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बेरोजगार युवाओं को नहीं बुजुर्गों को रोजगार देगा जेल विभाग
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चंडीगढ़। एक तरफ बेरोजगार युवा आर्थिक तंगी का शिकार होकर अपराध जैसी प्रवृति अपना रहे हैं, दूसरी ओर शासन प्रशासन बुजुर्गों को रोजगार के सुअवसर दे रहे हैं। पहले स्वास्थ्य विभाग में पुनर्नियोजन के नाम पर खाली पदों पर सेवानिवृत्त बुजुर्गों क ो तैनाती दी जा रही थी। अब जेल प्रशासन ने तो बुजुर्गों की तैनाती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है।
जेल प्रशासन ने सेक्टर 51 मॉर्डन जेल में अलग-अलग 95 पदों पर तैनाती का विज्ञापन जारी किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि 95 पदों में से एक भी पद युवाओं के लिए नहीं है। विज्ञापन में योग्यता वाले कॉलम में सेवानिवृत्ति अनिवार्य बताई गई है। वार्डन के 83 पद (73 पुरुष और 10 महिला), असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट के दो पद , वेलफेयर ऑफिसर के तीन पद, मेडिकल ऑफिसर के एक पद, फार्मासिस्ट के दो पद, साइकोलॉजिस्ट के एक पद, कारपेंटर मास्टर के एक पद, पॉलिश मास्टर के एक पद, मास्टर टेलरिंग एंड इम्ब्रायडरी के एक पद और इलेक्ट्रिशियन के एक पद पर तैनाती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। दूसरी ओर, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का कहना है कि केवल अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए पुनर्नियोजन के नाम पर खेल किया जा रहा है, जिससे बुजुर्ग दो-दो माध्यमों से पैसे कमा रहे हैं और युवा बेरोजगार घूम रहे हैं।
पुनर्नियोजन के नाम पर इन पदों पर रिटायर्ड को मिली तैनाती
चंडीगढ़ प्रशासन में ट्रांसपोर्ट और पर्सनल सेक्रेटरी के पद पर, चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स में शिक्षा संयोजक केपद पर, रूसा कोआर्डिनेटर के पद पर, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में एडिशनल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद पर, एड्स कंट्रोल सोसायटी में निदेशक के पद पर, जीएमएसएच 16 के स्टोर परचेज, स्टेशनरी प्रभारी, मेडिकल बिल रिम्बर्समेंट, आयुष्मान योजना के लिपिक, तीन फार्मासिस्ट के पद पर रिटायर्ड लोगों को नियुक्ति मिली है।
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ये प्रवृत्ति समाज के लिए घातक
मेडिकल एसोसिएशन के सलाहकार डॉ. आरएस बेदी का कहना है कि पुनर्नियोजन पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए। क्योंकि इससे एक ओर तो पेंशनभोगियों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, दूसरी ओर शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहा है। इससे युवा वर्ग में बेरोजगारी के साथ ही तनाव, आत्महत्या और अपराध की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।
ऐसे उदाहरण स्वागत योग्य
गौरतलब है कि एनएचएम के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति के लिए 2019 में पूर्व निदेशक स्वास्थ्य चंडीगढ़ व पंजाब दोनों ने दावेदारी पेश की थी। मोटे वेतन वाले उस पद पर तैनाती के लिए पंजाब के पूर्व निदेशक स्वास्थ्य डॉ. आरके गुप्ता एक रुपये वेतन लेकर काम करने को तैयार थे। हालांकि उस पद के सृजन को लेकर हुए विरोध के कारण रोक लगा दी गई।
कोट
सेवानिवृत्ति के बाद हमें समाज की बेहतरी और सरकार की मदद के लिए कार्य क रना चाहिए। कोशिश होनी चाहिए कि जो युवा बेरोजगार बैठे हैं उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं। -डॉ. आरके गुप्ता, पूर्व निदेशक स्वास्थ्य पंजाब
कोट
जेल विभाग में खाली पड़े 95 पदों को भरने के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया तत्काल नहीं की जा सकती है, इसलिए आउटसोर्स के माध्यम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को रखने के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। -प्रद्युम्न सिंह, एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल
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जेल प्रशासन ने सेक्टर 51 मॉर्डन जेल में अलग-अलग 95 पदों पर तैनाती का विज्ञापन जारी किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि 95 पदों में से एक भी पद युवाओं के लिए नहीं है। विज्ञापन में योग्यता वाले कॉलम में सेवानिवृत्ति अनिवार्य बताई गई है। वार्डन के 83 पद (73 पुरुष और 10 महिला), असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट के दो पद , वेलफेयर ऑफिसर के तीन पद, मेडिकल ऑफिसर के एक पद, फार्मासिस्ट के दो पद, साइकोलॉजिस्ट के एक पद, कारपेंटर मास्टर के एक पद, पॉलिश मास्टर के एक पद, मास्टर टेलरिंग एंड इम्ब्रायडरी के एक पद और इलेक्ट्रिशियन के एक पद पर तैनाती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। दूसरी ओर, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का कहना है कि केवल अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए पुनर्नियोजन के नाम पर खेल किया जा रहा है, जिससे बुजुर्ग दो-दो माध्यमों से पैसे कमा रहे हैं और युवा बेरोजगार घूम रहे हैं।
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पुनर्नियोजन के नाम पर इन पदों पर रिटायर्ड को मिली तैनाती
चंडीगढ़ प्रशासन में ट्रांसपोर्ट और पर्सनल सेक्रेटरी के पद पर, चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स में शिक्षा संयोजक केपद पर, रूसा कोआर्डिनेटर के पद पर, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में एडिशनल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद पर, एड्स कंट्रोल सोसायटी में निदेशक के पद पर, जीएमएसएच 16 के स्टोर परचेज, स्टेशनरी प्रभारी, मेडिकल बिल रिम्बर्समेंट, आयुष्मान योजना के लिपिक, तीन फार्मासिस्ट के पद पर रिटायर्ड लोगों को नियुक्ति मिली है।
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ये प्रवृत्ति समाज के लिए घातक
मेडिकल एसोसिएशन के सलाहकार डॉ. आरएस बेदी का कहना है कि पुनर्नियोजन पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए। क्योंकि इससे एक ओर तो पेंशनभोगियों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, दूसरी ओर शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहा है। इससे युवा वर्ग में बेरोजगारी के साथ ही तनाव, आत्महत्या और अपराध की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।
ऐसे उदाहरण स्वागत योग्य
गौरतलब है कि एनएचएम के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति के लिए 2019 में पूर्व निदेशक स्वास्थ्य चंडीगढ़ व पंजाब दोनों ने दावेदारी पेश की थी। मोटे वेतन वाले उस पद पर तैनाती के लिए पंजाब के पूर्व निदेशक स्वास्थ्य डॉ. आरके गुप्ता एक रुपये वेतन लेकर काम करने को तैयार थे। हालांकि उस पद के सृजन को लेकर हुए विरोध के कारण रोक लगा दी गई।
कोट
सेवानिवृत्ति के बाद हमें समाज की बेहतरी और सरकार की मदद के लिए कार्य क रना चाहिए। कोशिश होनी चाहिए कि जो युवा बेरोजगार बैठे हैं उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं। -डॉ. आरके गुप्ता, पूर्व निदेशक स्वास्थ्य पंजाब
कोट
जेल विभाग में खाली पड़े 95 पदों को भरने के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया तत्काल नहीं की जा सकती है, इसलिए आउटसोर्स के माध्यम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को रखने के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। -प्रद्युम्न सिंह, एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल