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सरकार को झटका, हाईकोर्ट में जाट आरक्षण के खिलाफ याचिका खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 04 Apr 2016 06:22 PM IST
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हरियाणा विधानसभा में 29 मार्च को पास हुए जाट आरक्षण विधेयक के खिलाफ दायर की गई याचिका को हाईकोर्ट में खारिज कर दिया गया है। सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि अभी कानून पास नहीं हुआ, कानून बनने के बाद फ्रैश याचिका दाखिल कर सकते हैं।
गौरतलब है कि बिल पर अभी तक राज्यपाल के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। गौरतलब है कि जाटों समेत 6 जातियों को पिछड़ा वर्ग की नई कैटेगरी बीसी(सी) में 10 फीसदी आरक्षण दिया गया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता दोबारा याचिका लगा सकता है। अभी बिल पर राज्यपाल के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं।
हस्ताक्षर के बाद याचिका पर सुनवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि सफीदों निवासी शक्ति सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि हरियाणा सरकार ने जाटों के दबाव में उनको आरक्षण दिया है।
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याचिकाकर्ता का कहना है कि हरियाणा सरकार ने जाटों के दबाव में उनको आरक्षण दिया है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही जाटों को आरक्षण को रद्द कर चुका है और राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग सुप्रीम कोर्ट में यह कह चुका है कि जाट पिछड़े नहीं।
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गौरतलब है कि बिल पर अभी तक राज्यपाल के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। गौरतलब है कि जाटों समेत 6 जातियों को पिछड़ा वर्ग की नई कैटेगरी बीसी(सी) में 10 फीसदी आरक्षण दिया गया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता दोबारा याचिका लगा सकता है। अभी बिल पर राज्यपाल के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं।
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हस्ताक्षर के बाद याचिका पर सुनवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि सफीदों निवासी शक्ति सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि हरियाणा सरकार ने जाटों के दबाव में उनको आरक्षण दिया है।
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याचिकाकर्ता का कहना है कि हरियाणा सरकार ने जाटों के दबाव में उनको आरक्षण दिया है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही जाटों को आरक्षण को रद्द कर चुका है और राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग सुप्रीम कोर्ट में यह कह चुका है कि जाट पिछड़े नहीं।