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Chandigarh: एक हादसे से बदला था चंडीगढ़ का डिजाइन... अल्बर्ट मेयर के मास्टर प्लान से घुमावदार होतीं सड़कें
Fri, 14 Oct 2022 04:34 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 14 Oct 2022 04:34 PM IST
सार
अल्बर्ट मेयर और ली कार्बूजिए के प्लान में सबसे बड़ा अंतर यह था कि मेयर की तरफ से बनाए गए मास्टर प्लान में सड़कें सीधी नहीं थीं। वह घुमावदार थीं, जबकि कार्बूजिए के प्लान के अनुसार सभी सड़कें सीधी थीं।
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अल्बर्ट मेयर और उनका बनाया चंडीगढ़ का मास्टर प्लान।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
एक हादसे ने चंडीगढ़ के डिजाइन, इतिहास और भविष्य को बदल दिया, नहीं तो आज चंडीगढ़ के निर्माता ली कार्बूजिए को नहीं, अल्बर्ट मेयर को कहा जाता। बहुत कम लोगों को मालूम है कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने चंडीगढ़ को बसाने का काम अमेरिकी योजनाकार और वास्तुकार अल्बर्ट मेयर को सौंपा था। उन्होंने चंडीगढ़ का मास्टर प्लान भी बना लिया था, लेकिन एक घटना घटी जिसके बाद उन्होंने ये काम छोड़ दिया। ऐसा न होता तो आज शहर की सड़कें सीधी नहीं, घुमावदार होतीं।
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देश की आजादी के बाद पंडित नेहरू ने एक मॉडर्न शहर का ख्वाब देखा। वे अल्बर्ट मेयर को पहले से जानते थे, इसलिए 1949 में चंडीगढ़ परियोजना का कार्य मेयर को सौंपा गया। नेहरू मानते थे कि भारतीय इंजीनियर और आर्किटेक्ट टाउन प्लानिंग के कार्य के लिए अनुपयुक्त होंगे, इसलिए उन्होंने मेयर व उनकी टीम को चुना। चंडीगढ़ के विकास और योजना पर अपने काम के दौरान मेयर ने एक सुपर ब्लॉक आधारित शहर विकसित किया, जो ग्रीनरी से भरा हुआ था। उन्होंने नेबरहुड और ट्रैफिक सेग्रिगेशन पर जोर दिया। उनकी साइट योजना में प्राकृतिक विशेषताओं का उपयोग किया गया था। घुमावदार रास्ते-गलियां, छोटे मोहल्ले और दो मौसमी जलधाराओं सुखना चो और पटियाला की राव के बीच एक पंखानुमा आकार के शहर का नक्शा बनाया।
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एक साल तक उन्होंने काफी मेहनत की और चंडीगढ़ का पहला मास्टर प्लान बनाया। इस बीच उनके वास्तुकार साथी मैथ्यु नोविकी की सितंबर 1950 में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इससे मेयर बहुत आहत हुए। मैथ्यु नोविकी भी चंडीगढ़ के मास्टर प्लान पर काम कर रहे थे। इससे दुखी होकर मेयर ने चंडीगढ़ प्रोजेक्ट पर काम करना बंद कर दिया, जिसके बाद भारत सरकार ने ली कार्बूजिए को चंडीगढ़ बनाने का जिम्मा सौंपा। बता दें कि मेयर का जन्म 29 दिसंबर 1897 में अमेरिका के न्यूयॉर्क में हुआ था, जबकि उनकी मृत्यु 14 अक्तूबर 1981 को हुई।
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ली कार्बूजिए और मेयर के प्लान में ये था सबसे बड़ा अंतर
सेक्टर-19 स्थित ली कार्बूजिए सेंटर की पूर्व अध्यक्ष दीपिका गांधी ने बताया कि अल्बर्ट मेयर और ली कार्बूजिए के प्लान में सबसे बड़ा अंतर यह था कि मेयर की तरफ से बनाए गए मास्टर प्लान में सड़कें सीधी नहीं थीं। वह घुमावदार थीं, जबकि कार्बूजिए के प्लान के अनुसार सभी सड़कें सीधी थीं। जैसे कि आज हम चंडीगढ़ में देखते हैं। मेयर के प्लान के अनुसार सेक्टरों के अंदर सड़कें नहीं थीं। उनके प्लान को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि सड़कें घरों तक नहीं जाती थीं। लोगों को पैदल ही जाना पड़ता, जो आज के समय में काफी परेशानी खड़ी कर सकता था लेकिन कार्बूजिए ने सभी घर को सड़क से जोड़ा।
मेयर ने बनाए थे बड़े सेक्टर, कार्बूजिए ने किया बदलाव
मेयर के प्लान के अनुसार तीन यूनिट मिलकर एक सुपर ब्लॉक बनते थे। वर्तमान में सेक्टर-7 और 8 इसके उदाहरण हैं। कार्बूजिए के प्लान के अनुसार बनाए गए सेक्टर छोटे थे, किसी भी हिस्से में रहने वाला व्यक्ति पांच मिनट में मार्केट पहुंच सकता था, लेकिन मेयर का सेक्टर बड़ा था। फैला हुआ था। घर भी काफी बड़े-बड़े बनाए गए थे। हालांकि मेयर के प्लान में भी शॉपिंग सेंटर, साइकिल पाथ, पार्क, स्कूल, प्लेग्राउंड, ग्रीन बेल्ट आदि मौजूद थे।