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करतारपुर कॉरिडोर: निर्माण कंपनी ने फसल नष्ट की, किसान विरोध में उतरे
Sun, 24 Mar 2019 05:37 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेरा बाबा नानक (बटाला)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेरा बाबा नानक (बटाला)
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 24 Mar 2019 05:37 AM IST
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करतारपुर कॉरिडोर से संबंधित आईसीपी (इंटीग्रेटिड चेक पोस्ट) के निर्माण कार्य के दौरान शनिवार को डेरा बाबा नानक के कुछ किसानों ने निर्माण कंपनी पर ट्रैक्टर से एक किसान की फसल को जबरन नष्ट करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
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इसके बाद एकजुट हुए किसानों ने कंपनी के लोगों का विरोध कर कंपनी को ऐसा करने से रोक दिया। किसानों के मुताबिक जब कंपनी के लोगों को ऐसा करने के कारण के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उनको ऊपर से आदेश मिले हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें उनका बनता मुआवजा नहीं मिलता तब तक उनकी जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
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18 मार्च को किसान लक्खा सिंह की सहमति से केवल उनकी 16 एकड़ जमीन पर ही निर्माण कार्य शुरू किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बाकी किसानों से सहमति ली गई थी कि बिना उनकी इजाजत से उनकी फसलों को नष्ट नहीं किया जाएगा। किसान गुरनाम सिंह निवासी पखोके टाहली साहिब, हरपिंदर सिंह, दिलबाग सिंह और हरपाल सिंह ने बताया कि करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण के लिए कंपनी के ट्रैक्टर से किसान लक्खा सिंह की 16 एकड़ जमीन में फसल को नष्ट किया जा रहा है।
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शनिवार को वही ट्रैक्टर 16 एकड़ जमीन को छोड़ कर उसके आगे की जमीन, जहां किसान गुरनाम सिंह की गोभी की फसल लगी है, को नष्ट करने के लिए आ गया। जब उन्हें इस बारे में पता चला तो वह अन्य किसानों के साथ मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर चालक को उनकी फसल को नष्ट करने से रोक दिया। जब उन्होंने ऐसा करने के बारे में निर्माण कंपनी के अधिकारी से पूछा तो अधिकारियों ने कहा कि उन्हें आदेश मिले हैं कि 16 एकड़ जमीन के बाद आगे आती फसल को भी नष्ट कर जमीन को समतल किया जाए।
किसानों ने अधिकारियों से कहा कि जिसने उनको फसल नष्ट करने के आदेश दिए हैं, उन्हें मिलवाया जाए और सबसे पहले उनकी जमीन का रेट तय किया जाए। किसानों का उग्र विरोध देख कंपनी के अधिकारी ट्रैक्टर लेकर मौके से लौट गए। किसान बचाओ कमेटी के उप प्रधान सूबा सिंह ने बताया कि प्रशासन की तरफ से उन्हें 25 फरवरी को लिखकर दिया गया था कि उनकी जमीनों पर जो भी काम करवाया जाएगा, वह किसानों की सहमति से होगा लेकिन प्रशासन जबरन किसानों की जमीनों पर कब्जा करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी अधिकारी से जमीनों के मुआवजे संबंधी कोई बात तय नहीं हुई है। पहले उनसे मुआवजे संबंधी मूल्य तय किया जाए, बाद में प्रशासन उनकी जमीनों पर जो मर्जी करे। अभी तक केवल बैठकें ही हुई हैं, कोई समझौता नहीं हुआ। इस अवसर पर किसान दर्शन सिंह, निशान सिंह, हरभजन सिंह, चंदन सिंह, दिलबाग सिंह और हरदेव सिंह मौजूद थे।
इस संबंध में डेरा बाबा नानक के एसडीएम गुरसिमरन सिंह ढिल्लों ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को ऐसा करने से रोक दिया है। उनको पूरी उम्मीद है कि सोमवार को उनकी किसानों से सहमति बन जाएगी और उसके बाद किसानों की जमीनों पर काम शुरू करवा दिया जाएगा।