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अब नहीं बच पाएंगे हैबिचुअल अपराधी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 17 May 2014 02:45 PM IST
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चोरी की वारदात को बार-बार अंजाम देने वाले हैबिचुअल अपराधियों पर अब अदालत धारा 413 लगा रही है, जिसके चलते इन अपराधियों को तीन से दस साल के बीच सजा हो सकती है।
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इससे पहले हैबिचुअल छोट-छोटे वारदात की दुहाई देकर अदालत से सजा माफ करवा लेते थे। अब अदालत ने सभी अपराधियों का पुराना रिकार्ड लाने के लिए कहा है।
पहले केस में लगी धारा 413
सेक्टर 26 थाना पुलिस ने बापूधाम निवासी मंगा और चंदन को 22 फरवरी 2014 को साइकिल और मोबाइल फोन चोरी में पकड़ा था। दोनों पर पहले भी कई चोरी के मामले दर्ज थे।
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सरकारी वकील मनु कक्कड़ ने अदालत से कहा कि चोरी की वारदात करके दोनों चोर हैबिचुअल हो गए हैं और हर बाद अदालत से कम सजा पाकर छूट जाते है।
उन्होंने मांग की आरोपियों के खिलाफ 379/411 के साथ आईपीसी की धारा 413 भी जोड़ी जाएं। अदालत ने वकील की दलील सुनने के बाद दोनों आरोपियों पर आईपीसी की धारा 413 जोड़ दी है।
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जेल से ही छूट जाते थे अपराधी
चोरी और स्नैचिंग की वारदात करने वाल हैबचुअल अपराधी जेल में ही अपनी सजा माफ करवा लेते थे। आरोपी अपनी जमानत नहीं करवाते थे। जेल की चेकिंग के लिए जब जज अंदर जाते थे तो उनके सामने अपने छोटे क्राइम की दुहाई देते थे और आगे से अपराध न करने का वादा करते थे। इसपर जज उनकी सजा को माफ कर देते थे।