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जाट आरक्षण के खिलाफ कोर्ट नहीं जाना चाहिए था : धनखड़
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:34 PM IST
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minister OP Dhankar
- फोटो : file photo
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कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का कहना है कि जाट सहित छह जातियों के आरक्षण के विरोध में किसी को कोर्ट नहीं जाना चाहिए था। जाट आरक्षण के विरोध में की गई कार्रवाई ईर्ष्या पूर्ण है। भाजपा सरकार ने जाट आरक्षण पर बेहतर कार्य किया। आंदोलनकारियों, खाप नेताओं और जाट नेताओं के अलावा विधि विशेषज्ञों की सलाह से आरक्षण का कानून बनाया गया था। आरक्षण के लिए आंदोलन करने वालों से बात हुई तो उन्होंने भी माना कि सरकार ने अच्छा काम किया।
उन्होंने कहा कि आज आंदोलनकारियों ने शांतिपूर्वक ढंग से अपनी बात कही है। अपनी बात कहने का हक सबको है। सभी आंदोलनकारियों ने माना है कि वे शांतिपूर्वक विरोध करेंगे। सरकार किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार है। रविवार को एक कार्यक्रम में भाग लेने आए कृषि मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि हरियाणा में आर्थिक रूप से कमजोर सभी लोगों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है, इसमें क्रीमी लेयर से नीचे वाले भी शामिल हैं।
भूमिहीन को भी आरक्षण दिया गया है, जमीन वाले बीसी वर्ग और एससी वर्ग के पास आरक्षण का कोटा है। ऐसे में जाट और अन्य पांच जातियों के आरक्षण का विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण कानून के पक्ष में न्यायालय में डटकर लड़ाई लड़ी जाएगी। कोर्ट हमें न्याय देगा, इसके लिए हम अच्छे वकील करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी भी मांग है कि ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए जिससे हर कोई न्यायालय में जाकर रोज-रोज खड़ा न हो। लोगों को भी समझना चाहिए कि मामला न्यायालय में है। मामले में किसी का कोई सुझाव आएगा तो उस पर भी कार्य होगा।
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उन्होंने कहा कि आज आंदोलनकारियों ने शांतिपूर्वक ढंग से अपनी बात कही है। अपनी बात कहने का हक सबको है। सभी आंदोलनकारियों ने माना है कि वे शांतिपूर्वक विरोध करेंगे। सरकार किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार है। रविवार को एक कार्यक्रम में भाग लेने आए कृषि मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि हरियाणा में आर्थिक रूप से कमजोर सभी लोगों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है, इसमें क्रीमी लेयर से नीचे वाले भी शामिल हैं।
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भूमिहीन को भी आरक्षण दिया गया है, जमीन वाले बीसी वर्ग और एससी वर्ग के पास आरक्षण का कोटा है। ऐसे में जाट और अन्य पांच जातियों के आरक्षण का विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण कानून के पक्ष में न्यायालय में डटकर लड़ाई लड़ी जाएगी। कोर्ट हमें न्याय देगा, इसके लिए हम अच्छे वकील करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी भी मांग है कि ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए जिससे हर कोई न्यायालय में जाकर रोज-रोज खड़ा न हो। लोगों को भी समझना चाहिए कि मामला न्यायालय में है। मामले में किसी का कोई सुझाव आएगा तो उस पर भी कार्य होगा।
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