फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Insurance companies came out against privatization

निजीकरण के विरोध में उतरीं बीमा कंपनियां

Thu, 18 Mar 2021 09:19 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 18 Mar 2021 09:19 PM IST
विज्ञापन
Insurance companies came out against privatization
चंडीगढ़। नॉर्थ जोन इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन ने वीरवार को सेक्टर-17 स्थित जीवन प्रकाश बिल्डिंग के सामने निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र की चार बीमा कंपनियों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन

एसोसिएशन के प्रधान राजीव सहगल ने कहा कि 1956 से पहले 246 निजी कंपनियां थीं, जो घाटा दिखाकर जनता का पैसा खा जाती थी। इसके बाद सरकार ने बीमा कंपनियों को शुरू किया। तब से लेकर आज तक इन बीमा कंपनियों ने देश के विकास में समग्र योगदान दिया है। रेलवे, शेयर मार्केट, बैंक के साथ-साथ अन्य विभागों के घाटे में जाने पर इन बीमा कंपनियों ने मदद की है। इन कंपनियों में गरीब जनता की छोटी बचत जमा है। यदि इनका निजीकरण कर दिया जाएगा तो यह आम जनता के साथ धोखा होगा।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के बाद सरकार को हर महीने दो लाख करोड़ का फायदा हो रहा है। उसके बावजूद सरकार सार्वजनिक क्षेत्र को बेचकर पौने दो लाख करोड़ हासिल करना चाहती है। पेट्रोल से जब मुनाफा हो रहा है तो इन बीमा कंपनियों को किसके लिए बेचा जा रहा है। कर्मचारियों ने अगस्त 2017 से लंबित वेतन को शीघ्र निपटाने, पेंशन अपडेटेशन, 30 प्रतिशत सीमा के बिना एक समान परिवार पेंशन और 1995 पेंशन सीमा की बहाली की मांग को उठाया। इस मौके पर मौजूद हरीमल ठाकुर, गुरबीर सिंह, संजीव कुमार, मनजीत सिंह, राजेश कुमार और जेपी शर्मा समेत कई कर्मचारी नेताओं ने सामान्य बीमा क्षेत्र में एफडीआई में 49 से 74 प्रतिशत तक की वृद्धि का विरोध किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed