{"_id":"682502492b4110034b0d7b39","slug":"it-was-decided-to-implement-one-way-traffic-in-pu-chandigarh-news-c-16-pkl1043-709138-2025-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पीयू में एकतरफा यातायात लागू करने का निर्णय लिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पीयू में एकतरफा यातायात लागू करने का निर्णय लिया
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय ने 15 मई से यातायात की भीड़ को कम करने के लिए परिसर के प्रमुख शैक्षणिक क्षेत्र में एकतरफा यातायात लागू करने का निर्णय लिया है। यह फैसला विश्वविद्यालय परिसर के भीतर यातायात प्रवाह में सुधार करने और शैक्षणिक क्षेत्रों में साइकिल चलाने और पैदल चलने को प्रोत्साहित करने के लिए लिया है।
एकतरफा यातायात प्रणाली आर्ट्स ब्लॉक से लॉ विभाग और रसायन विज्ञान विभाग से जूलॉजी विभाग के गोल चक्कर तक दो सड़क खंडों पर चारपहिया और दोपहिया दोनों पर लागू होगी। इन दोनों सड़कों पर वाहनों की आवाजाही केवल दक्षिण से उत्तर दिशा यानी आर्ट्स ब्लॉक से लॉ विभाग और रसायन विज्ञान से जूलॉजी विभाग की दिशा में ही होगी।
पीयू प्रवक्ता ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य बेहतर यातायात प्रबंधन, भीड़ को कम करना और छात्रों और कर्मचारियों के बीच पैदल चलने और साइकिल चलाने जैसी स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय इस परीक्षण के प्रभाव की निगरानी करेगा और यदि आवश्यक हो तो आगे और सुधार करने के लिए उचित निर्णय लेगा। आर्किटेक्चर विभाग ने इसकी ड्रॉइंग बनाई है। ट्रायल बेसिस पर सोमवार से तीन सड़कों पर शुरू किया गया। इसका आउटपुट देखते हुए इसका विस्तार अन्य सड़कों पर भी किया जा सकता है। गाड़ियों की स्पीड लिमिट पर भी विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एकतरफा यातायात प्रणाली आर्ट्स ब्लॉक से लॉ विभाग और रसायन विज्ञान विभाग से जूलॉजी विभाग के गोल चक्कर तक दो सड़क खंडों पर चारपहिया और दोपहिया दोनों पर लागू होगी। इन दोनों सड़कों पर वाहनों की आवाजाही केवल दक्षिण से उत्तर दिशा यानी आर्ट्स ब्लॉक से लॉ विभाग और रसायन विज्ञान से जूलॉजी विभाग की दिशा में ही होगी।
विज्ञापन
पीयू प्रवक्ता ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य बेहतर यातायात प्रबंधन, भीड़ को कम करना और छात्रों और कर्मचारियों के बीच पैदल चलने और साइकिल चलाने जैसी स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय इस परीक्षण के प्रभाव की निगरानी करेगा और यदि आवश्यक हो तो आगे और सुधार करने के लिए उचित निर्णय लेगा। आर्किटेक्चर विभाग ने इसकी ड्रॉइंग बनाई है। ट्रायल बेसिस पर सोमवार से तीन सड़कों पर शुरू किया गया। इसका आउटपुट देखते हुए इसका विस्तार अन्य सड़कों पर भी किया जा सकता है। गाड़ियों की स्पीड लिमिट पर भी विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन