पुलवामा हमलाः कश्मीरी छात्रों को अनहोनी का डर, डीसी व एसपी की मान मनोव्वल से माने छात्र
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पुलवामा हमले के बाद मुलाना में कश्मीरी छात्रों के प्रति स्थानीय लोगों के रोष के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। एक ओर जहां वीडियो वायरल हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कथित रूप से एक कश्मीरी छात्र के सिर में बाल्टी मारने की बात भी चर्चाओं में हैं। कश्मीरी छात्र दहशत में हैं और पुलिस सुरक्षा में अंबाला से पंचकूला तक भेजने की मांग पर अड़े रहे। मौके पर डीसी शरणदीप कौर बराड़ और एसपी आस्था मोदी पुलिस बल सहित एमएमयू में मौजूद हैं, लेकिन कश्मीरी छात्र अपनी सुरक्षा की दुहाई देते हुए उनको पंचकूला तक छोडने की मांग करते रहे।
सूत्र बताते हैं कि कुछ कश्मीरी तो मुलाना हलका छोड़ चुके हैं। एमएमयू में करीब 200 छात्र हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में करीब 700 कश्मीरी मौजूद हैं। मैराथन बातचीत के बाद आखिरकार देर शाम करीब 8 बजे छात्रों ने प्रशासन पर भरोसा जताया और फिलहाल मुलाना में ही रहने की बात कही है। छात्रों के मानने पर प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है, जबकि क्षेत्र में पुलिस को अलर्ट किया गया है ताकि कहीं कोई घटना न हो। एमएमयू में भी पुलिस की तैनाती रहेगी। वहीं डीसी व एसपी ने भी हालात तनावपूर्ण देखते हुए रात्रि मुलाना में ही रूकने का निर्णय लिया।
यह है मामला
पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में शहीद हुए 40 जवानों को लेकर मुलाना के लोगों में गुस्सा है। इसी को लेकर मुलाना में पंचायत ने मुनादी करवा दी थी कि क्षेत्र में जो भी कश्मीरी रह रहे हैं, वे 24 घंटे में वापस चले जाएं। इसी को लेकर शनिवार को भी विवाद रहा। वहीं, मुलाना के सरपंच नरेश ने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं बोला था। हालांकि शनिवार को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों के सामने बातचीत की और मामला काफी हद तक शांत रहा। रविवार को फिर से मामले ने तूल पकड़ लिया। बताया जाता है अन्य कश्मीरी कामगारों को, जो विभिन्न हिस्सों में रेहड़ी आदि लगाते हैं, को भी अपनी आईडी जमा करवाने के लिए कहा गया था।
इस तरह से बिगड़ा मामला
रविवार को एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें एक कश्मीरी छात्र को पीटते हुए दिखाया गया। इस वीडियो में छात्र से पूछा गया कि वे कब जाएंगे, जिस पर कश्मीरी छात्र जल्द जाने की बात करता है। इसके बाद एक अन्य कश्मीरी छात्र आया और उसके हुई बहस के बाद एक व्यक्ति उस पर जूते से प्रहार कर देता है। दूसरी ओर बताया जा रहा है कि बीएससी मेडिकल के छात्र पर किसी ने बाल्टी से वार कर दिया है। हालांकि पुलिस में इसकी शिकायत नहीं है, लेकिन यह बात इतनी तेजी से फैली की कश्मीरी युवक दहशत में आ गए हैं। यह सभी एमएम यूनिवर्सिटी मुलाना में एकत्रित हुए। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन मामला काफी संवेदनशील हो गया।
मामला शांत नहीं हुआ, तो एसपी व डीसी को दी जानकारी
सिटी मेजिस्ट्रेट अंबाला सुशील कुमार, एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार, नायब तहसीलदार अमित वर्मा, डीएसपी सुधीर तनेजा व मुलाना थाना प्रभारी हरभजन सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन कश्मीरी युवक कश्मीर जाने की जिद पर अड़े रहे। करीब 5 घंटे तक एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार व डीएसपी सुधीर तनेजा उनको समझाते रहे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। डीएसपी सुधीर तनेजा ने एसपी अंबाला को घटना से अवगत करवाया जिसके बाद डीसी शरणदीप कौर बराड़ व एसपी आस्था मोदी मौके पर पहुंचीं। एमएम यूनिवर्सिटी में करीब 200 छात्र हैं, जिनको समझाने के लिए दोनों अधिकारियों ने काफी देर तक बातचीत की। हालांकि इस दौरान मुलाना के सरपंच ने भी आश्वासन दिया, लेकिन छात्रों में भय का माहौल है और वे किसी भी कीमत पर कश्मीर वापस लौटना चाहते हैं।
सीसीटीवी का भी दिया आश्वासन
कश्मीरी छात्रों को मनाने के लिए अधिकारियों ने एड़ी चोटी का जोर लगाया, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे। एसपी आस्था मोदी ने कश्मीरी युवकों को कहा कि वह चिंता न करें पुलिस की पूरी मदद रहेगी। एमएम यूनिवर्सीटी में पुलिस के जवान उनकी सुरक्षा करेंगे, जबकि परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे। हर गतिविधि उनमें कैद होगी, लेकिन आप लोग मत जाओ चिंता मत करो। काफी मान मनौव्वल के बाद छात्र माने।
कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, जबकि छात्रों ने न जाने की बात मान ली है। हर स्तर पर इन छात्रों को सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। - आस्था मोदी, एसपी अंबाला
स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है, जबकि कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है, प्रशासन उनके साथ है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। - शरणदीप कौर बराड़, डीसी अंबाला