{"_id":"69bee459edbd105a660e250f","slug":"international-conference-on-microbiology-at-pu-emphasis-on-benefiting-society-through-research-chandigarh-news-c-16-pkl1079-976417-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पीयू में माइक्रोबायोलॉजी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, शोध से समाज को लाभ पहुंचाने पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पीयू में माइक्रोबायोलॉजी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, शोध से समाज को लाभ पहुंचाने पर जोर
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में माइक्रोजेन फ्यूचरिस्टिका-2026 नामक दूसरा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय माइक्रोबियल इनोवेशन: स्थानीय चुनौतियां, वैश्विक समाधान थ। इसमें यह समझने पर जोर दिया गया कि सूक्ष्म जीवों पर आधारित शोध को कैसे आम लोगों के काम आने वाले समाधान में बदला जा सकता है।
सम्मेलन का उद्घाटन प्रो. अश्वनी पारिख ने किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय की रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की निदेशक प्रो. मीनाक्षी गोयल और डॉ. स्नेह लता पारिख विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। वक्ताओं ने कहा कि माइक्रोबायोलॉजी का शोध नए आविष्कारों को बढ़ावा देने, उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग मजबूत करने और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाता है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन गुप्ता ने बताया कि इस सम्मेलन में देशभर के विभिन्न संस्थानों से 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञों ने अपने शोध और अनुभव साझा किए। साथ ही स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़े विशेष सत्र भी आयोजित किए गए। इनमें बताया गया कि वैज्ञानिक शोध को कैसे व्यावसायिक रूप दिया जा सकता है। रजिस्ट्रार प्रो. वाईपी वर्मा और पीआई-राही निदेशक प्रो. रजत संधीर ने विभाग के प्रयासों की सराहना की।
विज्ञापन
सम्मेलन का उद्घाटन प्रो. अश्वनी पारिख ने किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय की रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की निदेशक प्रो. मीनाक्षी गोयल और डॉ. स्नेह लता पारिख विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। वक्ताओं ने कहा कि माइक्रोबायोलॉजी का शोध नए आविष्कारों को बढ़ावा देने, उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग मजबूत करने और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाता है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन गुप्ता ने बताया कि इस सम्मेलन में देशभर के विभिन्न संस्थानों से 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञों ने अपने शोध और अनुभव साझा किए। साथ ही स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़े विशेष सत्र भी आयोजित किए गए। इनमें बताया गया कि वैज्ञानिक शोध को कैसे व्यावसायिक रूप दिया जा सकता है। रजिस्ट्रार प्रो. वाईपी वर्मा और पीआई-राही निदेशक प्रो. रजत संधीर ने विभाग के प्रयासों की सराहना की।
विज्ञापन