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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की टिप्पणी: अगर अभियुक्त ने ईमानदारी दिखाई तो उसे गिरफ्तारी से बचाना अदालत के लिए अनुचित नहीं
Sat, 26 Jun 2021 01:24 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 26 Jun 2021 01:24 AM IST
सार
चेंक बाउंस के एक मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अभियुक्त के ईमानदारी दिखाने पर जमानत देने का फैसला सुनाया है। दरअसल, चेक बाउंस मामले में समझौता होने के बाद याची भुगतान नहीं कर पाई तो अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। इसी फैसले को याची ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चेक बाउंस मामले में भगोड़ा घोषित करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी 50 हजार रुपये जमा करने को तैयार है और ऐसे में अगर याची ईमानदारी दिखा रहा है तो अदालत का उसे गिरफ्तारी से बचाना अनुचित नहीं है।
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फरीदाबाद निवासी प्रिया भाटिया ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में बताया कि उसका रश्मि पाठक से दो लाख रुपये के चेक को लेकर विवाद था। इसके चलते रश्मि ने 7 अप्रैल 2017 को शिकायत दी थी। शिकायत के बाद फरीदाबाद की अदालत ने नेगोशिएबल इंस्टूमेंट एक्ट के तहत उनके खिलाफ समन आदेश जारी कर दिया।
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समन आदेश के अनुरूप याची पेश हुई और उसे जमानत मिल गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच अक्तूबर 2018 में समझौता हो गया। याची ने बताया कि उसके पति को व्यापार में नुकसान हुआ जिसके चलते रकम का भुगतान नहीं हो सका। ऐसे में अदालत ने उसे मई 2019 में भगोड़ा घोषित कर दिया।
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याची ने कहा कि वह शिकायतकर्ता को फिलहाल 50 हजार रुपये देने को तैयार है और इसके लिए उसने डिमांड ड्राफ्ट भी तैयार किया है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर अभियुक्त अपनी ईमानदार मंशा और न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने की इच्छा प्रकट करता है तो उसे गिरफ्तार होने से बचाना न्यायालय के लिए अनुचित नहीं होगा। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने याची को दस दिन के भीतर फरीदाबाद न्यायालय में ड्राफ्ट के साथ पेश होने का आदेश दिया। साथ ही पेश होने की सूरत में उसे जमानत देने का भी आदेश दिया है।