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ब्रांडेड कंपनियों के चक्कर में बंद है चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का फूड प्लाजा, आईआरसीटीसी ने रखी शर्त
Sat, 25 May 2019 02:03 PM IST
खुशबू गोयल
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 25 May 2019 02:03 PM IST
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन
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सरकारी लापरवाही और अधिकारियों की आधी-अधूरी योजनाओं के चलते रेल यात्रियों के खाने-पीने की सुविधा छिन गई है। मामला चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर बने फूड प्लाजा का है। चंद महीनों तक यात्रियों को यहां मनपसंद व्यंजन मिले और बाद में फूड प्लाजा बंद कर दिया गया। अगस्त 2017 में बंद हुए प्लाजा को शुरू करने के लिए आईआरसीटीसी द्वारा चार बार टेंडर कॉल किया गया, लेकिन कोई भी ब्रांडेड कंपनी आगे नहीं आई। ऐसे में स्टेशन पर रेल यात्रियों को अच्छा फूड स्टाल नहीं मिल रहा है।
आईआरसीटीसी के अधिकारियों की मानें तो टेंडर फीस की दरों में भी कमी की गई है। एक ओर जहां पहले फूड प्लाजा के लिए 15 लाख 51 हजार रुपये टेंडर फीस रखी गई थी, उसे घटाकर 10 लाख 33 हजार रुपये कर दिया था। बावजूद इसके एक भी कंपनी टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आगे नहीं आई। आईआरसीटीसी ने ब्रांडेड कंपनियों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने का फैसला किया था। ब्रांडेड कंपनियां तो आई नहीं, दूसरे लोगों को भी मौका नहीं दिया गया, जिसके चलते फूड प्लाजा पर ताला लग गया।
बता दें कि आईआरसीटीसी ने टेंडर प्रक्रिया के लिए शर्त रखी थी कि जिस कंपनी का दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, बंगलूरू, हैदराबाद जैसे चार महानगरों में आउटलेट होंगे और वो भी रेलवे स्टेशन परिसर से बाहर, उन्हें ही टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा।
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आईआरसीटीसी के अधिकारियों की मानें तो टेंडर फीस की दरों में भी कमी की गई है। एक ओर जहां पहले फूड प्लाजा के लिए 15 लाख 51 हजार रुपये टेंडर फीस रखी गई थी, उसे घटाकर 10 लाख 33 हजार रुपये कर दिया था। बावजूद इसके एक भी कंपनी टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आगे नहीं आई। आईआरसीटीसी ने ब्रांडेड कंपनियों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने का फैसला किया था। ब्रांडेड कंपनियां तो आई नहीं, दूसरे लोगों को भी मौका नहीं दिया गया, जिसके चलते फूड प्लाजा पर ताला लग गया।
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बता दें कि आईआरसीटीसी ने टेंडर प्रक्रिया के लिए शर्त रखी थी कि जिस कंपनी का दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, बंगलूरू, हैदराबाद जैसे चार महानगरों में आउटलेट होंगे और वो भी रेलवे स्टेशन परिसर से बाहर, उन्हें ही टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा।
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रेलवे स्टेशन पर एक भी फूड स्टॉल अच्छा नहीं
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन भले ही वर्ल्ड क्लास स्टेशनों की श्रेणी में शामिल हो गया है, लेकिन यात्रियों की मानें तो स्टेशन पर एक भी खाने का अच्छा फूड स्टाल नहीं है। नतीजा रेल यात्रियों को खोने के लिए दो से चार किमी दूर पंचकूला और फिर चंडीगढ़ जाना पड़ता है। बता दें कि शिमला नजदीक होने के चलते यहां पूरे उत्तर भारत नहीं, बल्कि विदेशी सैलानियों का भी आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में एक अच्छा फूड प्लाजा खुल जाए तो यात्रियों का समय और पैसा दोनों की बचत होगी।
क्या कहते हैं आईआरसीटीसी के मैनेजर
आईआरसीटीसी के मैनेजर सुखविंदर पाल सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के फूड प्लाजा को लेकर पहले कई बार यात्रियों द्वारा शिकायतें मिली थीं। इसलिए आईआरसीटीसी ने फैसला किया कि ब्रांडेड कंपनी को ही फूड प्लाजा का टेंडर अलाट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 6 अगस्त 2013 में पहले चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर फूड प्लाजा के लिए टेंडर हुआ था। अगस्त 2017 में टेंडर समाप्त होने के बाद फूड प्लाजा बंद हो गया था। फरवरी 2019 में चौथी बार टेंडर निकाला गया था, लेकिन एक भी कंपनी सामने नहीं आई।
क्या कहते हैं आईआरसीटीसी के मैनेजर
आईआरसीटीसी के मैनेजर सुखविंदर पाल सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के फूड प्लाजा को लेकर पहले कई बार यात्रियों द्वारा शिकायतें मिली थीं। इसलिए आईआरसीटीसी ने फैसला किया कि ब्रांडेड कंपनी को ही फूड प्लाजा का टेंडर अलाट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 6 अगस्त 2013 में पहले चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर फूड प्लाजा के लिए टेंडर हुआ था। अगस्त 2017 में टेंडर समाप्त होने के बाद फूड प्लाजा बंद हो गया था। फरवरी 2019 में चौथी बार टेंडर निकाला गया था, लेकिन एक भी कंपनी सामने नहीं आई।