खुलासाः कई भारतीय रेलकर्मी आतंकी संगठनों के लिए कर रहे काम, उन्हें पाकिस्तान से आते हैं फोन
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भारतीय रेलवे का खुफिया विभाग सतर्क हो गया है, क्योंकि खुलासा हुआ है कि कई रेल कर्मियों को पाकिस्तान से फोन आते हैं। वे आतंकी संगठनों के लिए काम भी कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर (वैली) में सिग्नल विभाग में तैनात रेल डिवीजन फिरोजपुर के रेलकर्मी मुद्दसर रशीद पुत्र अब्दुल रशीद भट्ट वासी पुलवामा जनवरी 2019 में आतंकी संगठन में शामिल हो गया था। वह रेलवे में अपने कार्यकाल के दौरान भी आतंकी संगठनों के लिए जासूसी करने के अलावा उनकी हर वारदात में मदद करता था।
रेलकर्मी गुरनाम सिंह ने बताया कि कुछ माह पहले उनके मोबाइल फोन पर पाक से कॉल आती थी। उसे कई तरह के लालच दिए जाते थे। इस संबंध में उन्होंने अपने संबंधित अधिकारियों को सूचित किया था। ऐसी कॉल कई रेलकर्मियों को आई थीं। सेना की कौन-कौन सी स्पेशल ट्रेनें इधर से उधर चलती हैं, ऐसी जानकारी पाक उनसे चाहता था। कहीं राम केश्वर मीणा भी ऐसी ही कॉल का शिकार न बन गया हो।
बताया जा रहा है कि अटारी अंतरराष्ट्रीय रेलवे स्टेशन पर कार्यरत गेटमैन मीणा के पास से कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो देश की सुरक्षा से जुड़े हैं। राम केश्वर की 2016 में रेलवे में नौकरी लगी थी और उसे अटारी रेलवे स्टेशन पर प्वाइंट मैन के पद पर 2016 में ही तैनात किया था। ये नौकरी अतिसंवेदनशील है। इस पर रहते हुए पाक या किसी आतंकी संगठन के इशारे पर रेल पटरी में कोई भी खराबी पैदा कर दौड़ती ट्रेन को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर (वैली) के सिग्नल विभाग में तैनात रेल डिवीजन फिरोजपुर के पुलवामा निवासी मुद्दसर रशीद पुत्र अब्दुल रशीद भट्ट चार माह तक गैरहाजिर रहा। इस बीच उसने एके-47 के साथ अपनी फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करके आतंकी बनने की बात स्वीकार कर ली। इस संबंध में गृह मंत्रालय से रेल डिवीजन फिरोजपुर के अधिकारियों को एक पत्र भेजा था और उसके बाद रशीद को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।
अभी तक ये दो मामले सामने आए हैं और पता नहीं ऐसे और कितने मामले होंगे, जिनके बारे में किसी को कोई खबर नहीं है। राम केश्वर का मामला उजागर होने के बाद रेल डिवीजन फिरोजपुर के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। रेल अधिकारी पहले घाटी में तैनात रेलकर्मियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए थे और अब राजस्थान व पंजाब के अलावा सभी रेलकर्मियों पर पैनी नजर रेलवे का खुफिया विभाग रख रहा है।
गौरतलब है कि सुरक्षा एजेंसियों ने अटारी अंतरराष्ट्रीय रेलवे स्टेशन पर कार्यरत एक गेटमैन को पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया। आरोपी राम केशवर मीणा राजस्थान के दौसा का रहने वाला है और वह कई साल से गेटमैन तैनात था। सुरक्षा एजेंसियां अब जांच में जुटी हैं कि जासूसी का यह रैकेट मीणा अकेले चला रहा था या उसके साथ कुछ और लोग भी शामिल हैं।
पिछले महीने भी अटारी सेक्टर के एक गांव में रहने वाले एक फौजी व उसके साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जासूसी रैकेट का पर्दाफाश किया था। अमृतसर (देहाती) पुलिस के एसएसपी बिक्रमजीत सिंह ने कहा कि मीणा के कब्जे से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वीडियो बरामद किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ-साथ पंजाब पुलिस भी मामले की जांच कर रही हैं। मीणा की निशानदेही पर अटारी सेक्टर की कई अति संवेदनशील चौकियों की वीडियो व फोटो भी बरामद की गई हैं।
वह अटारी रेलवे स्टेशन, उसके आसपास के स्टेशन, खासा स्थित बीएसएफ व आर्मी के मुख्यालयों और समझौता एक्सप्रेस की वीडियो आईएसआई को भेज चुका है। इसके अलावा जब भी अटारी रेलवे स्टेशन पर कोई अति महत्वपूर्ण अधिकारी आता था, वह उसकी वीडियो भी पाकिस्तान भेजता था। सुरक्षा एजेंसियों ने दौसा स्थित उसके घर में छापामारी के लिए एक टीम भी रवाना कर दी है।