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गीता जयंतीः ब्रह्मसरोवर पर बनी गुफा में आइए, बहुत कुछ देखने को मिलेगा

Sun, 04 Dec 2016 05:20 PM IST
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा) Updated Sun, 04 Dec 2016 05:20 PM IST
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international geeta jayanti festival at brahmsarovar in kurukshetra of haryana
ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के उपलक्ष्य में ब्रह्मसरोवर पर एक कृत्रिम गुफा बनाई गई है, जिसमें पुरातन काल की कई चीजें देखने को मिलेंगी। यह गुफा ज्ञान और विचार की है। इस गुफा में विभिन्न मजहबों को मानने वाले उन महान सख्शियतों के वे विचार प्रदर्शित किए गए हैं, जिसका अनुभव गीता पढ़ने के बाद हुआ। यदि इस कृत्रिम गुफा में आप प्रवेश करेंगे तो गीता के प्रति इन महान सख्शियतों का नजरिया आपके सामने होगा।
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साथ ही आपका मन गीता का सार और गीता का रहस्य जानने का भी होगा। यकीनन इस गुफा में प्रदर्शित किए गए संदेशों को अगर आत्मसात किया जाए तो ना केवल जीवन छाया अज्ञानता का अंधेरा मिट सकता है, बल्कि एक श्रेष्ठता के पथ पर कदम अग्रसर होंगे। उल्लेखनीय है कि ब्रह्मसरोवर की परिक्रमा में यह कृत्रिम गुफा जीओ संस्था ने महाराष्ट्र के कारीगरों से तैयार कराई है।
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सरोवर की परिक्रमा का गलियारा कभी गुफा का रूप भी ले सकता है, यह प्रयोग पहली बार इंटरनेशनल गीता जयंती उत्सव में हुआ है। शुक्रवार को जब मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने किया तो वे भी अविभूत हुए बिना नहीं रहे। इस गुफा को तैयार करने का कार्य पिछले 15 दिनों से युद्ध स्तर पर जारी था। हालांकि इसे तैयार करने वाले कारीगरों की माने तो यह अब अब तक उनकी सबसे तीव्र गति थी जब करीब 800 फुट लंबी इस कृत्रिम गुफा को केवल दो सप्ताह में तैयार किया गया, जबकि इतने लंबे कार्य के लिए उन्हें एक महीनें से 25 दिन तक का वक्त चाहिए थे।
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उक्त गुफा को तैयार करने वाली एजेंसी के संचालक महाराष्ट्र लातूर वासी अजय का कहना है कि यह भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गीता में दिए कर्म के संदेश का ही परिणाम है कि उनकी 50 लोगों की टीम इस कार्य को समय पर पूरा करने में सफल रही। हालांकि इस कार्य के दौरान उनके एक साथी के बीमार होने और अस्पताल में जाने से भी कुछ परेशानी पैदा हुई थी, मगर उनकी पूरी टीम लक्ष्य को साधने में कामयाब रही।

24 घंटे में 10 हजार से ज्यादा लोगों ने किया अवलोकन

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ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती महोत्सव
ब्रह्मसरोवर तट की परिक्रमा में बनाई गई कृत्रिम गुफा का अवलोकन गीता जयंती क्राफ्ट और सरस मेले में घूमने आए हजारों लोगों ने किया है। जीओ संस्था के प्रतिनिधि एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य विजय नरुला ने बताया कि इस गुफा का अवलोकन करने के लिए अब तक करीब 12 हजार लोग आ चुके हैं और 11 दिसंबर तक लाखों लोगों के अवलोकन करने की उम्मीद है।

गुफा में संदेश के अलावा 10 अवतार और बुद्ध
अजंता एलोरा की गुफाओं की तरह ब्रह्मसरोवर पर बनाई गई कृत्रिम गुफा को भी ठीक वैसी ही डिजाइन किया गया है। इस गुफा में जहां 160 विचारकों, दाशर्निंकों के गीता पर दिए विचारों प्रदर्शित किये गए हैं, वहीं गुफाओं पर भगवान विष्णु के दस अवतारों और महात्मा बुद्ध की प्रतिमाओं को ढाला गया है। देखने में सभी प्रतिमाएं काफी आकर्षक हैं, अंदाजा गुफा के बाहर बनी मूर्तियों के देखकर ही हो जाता है।

 

उत्तरी तट पर ढेरु गाथा गायन ने बांधा समां

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ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती महोत्सव
प्रदेश की लोक कला और संस्कृति की लुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी कई विधाएं अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। इस महोत्सव में ढेरु गायन गाथा, बाजीगर कला और कच्ची घोड़ी जैसी लोक कलाओं को ब्रह्मसरोवर तट पर देख जहां अनेकों लोग पहली बार इनका आनंद ले रहे है तो वहीं कुछ लोगों को इन विधाओं की यादें तरोताजा हो रही है।

इस महोत्सव से न केवल लोक संस्कृति को जीवंत रखने का प्रयास सरकार की तरफ से किया जा रहा है बल्कि लोक कलाकारों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे है। इस महोत्सव में 12 प्रदेशों की लोक कला को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। इन 12 प्रदेशों के उन लोक नृत्यों को कलाकार प्रस्तुत कर रहे है, जो लोक कला लुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है।

महोत्सव के शिल्प मेले के तीसरे दिन हरियाणा के जींद जिला के गांव बराह खुर्द के लोक कलाकार परमजीत, बलवारा, प्रकाश, हैप्पी, अक्षय, वजीर ने ब्रह्मसरोवर के उत्तरी तट पर ढेरु गाथा गायन की प्रस्तुती देकर पर्यटकों को झूमने पर मजबूर  कर दिया।

स्वैप मशीनों और पेटीएम से की जा रही खरीददारी

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गीता जयंती में क्राफ्ट मेला शुरू
नोटबंदी के चलते गीता जयंती समारोह के दौरान शिल्प व सरस मेले में अधिकतर शिल्पकारों ने स्वैप मशीनों व पेटीएम की सुविधा भी खरीददारों को उपलब्ध करवाई है। हालांकि अनेकों लोग इन सुविधाओं से खरीददारी करने में संकोच करते दिखाई दिए तो वहीं अनेकों लोगों ने इसकी सराहना भी की। शिल्प और सरस मेले में पर्यटकों ने शनिवार को जमकर खरीददारी की जबकि पर्यटक ब्रह्मसरोवर के तट पर हल्की धूप में विभिन्न प्रदेशों के व्यंजनों का स्वाद चख रहे थे।

राजीव शर्मा ने किया महोत्सव में भ्रमण
हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष के संयोजक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राजीव शर्मा ने गीता जयंती महोत्सव में स्वर्ण जयंती के प्रचार-प्रसार को लेकर भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सरस और शिल्प मेले में शिल्पकारों से  बातचीत की तथा प्रचार-प्रसार की सामग्री पर स्वर्ण जयंती लोगों व इससे संबंधित प्रचार-प्रसार का भी निरीक्षण किया। इसके उपरांत संयोजक राजीव शर्मा ने मीडिया सेंटर का अवलोकन करते हुए कहा कि हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष का सबसे बड़ा समारोह अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव है।

ताऊ ने ई-रिक्शा में बैठकर किया मेले का अवलोकन
प्रशासन की तरफ से बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों के लिए शिल्प व सरस मेले का अवलोकन  करने के लिए विशेष ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध करवाई है। इस ई-रिक्शा पर  सवार होकर बुजुर्ग शिल्प मेले का अवलोकन सहजता से कर रहे है।
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