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'पूर्व निर्धारित नहीं था जुनैद पर हमला, दोनों पक्षों में चले थे चाकू'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 08 Nov 2017 09:19 AM IST
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junaid murder
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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फरीदाबाद के गांव खंदावली निवासी 16 वर्षीय जुनैद की हत्या मामले में एसआईटी ने अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा कि यह कोई पूर्व नियोजित साजिश नहीं थी। यह सीट को लेकर विवाद और इसके बाद दोनो पक्षों के बीच झगड़े का परिणाम था। जिसमें आरोपी पक्ष को भी चोटें आई हैं।
वहीं, जुनैद के पिता ने अर्जी दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार के हाईकोर्ट में अपनाए गए रुख पर सवाल उठा दिए। जुनैद के पिता ने कहा कि 2 करोड़ और 3 एकड़ जमीन में समझौते की बात केवल अफवाह है और पूरी तरह से फर्जी है। दोनों हलफनामे रिकार्ड पर लेकर हाईकोर्ट ने सुनवाई बुधवार के लिए स्थगित कर दी।
हरियाणा सरकार द्वारा हाईकोर्ट में जुनैद के परिजनों पर समझौते के लिए दो करोड़ रुपये और तीन एकड़ जमीन की मांग करने संबंधी जानकारी देने के बाद मृतक के पिता ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर समझौते की बात को बेबुनियाद बताया है। मुंबई के खंदावली निवासी 16 वर्षीय जुनैद की दिल्ली से ईद की खरीदारी करके लौटने के दौरान 22 जून को रेल में सीट विवाद के चलते हुई हत्या के मामले में हरियाणा पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर सवाल उठाते हुए जुनैद के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले की सीबीआई जाँच करवाए जाने की मांग की है। इसपर जवाब दाखिल करते हुए एसआईटी ने कहा कि यह याचिका आधार विहीन है। मामले में चालान दाखिल किया जा चुका है और ऐसे में जांच पूरी होने के बाद याचिका का कोई औचित्य नहीं है।
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वहीं, जुनैद के पिता ने अर्जी दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार के हाईकोर्ट में अपनाए गए रुख पर सवाल उठा दिए। जुनैद के पिता ने कहा कि 2 करोड़ और 3 एकड़ जमीन में समझौते की बात केवल अफवाह है और पूरी तरह से फर्जी है। दोनों हलफनामे रिकार्ड पर लेकर हाईकोर्ट ने सुनवाई बुधवार के लिए स्थगित कर दी।
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हरियाणा सरकार द्वारा हाईकोर्ट में जुनैद के परिजनों पर समझौते के लिए दो करोड़ रुपये और तीन एकड़ जमीन की मांग करने संबंधी जानकारी देने के बाद मृतक के पिता ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर समझौते की बात को बेबुनियाद बताया है। मुंबई के खंदावली निवासी 16 वर्षीय जुनैद की दिल्ली से ईद की खरीदारी करके लौटने के दौरान 22 जून को रेल में सीट विवाद के चलते हुई हत्या के मामले में हरियाणा पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर सवाल उठाते हुए जुनैद के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले की सीबीआई जाँच करवाए जाने की मांग की है। इसपर जवाब दाखिल करते हुए एसआईटी ने कहा कि यह याचिका आधार विहीन है। मामले में चालान दाखिल किया जा चुका है और ऐसे में जांच पूरी होने के बाद याचिका का कोई औचित्य नहीं है।
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मृतक जुनैद की फाइल फोटो।
- फोटो : File Photo
साथ ही पुलिस ने कहा कि जांच में किसी भी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरती गई है। साथ ही पुलिस ने बताया कि बयानों के बीच विरोधाभास मौजूद हैं। जहां कुछ बयान यह कहते हैं कि जुनैद और उसके भाईयों को गाड़ी से उतरने नहीं दिया गया वहीं कुछ के अनुसार जुनैद स्टेशन पर नीचे उतरा था और अपने साथियों के साथ वापिस ट्रेन में चढ़ गया था। एसआईटी ने कहा कि इस मामले में मुख्य आरोपी नरेश है और नरेश को भी चोटे लगी हैं। उसपर भी वार हुए हैं और ऐसे में दो पक्षों के बीच की लड़ाई का मामला भी सामने आ रहा है।
कुछ बयानों में कहा गया कि जुनैद को डेली पैसेंजरों ने पकड़ा तब हमला हुआ तो कुछ में इस बात का जिक्र नहीं है कि डेली पैसेंजरों ने जुनैद को पकड़ा था। सरकार ने कहा कि शिकायतकर्ता ट्रायल कोर्ट के समन लेने से भी दो इंकार कर चुका है और जांच में कोताही की बात सीधे हाईकोर्ट आकर कही। इससे पहले जांच में शिकायतकर्ता को कोई समस्या नहीं दिखाई दे रही थी। शिकायतकर्ता को सुरक्षा प्रदान की थी जिसे उसने वापिस कर दिया है बावजूद इसके सरकार ने गत दिवस ही दो सुरक्षा कमरी उनकी सुरक्षा के लिए दिए हैं। हाईकोर्ट में अब सुनवाई बुधवार को होगी।
कुछ बयानों में कहा गया कि जुनैद को डेली पैसेंजरों ने पकड़ा तब हमला हुआ तो कुछ में इस बात का जिक्र नहीं है कि डेली पैसेंजरों ने जुनैद को पकड़ा था। सरकार ने कहा कि शिकायतकर्ता ट्रायल कोर्ट के समन लेने से भी दो इंकार कर चुका है और जांच में कोताही की बात सीधे हाईकोर्ट आकर कही। इससे पहले जांच में शिकायतकर्ता को कोई समस्या नहीं दिखाई दे रही थी। शिकायतकर्ता को सुरक्षा प्रदान की थी जिसे उसने वापिस कर दिया है बावजूद इसके सरकार ने गत दिवस ही दो सुरक्षा कमरी उनकी सुरक्षा के लिए दिए हैं। हाईकोर्ट में अब सुनवाई बुधवार को होगी।