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विधायक करण दलाल ने लगाया आरोप, कहा- बिजली खरीद में अफसरों और सरकार का बड़ा खेल

Fri, 07 Dec 2018 09:06 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 07 Dec 2018 09:06 AM IST
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Karan Dalal targets on Haryana government in press conference
विधायक करण सिंह दलाल - फोटो : amarujala

हरियाणा विधानसभा की आगामी बैठकों से निष्कासित चल रहे पलवल के विधायक करण दलाल ने एक बार फिर सरकार की घेराबंदी की है। करण दलाल ने बिजली निगम पर आरोप लगाते हुए निगम की 355 पेजों की एक चार्जशीट तैयार की है, जिसे उन्होंने गुरुवार को हरियाणा के गवर्नर सत्यदेव नारायण आर्य को भी भेजा है और अगले सप्ताह यह चिट्ठा वह कैग को भी सौंपेंगे।

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गुरुवार को प्रेसवार्ता में उन्होंने बिजली निगम पर कई तरह की अनियमितताएं बरतने के आरोप लगाते हुए हरियाणा सरकार पर निशाना साधा। विधायक करण दलाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और अफसरों ने बिजली खरीद में बड़ा खेल किया है। हरियाणा में बिजली की जितनी मांग है, उससे सरप्लस बिजली महंगे दाम पर खरीदी गई और फिर सरप्लस बिजली सस्ती दरों में बेची गई। विधायक ने आरोप लगाया कि यह सारा खेल कमीशनखोरी का है।
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दलाल ने कहा कि मिलीभगत के कारण चेहतों को लाभ देने के लिए कई सिंगल टेंडर दिए गए। पहले टेंडर की शर्तें काफी कठिन कर दी जाती थीं, ताकि एजेंसियां जल्द टेंडर न ले सकें, बाद में टेंडरों के शुद्धिपत्रों के जरिये चहेतों को टेंडर दे दिए गए। दलाल ने आरोप लगाया कि जल्द हरियाणा बिजली निगम कुछ निजी कंपनियों को हजारों करोड़ का भुगतान करने वाली है। 
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इन कंपनियों ने अतिरिक्त लागत की बात कहते हुए लगभग 1.29 लाख करोड़ का बिल तैयार किया है, जिसका भुगतान पांच राज्यों हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब व उत्तराखंड को करना है। विधायक दलाल के अनुसार केंद्र सरकार के दबाव में गुजरात अपने हिस्से की अदायगी कर चुका है। पंजाब ने इस आउट ऑफ एग्रीमेंट अदायगी के लिए इंकार कर दिया है, लेकिन केंद्र सरकार के दबाव में हरियाणा जल्द ये अदायगी करने वाला है।

दलाल ने सीएम मनोहर लाल को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनके आरोप बेबुनियाद हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए, अन्यथा उनकी चार्जशीट की जांच कराकर वे इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करें।

फ्यूल चार्ज के नाम पर भी अतिरिक्त बोझ
पलवल के विधायक करण दलाल ने कहा कि अब भी बिजली के बिलों में फ्यूल चार्ज के नाम पर बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ये बताए कि बिजली उत्पादन में उनका कितना फ्यूल इस्तेमाल हो रहा है? बिना मतलब के बिजली बिलों में ये चार्ज ठोककर लोगों पर भार बढ़ाया जा रहा है।

गलत बिजली बिलों से भी लोग परेशान
विधायक दलाल ने कहा कि आज प्रदेश की जनता बिजली के गलत बिलों से दुखी है। गलत रीडिंग के बिल आ रहे हैं और जनता उन बिलों को ठीक कराने के लिए बिजली दफ्तरों के धक्के खा रही है। दूसरे, सीएम ने जो बिजली के बिलों को आधा करने की बात कही है, वह भी लोगों की आंखों में धूल झोंकने जैसा है, क्योंकि लोगों को इस घोषणा का कोई खास लाभ नहीं मिल रहा है।

2850 गांवों में शुरू हुई 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति

 हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने कहा कि वर्तमान सरकार बिजली निगमों की व्यवस्था को पटरी पर लाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं की सुविधाओं में इजाफा करने में रफ्तार पकड़ रही है। एक ओर म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत अब तक 2850 गांवों में 24 घंटे बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, वहीं दूसरी ओर लाइन लॉस को भी 34 प्रतिशत से कम करके 21 प्रतिशत पर लाने का काम किया है। 

इस प्रदर्शन के आधार पर केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने 42 बिजली निगमों में उत्तरी निगम को 10वां तथा दक्षिणी निगम को 13वां स्थान प्रदान किया है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा बिजली निगमों की वित्तीय स्थिति सुधारने से लेकर बिजली उपभोक्ताओं की सुविधाओं में बढ़ोतरी करने के लिए उठाए गए कदमों के बेहतर परिणाम आ रहे हैं। 
 

पूर्व सरकारों की लापरवाही एवं व्यवस्था सुधार पर ध्यान न देने की वजह से जहां साल दर साल घाटा बढ़ता जा रहा था, वहीं वर्तमान सरकार के दौरान निगम घाटे से बाहर अब मुनाफे की ओर बढ़ रहे हैं। अब तक प्रदेश के 2850 गांवों में न केवल बिजली मीटर घर से बाहर लगवाए जा चुके हैं, अपितु इन सभी गांवों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित हो गई है। 

अब लाइन लॉस 34 प्रतिशत से कम करते हुए 21 प्रतिशत किया जा चुका है, जिसके कारण वर्तमान वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 412 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा बिजली निगमों को हुआ है। इन स्थितियों में सुधारात्मक प्रदर्शन के आधार पर हरियाणा के उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम देशभर के 42 निगमों में 10वें तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम 13वें स्थान पर पहुंच गया है।

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