जाट आरक्षणः हरियाणा में भड़की हिंसा, 5 की मौत
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जाट आरक्षण आंदोलन की आग शनिवार को और भड़क गई। इसके चलते अब तक 5 लोगों की मौत हो गई, वहीं 300 के करीब लोग घायल हो गए। शनिवार को आंदोलनकारियों की आड़ में उपद्रवियों ने रोहतक, झज्जर, फतेहाबाद, जींद व सोनीपत जिले में रोडवेज की 40 से अधिक बसें फूंक दी।
रेलवे स्टेशन, पुलिस थानों, चौकियों, माल्स, शोरूम, पेट्रोलपंप, फैक्ट्रियों को जला दिया गया। उग्र भीड़ ने आंदोलन प्रभावित जिलों में सैकड़ों दुकानों को आग के हवाले कर दिया। झज्जर में शाम तक जमकर उत्पात हो रहा था। वहां सेना की ओर से फायरिंग में दो और एक अन्य की मौत हो गई और 13 घायल हुए हैं।
रोहतक में भी दो लोगों की मौत हुई है। प्रदेश भर में हिंसक घटनाओं में 300 से अधिक लोग घायल हैं, इनमें से 125 पीजीआई में उपचाराधीन हैं। सोनीपत, जींद, कैथल, रोहतक, झज्जर. हिसार, हांसी में कर्फ्यू घोषित करने के बावजूद उपद्रवी सड़कों पर हैं।
रोहतक में वीटा मिल्क प्लांट फूंक डाला, अमोनिया लीक का डर
रोहतक शहर में स्कूल, वीटा मिल्क प्लांट, मॉल्स, वाहन शो रूम के अलावा एशियन पेंट्स के प्लांट में आग लगा दी। प्लांट में ज्वलनशील पदार्थों के चैंबर है। आग पर काबू नहीं पाए जाने की स्थिति में आसपास का पूरा इलाका तबाह होने की आशंका है। दिनभर रोहतक शहर के ऊपर से सेना के हेलीकॉप्टर उड़ान भरते रहे।
हिसार से रोहतक को रवाना हुई सेना की टुकड़ी को शुक्रवार रात मदनहेड़ी गांव के पास ग्रामीणों ने रोक लिया था, जो 24 घंटे बाद रोहतक पहुंची और कई इलाकों में फ्लैग मार्च किया। इसके बावजूद उपद्रवी बेखौफ होकर प्रतिष्ठानों को आग के हवाले करते रहे। सोनीपत में कुंडली से मुरथल तक जीटी रोड पूरी तरह जाम है। यहां सैकड़ों हथियारबंद लोग जमे है।
इन्हें खदेड़ने के लिए सुबह सेनी की टुकड़ी भेजी गई, लेकिन भीड़ को देखकर लौट गई। रोहतक, जींद, झज्जर, कैथल, सोनीपत, हिसार, हांसी में कर्फ्यू के बावजूद हालात बेकाबू हैं। आंदोलन के सातवें दिन आंदोलन से प्रभावित 15 जिलों में रेल और रोड यातायात ठप। आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बाधित हो रही है और इस बीच उपद्रव फैलने से लोग दहशत में है।
भीड़ को खदेड़ने को आर्मी ने फायरिंग की, पुलिसकर्मी भागे
रोहतक, जींद, झज्जर और कैथल में उपद्रवियों ने सबसे ज्यादा उत्पात किया। कैथल के पूंडरी में रोडवेज की सात बसें फूंक दी। जुलाना, पिल्लूखेड़ा और बुडानाखेड़ा रेलवे स्टेशन को जला दिया गया। उचाना में पीएनबी और रेलवे स्टेशन में आग लगा दी गई। झज्जर शहर में अधिकतर सरकारी कार्यालय आगे के हवाले कर दिए।
उग्र भीड़ को खदेड़ने के लिए सेना को फायरिंग करनी पड़ी। इसके चलते वहां दो लोगों की मौत हो गई। इसके बाद जिले के अन्य इलाकों में हिंसा भड़की। सरकारी कार्यालयों में मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकालकर आगे के हवाले कर दिया। थानों को छोड़कर पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए और भीड़ ने थानों को आगे के हवाल कर दिया। हिंसा प्रभावित जिलों में पिछले 36 घंटे में अरबों की सम्पत्ति खाक हो चुकी है।
सुनसान रहे बाजार, दहशत में दिखे लोग
रोहतक, झज्जर, पानीपत, सोनीपत, जींद, हिसार, हांसी, फतेहाबाद में उपद्रव के चलते शनिवार को बाजार सुनसान रहे। दिनभर लोग घरों में दुबके रहे। स्कूल, कॉलेज और अन्य व्यापारिक संस्थानों पर ताले लटके रहे। दहशत का माहौल ऐसा था कि लोग जाली-झरोंखों से बाहर झांकते रहे। रोहतक शहर में सड़कों पर उपद्रवियों के अलावा इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए।
कर्फ्यू के बावजूद नियंत्रण नहीं
राज्य सरकार ने शुक्रवार रात रोहतक, झज्जर और भिवानी में कर्फ्यू की घोषणा की थी और उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद उपद्रवी रात भर दुकानों को आगे हवाले करते रहे। शराब के ठेके लूट लिए गए, एटीएम में तोड़फोड़ होती रही। शनिवार को हिसार, सोनीपत, कैथल, हांसी में भी कफ्यू लगा दिया, लेकिन सड़कों पर नाममात्र की ही फोर्स थी। उपद्रवी हथियारों के साथ जुलूस निकालते रहे।
सेना की 11 गाड़ियों को रोका, 24 घंटे बाद रवाना
नारनौंद क्षेत्र के गांव मदनहेड़ी में सैकड़ों आंदोलनकारियों ने सेना की 11 गाड़ियों को रोक लिया, जिनको शनिवार को 24 घंटे के बाद रवाना किया गया। उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए हिसार कैंट से सेना की 11 गाड़ियों को रोहतक की स्थिति संभालने के लिए रवाना किया गया था।
सड़कों पर जाम होने से सेना की गाड़ियां लिंक रास्तों से गुजर रही थीं। मदनहेड़ी के बस स्टैंड पर भी ग्रामीणों ने रास्ते को जाम किया हुआ था। जैसे ही सेना की गाड़ियां मदनहेड़ी गांव में पहुंची तो लोग सड़क के बीचों-बीच बैठ गए और गाड़ियों को आगे नहीं जाने दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि रास्ते जाम होने की वजह सेना का मूवमेंट बाधित हुआ।
आंदोलन का जातीय रंग देने की कोशिश
आरक्षण आंदोलनकारियों में शामिल उपद्रवियों ने पूरे प्रदेश को जातीय हिंसा की आग में झोंक दिया। रोहतक, भिवानी, झज्जर, कैथल, हिसार में गैर जाट बिरादरी और जाट समाज के लोग आमने-सामने रहे। दोनों ही समाजों के प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है। भिवानी शहर में हालात कुछ सामान्य रहे, लेकिन चरखी में दोनों पक्ष के लोगों में तनाव है और हिंसा की घटनाए हुई। हिसार के हांसी में गोल चलने से एक पक्ष के दो लोग घायल हुआ है। कैथल के पूंडरी में बाजार फूंक दिया गया। कलायत में दो पक्षों की हिंसा में चार लोग घायल हो गए। जींद की सैनी धर्मशाला में आग लगा दी गई। रोहतक में जाट और गैर जाट बिरादरी के लोगों में दिनभर झड़पें चली।
मंत्रियों-विधायकों के घर पर हमले
झज्जर में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के आवास पर तोड़फोड़ की गई। कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक के आवास को भी निशाना बनाया गया। बेरी बस स्टैंड को फूंकने के बाद पुलिस चौकी को भी आगे के हवाले कर दिया। जहांआरा स्टेडियम में आग लगा दी गई और किसान भवन फूंक दिया।
सेना ने किया फ्लैग मार्च
कैथल, सोनीपत, हिसार, रोहतक में अद्धसैनिक बलों और सेना ने फ्लैग मार्च किया, बावजूद इसके उपद्रवी बेखौफ हैं। रोहतक में रात नौ बजे आगजनी और हिंसा की घटनाएं हो रही थी। एशियन पेंट्स और वीटा मिल्क प्लांट में आग लगाने के साथ ही सोनीपत रोड पर एक वाहन शो रूम को जलाकर खाक कर दिया गया।