स्वच्छता सर्वेक्षण: करनाल का बेहतरीन प्रदर्शन, देश में 17वां स्थान, हरियाणा में चौथी बार नंबर वन
- देश में 65वें स्थान से 17 वें पर पहुंचा, हरियाणा में लगातार चौथी बार नंबर वन
- 382 शहरों के बीच हुई थी छह हजार अंकों की स्वच्छता सर्वेक्षण प्रतियोगिता
- करनाल नगर निगम को मिले 78 प्रतिशत अंक, नपा का भी रहा बेहतर प्रदर्शन
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के परिणाम में करनाल ने 48 अंकों की लंबी छलांग लगाते हुए 17वां स्थान हासिल किया है, इससे पहले यह 65 वें स्थान पर था। वहीं प्रदेश में लगातार चौथी बार करनाल नंबर-वन रहा है। यही नहीं प्रदेश के 17 शहरों के बीच प्रतियोगिता में टॉप रहे करनाल ने दूसरी बार थ्री स्टार रेटिंग और ओडीएफ प्लस-प्लस में एकमात्र होने का श्रेय हासिल किया है।
देश के 382 शहरों के बीच हुई स्वच्छता सर्वेक्षण प्रतियोगिता इस बार छह हजारों अंकों की थी। इससे पहले 2019 में पांच हजार और वर्ष-2018 में चार हजार अंकों की प्रतियोगिता हुई थी। इस बार की स्पर्धा में करनाल नगर निगम 4655.07/6000 यानी 77.58 फीसदी अंकों के साथ देश में 17वें रैंक पर रहा है। यही नहीं स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के परिणामों में जिले की नगर पालिकाओं को भी सम्मानजनक स्थान प्राप्त हुआ है।
पांच हजार आबादी की श्रेणी में जिला की नीलोखेड़ी नगर पालिका को प्रदेश में 32वां स्थान मिला है। इंद्री को 52वां जबकि निसिंग को 83वां रैंक मिला। 25 से 50 हजार आबादी की नगर पालिकाओं में जिला की तीन नगर पालिकाएं टॉप 100 में रही हैं। रैंकिंग में घरौंडा नगर पालिका 31वें स्थान पर, असंध 41वें तथा तरावड़ी को 83वां स्थान हासिल हुआ है। घरौंडा नगर पालिका ओडीएफ प्लस-प्लस तथा नीलोखेड़ी व इंद्री नगर पालिका को ओडीएफ प्लस घोषित किया गया है।
6 हजार अंकों के लिए थी प्रतियोगिता
1. सर्विस लेवल प्रोग्राम
1044.55/1500 यानी 69.63 फीसदी
2. सर्टिफिकेट
1100/1500 यानी 73.33 फीसदी
3. डायरेक्ट ऑर्ब्जवेशन
1365/1500 यानी 91 फीसदी
4. सिटीजन फिडबैक
1145.52/1500 यानी 76.36 फीसदी
कुल
4655.07/6000 यानी 77.58 फीसदी
सिटी फैक्ट्स
- निगम ने शहर को 20 वार्डों में बांटा हुआ है।
- 286827 की आबादी है (2011 की जनगणना के अनुसार)
- शहर के 75 हजार घरों से कचरा इकट्ठा किया जाता है।
- 1400 सफाई कर्मचारी शहर की सफाई में लगे हुए हैं। इनमें 355 पक्के व अन्य ठेके वाले शामिल रहे।
- 45 ट्रैक्टर-ट्राली, 90 टिपर, 250 ट्राई साइकिल, 5 जेसीबी का प्रयोग होता है।
- शहर में 258 रैक पीकर्स यानि कूड़ा बीनने वालों की पहचान कर उन्हें आई-कार्ड दिए गये और सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया।
- शहर से प्रतिदिन 180 टन के करीब कचरा निकलता है।
- काछवा रोड पर वेस्ट टू एनर्जी यानि बेकार चीजों से ऊर्जा बनाने के प्लांट में सीएनजी से बिजली बनाई जा रही।
- प्लास्टिक फ्री बैग की मुहिम से डेढ़ लाख कपड़े के बैग वितरित किए गए।
- फ्लाई ओवर के नीचे सुंदर और आकर्षक पेंटिंग बनवाई गई।
- स्वच्छता को लेकर स्कूलों, अस्पतालों, होटलों व आरडब्ल्यूए में प्रतियोगिता करायी गयी।
निगम की रणनीति, सफाईकर्ताओं का समर्पण तथा नागरिकों के सहयोग का परिणाम है। पिछले चार वर्षों से करनाल स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणामों में लगातार आगे बढ़ रहा है। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि अगले वर्ष करनाल टॉप-10 में अवश्य स्थान हासिल कर सकता है। - रेणूबाला गुप्ता, मेयर।
करनाल को पूरे देश के 1 से 10 लाख की आबादी के शहरों में 17वां स्थान हासिल हुआ है और इस उपलब्धि से करनाल ना केवल हरियाणा प्रदेश बल्कि उत्तर भारत में प्रथम स्थान पर है। शहर अब देश के टॉप-20 में पहुंच गया है। उम्मीद है कि अगले वर्ष 10 में स्थान पाएंगे। -निशांत कुमार यादव, डीसी एवं निगमायुक्त।