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राज्यसभा चुनाव में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Tue, 14 Jun 2016 08:18 PM IST
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राज्यसभा चुनाव जीतने का जश्न मनाते हुए सुभाष चंद्रा
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा की राज्यसभा सीट पर हुए चुनाव में गड़गड़ी की शिकायत मिलने के बाद अब चुनाव आयोग स्तर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस सिलसिले में मंगलवार को हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय सिंह दहिया व अन्य अधिकारी विधानसभा पहुंचे। उन्होंने विधानसभा में चुनाव से संबंधित तमाम जानकारियां जुटाईं। आयोग की टीम ने कुछ जरूरी साक्ष्य भी एकत्र किए हैं।
चुनाव में मुकाबला भाजपा समर्थित सुभाष चंद्रा और इनेलो समर्थित आरके आनंद के बीच था। इसमें चंद्रा की जीत हुई। हालांकि विपक्षी दलों की ओर से चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगे। साथ ही मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की गई।
केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश पर ही आयोग की टीम मंगलवार को विधानसभा पहुंची। राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी और हरियाणा विधानसभा के सेक्रेटरी आरके नांदल ने बताया कि जांच में वे चुनाव आयोग की हर तरह से मदद करेंगे। बैलट संख्या के बारे में किसी को जानकारी नहीं होती है। मतदान प्रक्रिया पूरी होते ही इससे संबंधित सभी दस्तावेज चुनाव आयोग को भेज दिए गए हैं।
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पेन बदलने की थ्योरी पर मैं कुछ नहीं कह सकता : नांदल
राज्यसभा चुनाव में रिटर्निंग अधिकारी व विधानसभा के सचिव आरके नांदल ने कहा है कि वोटिंग के दौरान पेन के रस्सी से बंधे होने की वजह से इसके बदलने की आशंका काफी कम है। चुनावी प्रक्रिया की विडियोग्राफी में यह भी साफ हो गई है कि किसी विधायक ने मतदान के लिए निर्धारित से अधिक वक्त नहीं लगाए। ऐसे में पेन बदलने की थ्योरी पर मैं कुछ नहीं कह सकता। चुनाव में पेन की स्याही के रंग, निशान बदलने और अन्य दूसरे वजहों से 14 वोट निरस्त किए गए। साफ है कि निरस्त किए जाने वाले वोट अलग-अलग कारणों से निरस्त किए गए। विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत में नांदल ने कहा कि मतदान के दौरान असिस्टेंट रिटर्निंग अधिकारी भी मौजूद थे। मतदान के लिए निर्धारित स्केच पेन और स्याही के रंग के बारे में सभी विधायकों को चुनाव से पहले ही जानकारी दे दी गई थी। स्केच पेन (बैगनी स्याही वाले) के अलावा दूसरे पेन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। वोटिंग से पहले सभी से मोबाइल फोन व पेन ले लिए गए थे। कहां, कैसे, किससे और क्यों गलती हुई, इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है।
शुरुआती दौर में मिला पेन तुरंत हटा दिया गया था
आरके नांदल ने कहा कि चुनाव के शुरुआती दौर में एक पेन मिला था, जिसे तुरंत हटा दिया गया। उस वक्त तक महज पांच-छह वोट ही पड़े थे।
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चुनाव में मुकाबला भाजपा समर्थित सुभाष चंद्रा और इनेलो समर्थित आरके आनंद के बीच था। इसमें चंद्रा की जीत हुई। हालांकि विपक्षी दलों की ओर से चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगे। साथ ही मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की गई।
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केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश पर ही आयोग की टीम मंगलवार को विधानसभा पहुंची। राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी और हरियाणा विधानसभा के सेक्रेटरी आरके नांदल ने बताया कि जांच में वे चुनाव आयोग की हर तरह से मदद करेंगे। बैलट संख्या के बारे में किसी को जानकारी नहीं होती है। मतदान प्रक्रिया पूरी होते ही इससे संबंधित सभी दस्तावेज चुनाव आयोग को भेज दिए गए हैं।
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पेन बदलने की थ्योरी पर मैं कुछ नहीं कह सकता : नांदल
राज्यसभा चुनाव में रिटर्निंग अधिकारी व विधानसभा के सचिव आरके नांदल ने कहा है कि वोटिंग के दौरान पेन के रस्सी से बंधे होने की वजह से इसके बदलने की आशंका काफी कम है। चुनावी प्रक्रिया की विडियोग्राफी में यह भी साफ हो गई है कि किसी विधायक ने मतदान के लिए निर्धारित से अधिक वक्त नहीं लगाए। ऐसे में पेन बदलने की थ्योरी पर मैं कुछ नहीं कह सकता। चुनाव में पेन की स्याही के रंग, निशान बदलने और अन्य दूसरे वजहों से 14 वोट निरस्त किए गए। साफ है कि निरस्त किए जाने वाले वोट अलग-अलग कारणों से निरस्त किए गए। विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत में नांदल ने कहा कि मतदान के दौरान असिस्टेंट रिटर्निंग अधिकारी भी मौजूद थे। मतदान के लिए निर्धारित स्केच पेन और स्याही के रंग के बारे में सभी विधायकों को चुनाव से पहले ही जानकारी दे दी गई थी। स्केच पेन (बैगनी स्याही वाले) के अलावा दूसरे पेन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। वोटिंग से पहले सभी से मोबाइल फोन व पेन ले लिए गए थे। कहां, कैसे, किससे और क्यों गलती हुई, इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है।
शुरुआती दौर में मिला पेन तुरंत हटा दिया गया था
आरके नांदल ने कहा कि चुनाव के शुरुआती दौर में एक पेन मिला था, जिसे तुरंत हटा दिया गया। उस वक्त तक महज पांच-छह वोट ही पड़े थे।