{"_id":"662ee50ce4380c8351016367","slug":"it-was-ajit-who-had-taken-the-accused-to-the-forest-after-an-altercation-both-of-them-murdered-them-chandigarh-news-c-16-pkl1043-409087-2024-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: अजीत ही आरोपियों को ले गए थे जंगल में, कहासुनी के बाद दोनों ने कर दी हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: अजीत ही आरोपियों को ले गए थे जंगल में, कहासुनी के बाद दोनों ने कर दी हत्या
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंचकूला में तैनात हरियाणा पुलिस के स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) अजीत कुमार की हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान विकास नगर (पटियाला) निवासी जसविंदर सिंह उर्फ जस्सा और पटियाला के ही ग्राम लंग निवासी रोहन सिंह उर्फ गुल्लू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों दूर के चचेरे भाई हैं और उन पर पहले भी पटियाला में केस दर्ज हैं।
दोनों ने खुलासा किया कि मटका चौक के पास से लिफ्ट देने के बाद एसपीओ उन्हें चंडीगढ़-मोहाली सीमा स्थित पलसोरा के जंगल क्षेत्र में यह कहकर ले गए कि उन्हें उनसे कुछ गुप्त बात करनी है। जंगल में किसी बात पर उनकी कहासुनी हुई। इसके बाद दोनों ने मिलकर एसपीओ अजीत कुमार की हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड लिया है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने वारदात के समय पहने गए आरोपियों के खून से सने कपड़े, मोबाइल फोन, पर्स और अजीत की मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
23 अप्रैल की सुबह करीब साढ़े 6 बजे पलसोरा चौकी से 100 मीटर दूर राम मंदिर के सामने जंगल में पुलिस वर्दी में एसपीओ अजीत का शव बरामद हुआ था। मृत एसपीओ की वर्दी खुली हुई थी। शव के पास से फोरेंसिक एक्सपर्ट्स को कई अहम सुबूत मिले थे। वारदात स्थल के पास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। ऐसे में एसपीओ अजीत कुमार के हाउसिंग बोर्ड नाके से ड्यूटी खत्म कर घर के लिए निकलने के बाद से लेकर मोहाली फेज-6 के गुरुद्वारे तक पहुंचने की जब सीसीटीवी फुटेज निकाली गई तो दो संदिग्ध युवक सामने आए, जिन्हें मटका चौक के पास से एसपीओ अजीत ने लिफ्ट दी थी। मोहाली फेज-6 के गुरुद्वारे के सामने पार्किंग में बाइक खड़ी कर एसपीओ दोनों युवकों के साथ जंगल की ओर गए थे। बाद में दोनों युवक ही लौटकर उनकी बाइक तक आए और बाइक लेकर भाग निकले। इससे पुलिस को दोनों युवकों पर संदेह हुआ और उनकी तलाश शुरू की गई।
विज्ञापन
एसपी क्राइम मृदुल के नेतृत्व में आठ टीमें इस हत्या के खुलासे के लिए जुट गईं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आनंदपुर साहिब से एक शादी समारोह से गिरफ्तार किया। शादी समारोह में दोनों आरोपी वेटर का काम कर रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें आनंदपुर साहिब से पटियाला जाना था और वह ट्रेन में सवार थे लेकिन ट्रेन फतेहगढ़ साहिब में नहीं रुकी, जिसके चलते वह 22 अप्रैल की रात चंडीगढ़ स्टेशन पर उतरे। यहां से ऑटो लेकर दोनों सेक्टर-17 बस स्टैंड पहुंचे। रात में दोनों सेक्टर-17 से मटका चौक होते हुए रोज गार्डन की ओर पैदल जा रहे थे, तभी उन्होंने बाइक से आ रहे एसपीओ अजीत कुमार को रोका। अजीत ने पूछा तो उन्होंने बताया कि वह आनंदपुर साहिब से पटियाला जाना चाहते थे लेकिन ट्रेन बीच वाले स्टेशन पर नहीं रुकी, जिस कारण वह चंडीगढ़ आ गए।
अजीत कुमार दोनों को लिफ्ट देने और गुरुद्वारा साहिब सोहाना तक छोड़ने के लिए राजी हो गए लेकिन वह उन्हें गुरुद्वारा साहिब फेज-6 मोहाली लेकर पहुंचे और वहां पार्किंग में बाइक खड़ी कर दोनों को सेक्टर-56 के पास जंगल में ले गए, जहां लड़ाई के बाद दोनों युवकों ने वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद दोनों आरोपी अजीत का मोबाइल, पर्स व बाइक लेकर भाग निकले। दोनों आरोपी अजीत की बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे थे और मोबाइल फोन भी किसी को बेच दिया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने वारदात में प्रयोग छड़ी चाकू आनंदपुर साहिब से खरीदा था।
विज्ञापन
दोनों ने खुलासा किया कि मटका चौक के पास से लिफ्ट देने के बाद एसपीओ उन्हें चंडीगढ़-मोहाली सीमा स्थित पलसोरा के जंगल क्षेत्र में यह कहकर ले गए कि उन्हें उनसे कुछ गुप्त बात करनी है। जंगल में किसी बात पर उनकी कहासुनी हुई। इसके बाद दोनों ने मिलकर एसपीओ अजीत कुमार की हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड लिया है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने वारदात के समय पहने गए आरोपियों के खून से सने कपड़े, मोबाइल फोन, पर्स और अजीत की मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
विज्ञापन
23 अप्रैल की सुबह करीब साढ़े 6 बजे पलसोरा चौकी से 100 मीटर दूर राम मंदिर के सामने जंगल में पुलिस वर्दी में एसपीओ अजीत का शव बरामद हुआ था। मृत एसपीओ की वर्दी खुली हुई थी। शव के पास से फोरेंसिक एक्सपर्ट्स को कई अहम सुबूत मिले थे। वारदात स्थल के पास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। ऐसे में एसपीओ अजीत कुमार के हाउसिंग बोर्ड नाके से ड्यूटी खत्म कर घर के लिए निकलने के बाद से लेकर मोहाली फेज-6 के गुरुद्वारे तक पहुंचने की जब सीसीटीवी फुटेज निकाली गई तो दो संदिग्ध युवक सामने आए, जिन्हें मटका चौक के पास से एसपीओ अजीत ने लिफ्ट दी थी। मोहाली फेज-6 के गुरुद्वारे के सामने पार्किंग में बाइक खड़ी कर एसपीओ दोनों युवकों के साथ जंगल की ओर गए थे। बाद में दोनों युवक ही लौटकर उनकी बाइक तक आए और बाइक लेकर भाग निकले। इससे पुलिस को दोनों युवकों पर संदेह हुआ और उनकी तलाश शुरू की गई।
विज्ञापन
एसपी क्राइम मृदुल के नेतृत्व में आठ टीमें इस हत्या के खुलासे के लिए जुट गईं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आनंदपुर साहिब से एक शादी समारोह से गिरफ्तार किया। शादी समारोह में दोनों आरोपी वेटर का काम कर रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें आनंदपुर साहिब से पटियाला जाना था और वह ट्रेन में सवार थे लेकिन ट्रेन फतेहगढ़ साहिब में नहीं रुकी, जिसके चलते वह 22 अप्रैल की रात चंडीगढ़ स्टेशन पर उतरे। यहां से ऑटो लेकर दोनों सेक्टर-17 बस स्टैंड पहुंचे। रात में दोनों सेक्टर-17 से मटका चौक होते हुए रोज गार्डन की ओर पैदल जा रहे थे, तभी उन्होंने बाइक से आ रहे एसपीओ अजीत कुमार को रोका। अजीत ने पूछा तो उन्होंने बताया कि वह आनंदपुर साहिब से पटियाला जाना चाहते थे लेकिन ट्रेन बीच वाले स्टेशन पर नहीं रुकी, जिस कारण वह चंडीगढ़ आ गए।
अजीत कुमार दोनों को लिफ्ट देने और गुरुद्वारा साहिब सोहाना तक छोड़ने के लिए राजी हो गए लेकिन वह उन्हें गुरुद्वारा साहिब फेज-6 मोहाली लेकर पहुंचे और वहां पार्किंग में बाइक खड़ी कर दोनों को सेक्टर-56 के पास जंगल में ले गए, जहां लड़ाई के बाद दोनों युवकों ने वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद दोनों आरोपी अजीत का मोबाइल, पर्स व बाइक लेकर भाग निकले। दोनों आरोपी अजीत की बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे थे और मोबाइल फोन भी किसी को बेच दिया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने वारदात में प्रयोग छड़ी चाकू आनंदपुर साहिब से खरीदा था।