Mansa News: बलिदानी जवान अमृतपाल सिंह का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, सीएम मान ने जताया शोक
अमृतपाल सिंह 10 दिसंबर 2022 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। 11 अक्तूबर को गोली लगने से बलिदान दिया। शहीद अमृतपाल सिंह की बहन कनाडा में रहती हैं। पिता गुरदीप सिंह ने कहा कि अमृतपाल ने अपनी भतीजी की शादी के लिए छुट्टी ली थी।
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मानसा जिले के गांव कोटली कलां के महज 19 साल के अग्निवीर अमृतपाल सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सर्वोच्च बलिदान दिया है। बलिदानी का शुक्रवार को गांव कोटली कलां में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। रेजिमेंट 10-जेके राइफल्स के जवानों, पुलिस व सिविल प्रशासन और पूर्व सैनिकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर बलिदानी को श्रद्धांजलि दी।
अमृतपाल सिंह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। ट्रेनिंग के बाद करीब डेढ़ माह पहले ही छुट्टी काटकर वह ड्यूटी पर जम्मू-कश्मीर गए थे। अमृतपाल सिंह एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार से थे। सेना में भर्ती होने से पहले अमृतपाल सिंह अपने पिता के साथ खेती में उनका हाथ बंटाते थे। अमृतपाल सिंह को कंबाइन और ट्रैक्टरों का बहुत शौक था।
अमृतपाल सिंह 10 दिसंबर 2022 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। 11 अक्तूबर को गोली लगने से बलिदान दिया। शहीद अमृतपाल सिंह की बहन कनाडा में रहती हैं। पिता गुरदीप सिंह ने कहा कि अमृतपाल ने अपनी भतीजी की शादी के लिए छुट्टी ली थी। कनाडा में रहने वाली बहन और अमृतपाल सिंह एक साथ घर आने वाले थे।
सीएम भगवंत मान ने बलिदान पर जताया दुख
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सैनिक अमृतपाल सिंह के बलिदान पर गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतपाल सिंह मानसा जिले के गांव कोटली कलां के रहने वाले थे। यह देश के लिए खास तौर पर परिवार के लिए अपूर्णीय कमी है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के साथ गहरी हमदर्दी जाहिर करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पंजाब सरकार परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अपनी ड्यूटी पूरे समर्पण और पेशेवर वचनबद्धता के साथ निभाई। मान ने कहा कि उनका बलिदान हमेशा नौजवानों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की नीति के मुताबिक पीड़ित परिवार को वित्तीय सहायता दी जाएगी।