फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   It is compulsory for researchers to get Kovid test, only then they will get place in hostels

शोधार्थियों को कोविड टेस्ट करवाना अनिवार्य, तभी मिलेगी छात्रावासों में जगह

Thu, 29 Oct 2020 01:54 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2020 01:54 AM IST
विज्ञापन
It is compulsory for researchers to get Kovid test, only then they will get place in hostels
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय एक नवंबर से शोधार्थियों के लिए छात्रावास खोलने जा रहा है। बुधवार को शोधार्थियों, कर्मचारियों व मेस संचालकों के लिए गाइडलाइन जारी हो गई हैं। शोधार्थियों को पीयू आने से पहले कोविड टेस्ट कराना जरूरी होगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही छात्रावासों में उन्हें जगह दी जाएगी। सात दिन पहले करवाया हुआ कोविड टेस्ट ही मान्य होगा। इसके अलावा कई अन्य निर्देश भी दिए हैं। कुछ निर्देशों का विद्यार्थी विरोध भी जता रहे हैं। हालांकि उनमें संशोधन हो सकता है।
विज्ञापन

शोधार्थियों को इन नियमों का करना होगा पालन
- अभिभावकों के मोबाइल नंबर छात्रावासों में देने होंगे ताकि आपात स्थिति में घर पर सूचना दी जा सके।
- आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा।
- मास्क लगाना होगा। सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।
- रात 8 बजे के बाद बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।
- बाहरी लोगों से तभी मिला जा सकेगा जब वार्डन की अनुमति होगी।
- सैनिटाइजर साथ में रखना होगा।
- टीवी देखने व एसी चलाने की अनुमति नहीं होगी। कॉमन रूम में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
- किसी भी बीमारी पर वार्डन या पर्यवेक्षक को सूचित करना होगा।
- सार्वजनिक जगहों पर थूकने की मनाही होगी।
कर्मचारियों व मेस संचालकों के लिए निर्देश
- आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा।
- मास्क लगाना होगा और सैनिटाइजर साथ रखना होगा।
- हॉस्टल आने वाले लोगों के तापमान की जांच होगी। तापमान अधिक मिलने पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
- हाथ नहीं मिला सकते और न गले मिल सकते।
- कार्यालय में उपयोग के लिए किन सीटों पर बैठा जाएगा, यह सुनिश्चित करेंगे।
- कार्यालय में कम से कम लोगों की आवाजाही होनी चाहिए।
- छात्रावास के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए।
- उच्च संपर्क सतहों जैसे कि एलेवेटर बटन, हैंडल, पब्लिक काउंटर, इंटरकॉम सिस्टम, टेलीफोन, प्रिंटर/ स्कैनर आदि की दो बार सफाई की जाए।
- छात्रावास परिसर में कहीं भी कर्मचारियों का जमावड़ा नहीं होना चाहिए।
इनका भी करना होगा पालन
- कर्मचारी शौचालय के वॉश बेसिन में ही थूक सकेंगे।
- शौचालयों की दिन में तीन बार नियमित सफाई करवाई होगी।
- सफाई कर्मचारियों को डिस्पोजेबल सुरक्षात्मक दस्ताने पहनने होंगे।
- मेस ठेकेदार अपने कर्मचारियों पर नजर रखे। तबीयत खराब होने पर सूचित करें।
- ठेकेदार अपने श्रमिकों का एक दैनिक स्वास्थ्य बुलेटिन तैयार करेंगे और प्रतिदिन शाम 5 बजे से पहले संबंधित वार्डन को प्रस्तुत करेंगे।
- मेस कार्यकर्ता हमेशा मास्क, दस्ताने, टोपी और साफ कपड़े पहनेंगे और बार-बार हाथ धोएंगे या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करेंगे।
- सब्जियों को सिरका, नमक पाउडर और गर्म पानी से साफ किया जाना चाहिए।
- मेस में सिर्फ पका हुआ खाना ही परोसा जाएगा।
- ठेकेदार यह सुनिश्चित करेगा कि श्रमिक बिना किसी उद्देश्य के विश्वविद्यालय से बाहर न जाएं।
- उपयोग से पहले दूध के पैकेट को साबुन और पानी से धोना चाहिए।
- बाहर से भोजन मंगवाने की अनुमति नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed