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गुरमेहर के विरोध में उतरे कारगिल शहीद के परिजन, बताई दिल की पीड़ा
महेश कुमार/अमर उजाला, कपूरथला(पंजाब)
Updated Thu, 02 Mar 2017 01:30 AM IST
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कारगिल शहीद के माता-पिता बोले
- फोटो : अमर उजाला
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अपने शहीद पिता की मौत को लेकर विवादों में घिरी गुरमेहर कौर कारगिल शहीदों के परिवारों के निशाने पर भी आ गई है। कपूरथला के कारगिल शहीद डिप्टी कमांडेंट महिंदर राज के 73 वर्षीय पिता मोहन लाल और 68 वर्षीय माता कमल ने गुरमेहर के बयानों को बचकाना बताया है।
अपने इकलौते बेटे को देश के लिए न्यौछावर करने वाले मोहन लाल और कमल ने कहा कि गुरमेहर ने अपने पिता की मौत का जिम्मेदार लड़ाई को बताकर उन सभी शहीदों का अपमान किया है।
जिन्होंने देशभक्ति की खातिर अपने प्राणों की भी परवाह नहीं की। गुरमेहर के पिता देश के लिए ही शहीद हुए हैं। ऐसे शहीद की बेटी होने के नाते उन्हें ऐसी बात नहीं करनी चाहिए।
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अपने इकलौते बेटे को देश के लिए न्यौछावर करने वाले मोहन लाल और कमल ने कहा कि गुरमेहर ने अपने पिता की मौत का जिम्मेदार लड़ाई को बताकर उन सभी शहीदों का अपमान किया है।
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जिन्होंने देशभक्ति की खातिर अपने प्राणों की भी परवाह नहीं की। गुरमेहर के पिता देश के लिए ही शहीद हुए हैं। ऐसे शहीद की बेटी होने के नाते उन्हें ऐसी बात नहीं करनी चाहिए।
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'शहीद की बेटी होने के नाते उन्हें ऐसी बात नहीं करनी चाहिए'
कारगिल शहीद के माता-पिता बोले
- फोटो : अमर उजाला
कारगिल शहीद के माता-पिता ने कहा कि हो सकता है कि पिता की शहादत के बाद समय की सरकारों ने उन्हें कोई तवज्जो न दी। इसलिए उसका गुबार बाहर आ गया है, लेकिन लड़ाई हालात बिगड़ने पर लगती है, कोई इसके लिए जिम्मेदार नहीं होता है।
हर सिपाही को वर्दी पहनाते समय देश की आन-बान शान के लिए हमेशा तैयार रहने की शपथ दिलाई जाती है। ऐसा ही कारगिल के शहीदों ने अपने देश और हमारी सुरक्षा के लिए किया। उन्होंने कहा कि गुरमेहर अभी बच्ची है, छोटी है, उसके बयान को नासमझी समझकर माफ कर देना चाहिए।
हर सिपाही को वर्दी पहनाते समय देश की आन-बान शान के लिए हमेशा तैयार रहने की शपथ दिलाई जाती है। ऐसा ही कारगिल के शहीदों ने अपने देश और हमारी सुरक्षा के लिए किया। उन्होंने कहा कि गुरमेहर अभी बच्ची है, छोटी है, उसके बयान को नासमझी समझकर माफ कर देना चाहिए।