक्रमों को देखते हुए भाई तारा सिंह का कार्यकाल बढ़ाया हुआ था। पीएसजीपीसी के अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है। भाई तारा सिंह कराची के बड़े उद्योगपति हैं। उनको पीएसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष भाई बिशन सिंह के स्थान पर नियुक्त किया गया था।
इस बैठक का आयोजन लाहौर स्थित अकाफ बोर्ड के कार्यालय में बोर्ड के चेयरमैन डॉ अमीर अहमद की अध्यक्षता में हुआ। डॉ अहमद ने पीएसजीपीसी के नवनियुक्त प्रधान भाई सतवंत सिंह से कहा कि वह श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित कार्यक्रमों को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ तालमेल करें। एसजीपीसी द्वारा 25 जुलाई को निकाले जाने वाले नगर कीर्तन के लिए पाकिस्तान सरकार ने सभी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जल्द ही गुरुद्वारा चोआ साहिब व खारा साहिब संगत के लिए खोले जाएंगे
डॉ आमिर अहमद ने बैठक के दौरान घोषणा की कि पाकिस्तान सरकार जल्द ही श्री गुरु नानक देव जी की चरण स्पर्श भूमि में स्थित गुरुद्वारा चोआ साहिब और गुरुद्वारा खारा साहिब संगत के लिए खोल देगी।
प्रकाश पर्व के कार्यक्रमों की तैयारियों पर पड़ सकता है असर
पाकिस्तान सरकार द्वारा तारा सिंह को पीएसजीपीसी के प्रधान पद से हटाने से प्रकाश पर्व की तैयारियों पर इसका असर पड़ सकता है। छह महीनों से भाई तारा सिंह प्रकाश पर्व के कार्यक्रमों को लेकर पाकिस्तान सरकार के संपर्क में थे। उन्होंने एसजीपीसी के साथ भी तालमेल बनाया हुआ था।