Lawrence Bishnoi: उत्तर भारत से कनाडा तक फैला लॉरेंस का नेटवर्क, पंजाब में ही 400 शूटर
लॉरेंस को एनआईए ने दाऊद की तर्ज पर भारत में खड़े हुए एक बड़े गिरोह की संज्ञा देकर कहा था कि उसके पास 700 शूटर हैं, जिसमें अकेले पंजाब में ही 400 हैं। यही वजह है कि खालिस्तान समर्थक आतंकी लॉरेंस से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं और उसका नेटवर्क इस्तेमाल कर अपने नापाक मंसूबों को कामयाब करने का सपना संजो रहे हैं।
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जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने एक निजी टेलीविजन चैनल को इंटरव्यू दिया है। इसमें लॉरेंस ने कहा है कि जब मैं पहली बार जेल गया था तब मैं छात्र था, बाद में जेल के भीतर मैं ''गैंगस्टर'' बन गया। हमारे भाइयों की हत्या कर दी गई, हमने तो बस उसका जवाब दिया, कोई व्यक्ति जो भी बनता है, उस पर उसके परिवेश का असर होता है।
सोमवार को ही लॉरेंस को एनआईए ने दाऊद की तर्ज पर भारत में खड़े हुए एक बड़े गिरोह की संज्ञा देकर कहा था कि उसके पास 700 शूटर हैं, जिसमें अकेले पंजाब में ही 400 हैं। यही वजह है कि खालिस्तान समर्थक आतंकी लॉरेंस से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं और उसका नेटवर्क इस्तेमाल कर अपने नापाक मंसूबों को कामयाब करने का सपना संजो रहे हैं। पंजाब में उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों ने रंगदारी व गायकों को धमकी देकर अपनी दहशत फैला रखी है।
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एजेंसियों के मुताबिक, कनाडा से गोल्डी बराड़, काला राणा, काला जठेड़ी जैसे गैंगस्टर अकसर लॉरेंस के नेटवर्क का हिस्सा हैं। लॉरेंस का यह नेटवर्क सिंडीकेट की तरह काम करता है। क्रशर मालिकों और स्टोन कारोबारियों से भी उसके गैंग ने करोड़ों रुपये वसूले हैं। लॉरेंस की ओर से गैंगस्टर आनंदपाल के भाई विक्की सिंह और मंजीत सिंह उसके लिए राजस्थान में वसूली करते हैं, जबकि पंजाब को गोल्डी बराड़ ने संभाल रखा है। अनमोल बिश्नोई राजस्थान व हरियाणा को मॉनीटर करता है।
अतीक के हत्यारों के पास पहुंचे हथियार
एनआईए के सूत्रों के मुताबिक, लॉरेंस ने खुद कबूला है कि साल 2018 से 2022 तक उसने यूपी के खुर्जा से अपने करीबी गैंगस्टर रोहित चौधरी के मार्फत आर्म्स सप्लायर कुर्बान चौधरी उर्फ शहजाद से हथियारों की मोटी खेप खरीदी थी जिनमें करीब 2 करोड़ रुपये के 25 हथियार शामिल थे। इन हथियारों में 99 एमएम की पिस्टल से लेकर एके 47 जैसे खौफनाक हथियार भी थे।
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के कत्ल में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल लॉरेंस गैंग ने किया था। लॉरेंस ने गोगी गैंग को जो दो जिगाना पिस्टल दी थी, उसी से यूपी के माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है। अतीक और अशरफ के कातिल सनी सिंह, अरुण मौर्य और लवलेश तिवारी ने यह कबूल किया था कि उन्होंने जिन जिगाना पिस्टल से अतीक और अशरफ को गोली मारी थी, वो उन्हें दिल्ली के गोगी गैंग से मिली थी।
पंजाब के यह लोग हिट लिस्ट में
लॉरेंस की टारगेट लिस्ट में बंबीहा गैंग का प्रमुख सुखप्रीत सिंह, गैंगस्टर लक्की पटियाल, विक्की गौंडर गैंग का गुर्गे रम्मी मसाना, मनदीप धालीवाल, गैंगस्टर कौशल चौधरी, गैंगस्टर अमित डागर का नाम शामिल हैं। लॉरेंस ने बताया कि रम्मी मसाना से उसे अपने भाई अमनदीप की हत्या का बदला लेना है।
खालिस्तान समर्थकों से कनेक्शन
लॉरेंस के लिए हवाला से पैसे का लेनदेन करने वाला शख्स मनीष भंडारी इस समय थाईलैंड में बॉलीवुड क्लब नाम से एक चेन चला रहा है। इसके कई होटल और क्लब हैं। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से पैसे लेकर उसे हवाला के जरिये दूसरे देशों में सप्लाई कर देता है। पाकिस्तान से सटे पंजाब के गांवों में ड्रोन के जरिये हथियारों की सप्लाई मिल रही है। हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई में हरविंदर सिंह रिंदा का नेटवर्क का काम कर रहा है। इसके अलावा बब्बर खालसा इंटरनेशनल को लीड कर रहे वाधवा सिंह बब्बर का बड़ा रोल है। पंजाब के मोहाली में आरपीजी अटैक विस्फोट में भी इन्हीं का हाथ था।
626 गैंगस्टरों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया : भुल्लर
एंटी गैंगस्टर के डीआईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर का कहना है कि हमारी फोर्स की तरफ से लगातार अभियान जारी है, पंजाब में गैंगस्टरों के नेटवर्क ध्वस्त किए जा चुके हैं। हमारी फोर्स ने पिछले एक साल में 625 हथियार बरामद किए हैं जबकि 179 गिरोह का भंडाफोड़ कर 626 गैंगस्टरों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया है। पांच गैंगस्टर मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं।