फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   jat reservation, jat protest, haryana voilence, punjab haryana highcourt, haryana govt, haryana

जाट आरक्षण आंदोलन की CBI जांच नहीं, हाईकोर्ट में याचिका खारिज

Wed, 11 May 2016 12:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 11 May 2016 12:27 PM IST
विज्ञापन
jat reservation, jat protest, haryana voilence, punjab haryana highcourt, haryana govt, haryana
supreme court
हरियाणा में फरवरी महीने में हुए जाट आरक्षण आंदोलन की न्यायिक जांच कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिकाकर्ता ने के दौरान 35 बिरादरी पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए याचिका वापस लेने का आग्रह किया, जिसके बाद जस्टिस एसएस सारों व जस्टिस गुरमीत राम की डिवीजन बेंच ने याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन


जींद के रविंदर कुमार की ओर से दायर याचिका की पैरवी करते हुए एडवोकेट आरएस ढुल्ल ने बेंच से कहा था कि आरक्षण की लंबे समय से मांग को लेकर जाट शांत ढंग से आंदोलन कर रहे थे। रोहतक में टकराव होने से माहौल बिगड़ गया। आरोप के मुताबिक इस बीच ओबीसी ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुरुक्षेत्र से सांसद राजकुमार सैनी ने पोर्ट ब्लेयर से सोशल मीडिया के माध्यम से 35 बिरादरी को संबोधित करते हुए संदेश छोड़ा।
विज्ञापन


सैनी ने संदेश में कहा था कि यदि सरकार जाम खुलवाती है तो ठीक है, नहीं तो उनके आने पर ओबीसी ब्रिगेड स्वयं जाम खुलवाएगी। इसे जातीय माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए याचिका में कहा गया था कि आंदोलन को जातीय रंगत देकर जाटों की दुकानों को निशाना बनाया गया। इस दलील के साथ मांग की गई थी कि समूचे प्रकरण की न्यायिक या सीबीआई जांच होनी चाहिए। यह याचिका मार्च महीने से विचाराधीन थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता से सवाल पूछा था कि वह यह साबित करें कि आखिर इस याचिका पर कैसे सुनवाई की जा सकती है। याचिकाकर्ता ने स्थगन मांग लिया था, लेकिन दूसरी बार स्थगन मांगने पर बेंच ने स्थगन पांच हजार रुपये हर्जाना भरने की सूरत में दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हर्जाना भर दिया और फिर स्थगन मांगा था। यह हर्जाना एडवोकेट वेल्फेयर फंड में जमा कराया गया था।


याचिका की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने जस्टिस झा कमिशन का गठन कर दिया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान एडवोकेट ढुल्ल ने बेंच से आग्रह किया कि वह यह याचिका वापस लेना चाहते हैं, क्योंकि अब न्यायिक आयोग गठित हो चुका है और वह आयोग के समक्ष तथ्य रखना चाहते हैं। इसी छूट के साथ हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed