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Chandigarh News: जलालाबाद सीएचसी स्टाफ का धरना, सरकार के स्टाफ हटाने के फैसले का विरोध
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संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। जलालाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के स्टाफ को दूसरी जगहों पर तैनात करने की तैयारी के खिलाफ शुक्रवार को डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने अस्पताल के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रभावित करने वाले इस कदम को वे स्वीकार नहीं करेंगे।
पंजाब सरकार ने 29 जनवरी को एक पत्र जारी कर सीएचसी जलालाबाद के मेडिकल अफसर, पैरामेडिकल और 44 गांवों के फील्ड स्टाफ को दूरदराज के अन्य सरकारी अस्पतालों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। स्टाफ का कहना है कि क्षेत्रीय जरूरतों और जनता की स्वास्थ्य सुविधाओं को नजरअंदाज कर यह निर्णय अनुचित है। धरने में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और कुल हिंद किसान सभा के नेता भी शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के माध्यम से अस्पताल के संचालन का नाम लेकर सरकारी अस्पतालों का निजीकरण किया जा रहा है, जिससे गरीबों को मिलने वाली मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ेगा। इस अवसर पर डॉ. सुमित लूना, डॉ. सुमन, रमेश कुमार लाडी, जगसीर सिंह, नर्सिंग स्टाफ और आशा वर्कर्स सहित बड़ी संख्या में मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद थे।
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जलालाबाद। जलालाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के स्टाफ को दूसरी जगहों पर तैनात करने की तैयारी के खिलाफ शुक्रवार को डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने अस्पताल के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रभावित करने वाले इस कदम को वे स्वीकार नहीं करेंगे।
पंजाब सरकार ने 29 जनवरी को एक पत्र जारी कर सीएचसी जलालाबाद के मेडिकल अफसर, पैरामेडिकल और 44 गांवों के फील्ड स्टाफ को दूरदराज के अन्य सरकारी अस्पतालों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। स्टाफ का कहना है कि क्षेत्रीय जरूरतों और जनता की स्वास्थ्य सुविधाओं को नजरअंदाज कर यह निर्णय अनुचित है। धरने में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और कुल हिंद किसान सभा के नेता भी शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के माध्यम से अस्पताल के संचालन का नाम लेकर सरकारी अस्पतालों का निजीकरण किया जा रहा है, जिससे गरीबों को मिलने वाली मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ेगा। इस अवसर पर डॉ. सुमित लूना, डॉ. सुमन, रमेश कुमार लाडी, जगसीर सिंह, नर्सिंग स्टाफ और आशा वर्कर्स सहित बड़ी संख्या में मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद थे।
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