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Chandigarh News: जीतू भईया ने विद्यार्थियों को एक्टिंग के गुर बताए, बोले- काम के प्रति ईमानदार रहना बहुत जरूरी
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चंडीगढ़। कई वेब सीरीज और फिल्मों में काम कर चुके जितेंद्र कुमार मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे। उन्होंने सेक्टर-25 स्थित चितकारा इंटरनेशनल स्कूल में सिनेमैस्ट्रो अवाॅर्ड समारोह में हिस्सा लिया और विद्यार्थियों को एक्टिंग के गुर बताए। उन्होंने एक इंजीनियर से अभिनेता तक के सफर को भी छात्रों के साथ साझा किया। जीतू भईया के नाम से मशहूर जितेंद्र कुमार ने कहा कि कामयाब होने के लिए अपने काम के प्रति ईमानदार रहना जरूरी है।सिनेमैस्ट्रो : शेपिंग फ्यूचर फिल्ममेकर्स टेक-5 में चंडीगढ़ और आसपास के 20 से अधिक स्कूलों के छात्रों ने हिस्सा लिया। अपने द्वारा बनाई गई फिल्मों को प्रदर्शित किया। जाने माने सिनेमेटोग्राफर और फिल्म निर्माता अमिताभा सिंह द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य सिनेमा के क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को उजागर करना और राष्ट्रीय स्तर पर बच्चों के सिनेमा के प्रोडक्शन को बढ़ावा देना है। समारोह के दौरान हॉरर, फिक्शन, मोटिवेशनल, नॉन-फिक्शन, ड्रामा आदि सभी विषयों पर छात्रों द्वारा बनाई गई फिल्में दिखाई गईं। स्क्रीनिंग के बाद अमिताभा सिंह और जितेंद्र कुमार ने छात्रों के प्रश्नों के जवाब दिए और फिल्म निर्माण प्रक्रिया के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। स्क्रीनिंग के बाद अवाॅर्ड विजेताओं की घोषणा की गई। ये अवॉर्ड जिन श्रेणियों में दिए गए, उनमें बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट फिल्म, बेस्ट सिनेमेटोग्राफी, बेस्ट कोरियोग्राफी, बेस्ट फिल्म एडिटिंग, बेस्ट साउंड डिजाइन, बेस्ट एक्टर, व बेस्ट स्क्रीन राइटिंग श्रेणियां थीं। प्रत्येक विजेता छात्र को एक ट्रॉफी और प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया।
तीन महीने में छोड़ दिया था मुंबई : जितेंद्र कुमार
जितेंद्र कुमार ने कहा कि इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने मुंबई जाने का फैसला किया। वे किस्मत वाले रहे कि मुंबई में पहले ही दिन ही काम मिल गया। कई शॉर्ट वीडियो शूट और काफी मेहनत की लेकिन वीडियो नहीं चले। तीन महीने में ही वह मुंबई छोड़कर वापस आ गए और एक जापानी कंस्ट्रक्शन कंपनी में नौकरी जॉइन कर ली। छह-सात महीने काम किया लेकिन अचानक एक दिन फोन आया कि एक वीडियो वायरल हो गया है। उस चीज ने उन्हें वापस मुंबई खींचा। करीब दो-तीन साल तक शॉर्ट वीडियो बनाए। उन्होंने कहा कि तीन साल बाद परमानेंट रूममेट्स और पिचर्स वेब सीरीज बनाई। वहीं से भारत में वेब सीरीज की शुरुआत हुई। उसके बाद ही नेटफ्लिक्स आदि मशहूर हुई। जितेंद्र कुमार ने कहा कि उन्हें फेलियर्स से ज्यादा सफलता से डर लगता है।
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तीन महीने में छोड़ दिया था मुंबई : जितेंद्र कुमार
जितेंद्र कुमार ने कहा कि इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने मुंबई जाने का फैसला किया। वे किस्मत वाले रहे कि मुंबई में पहले ही दिन ही काम मिल गया। कई शॉर्ट वीडियो शूट और काफी मेहनत की लेकिन वीडियो नहीं चले। तीन महीने में ही वह मुंबई छोड़कर वापस आ गए और एक जापानी कंस्ट्रक्शन कंपनी में नौकरी जॉइन कर ली। छह-सात महीने काम किया लेकिन अचानक एक दिन फोन आया कि एक वीडियो वायरल हो गया है। उस चीज ने उन्हें वापस मुंबई खींचा। करीब दो-तीन साल तक शॉर्ट वीडियो बनाए। उन्होंने कहा कि तीन साल बाद परमानेंट रूममेट्स और पिचर्स वेब सीरीज बनाई। वहीं से भारत में वेब सीरीज की शुरुआत हुई। उसके बाद ही नेटफ्लिक्स आदि मशहूर हुई। जितेंद्र कुमार ने कहा कि उन्हें फेलियर्स से ज्यादा सफलता से डर लगता है।
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